Loan App Ban: इन डिजिटल लेंडिग ऐप्स से सरकार हटाएगी बैन, जानिए क्या है वजह?

Loan App Ban: इन फाइनेंशियल टेक्नोलॉजी कंपनियों द्वारा चीजें साफ करने के बाद इनसे प्रतिबंध हटाने का फैसला किया गया है.
Loan App Ban: इन डिजिटल लेंडिग ऐप्स से सरकार हटाएगी बैन, जानिए क्या है वजह?

मनी लॉन्ड्रिंग में शामिल थे वेबसाइट और ऐप. (Image- Pixabay)

Loan App Ban: सरकार फाइनेंस टेक्नोलॉजीकंपनियों LazyPay और Kissht से प्रतिबंध हटाएगी. सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने इन कंपनियों के ऐप को अपनी प्रमाणिकता साबित करने के लिए 48 घंटे का समय दिया था. भाषा की खबर के मुताबिक, एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने यह जानकारी देते हुए कहा कि इन फाइनेंशियल टेक्नोलॉजी कंपनियों द्वारा चीजें साफ करने के बाद इनसे प्रतिबंध हटाने का फैसला किया गया है.

सरकार ने पिछले हफ्ते 232 ऐप को किया बैन

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आपको बता दें कि सरकार ने पिछले हफ्ते चीन और अन्य देशों की इकाइयों के 232 ऐप को प्रतिबंधित करने का आदेश दिया था. दांव लगाने, जुआ और अनधिकृत तरीके से कर्ज सुविधा देने को लेकर ये प्रतिबंध लगाये गये थे. सूत्रों ने बताया कि सरकार प्रतिबंधित वेबसाइट और ऐप की सूची में शामिल LazyPay और Kissht से प्रतिबंध हटाएगी. इन ऐप ने सरकार के समक्ष अपनी स्थिति साफ कर दी है. एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने भी इस घटनाक्रम की पुष्टि की.

मनी लॉन्ड्रिंग में शामिल थे वेबसाइट और ऐप

बता दें कि इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने गृह मंत्रालय के नोडल अधिकारी के दांव लगाने और जुए में शामिल 138 वेबसाइट और लोन देने वाले 94 ऐप पर आपातकालीन अनुरोध पर शनिवार को इन्हें बैन करने का आदेश जारी किया. ये मनी लॉन्ड्रिंग (Money Laundering) में शामिल थे और देश की वित्तीय सुरक्षा के लिये खतरा थे.

जिन इकाइयों पर पाबंदी लगायी गई थी उनमें उनमें वित्तीय प्रौद्योगिकी कंपनियां lazypay, इंडियाबुल्स होम लोन और Kissht शामिल थीं. बैन की लिस्ट में शामिल वेबसाइट में बडीलोन डॉट कॉम, कैशटीएम डॉट इन, फेयरसेन्ट डॉट कॉम, ट्रु बैलेंस डॉट एन डॉट अपटॉउन डॉट कॉम और एम पॉकेट डॉट एन डॉट अपटाउन डॉट कॉम शामिल हैं.

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