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Budget 2026

LIVE BLOG

बजट के बड़े ऐलान

Capex

₹12.2 लाख करोड़ के कैपेक्स का प्रस्ताव

फाइनेंशियल ईयर 2026-27 के लिए कैपिटल एक्सपेंडिचर को बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपए करने का ऐलान किया है. इसके जरिए सरकार की कोशिश बड़े इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट पर फोकस कर देश में विकास दर और रोजगार को बढ़ाना है.

Manufacturing

मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर पर जोर

मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को आत्मनिर्भर बनाने पर फोकस. सेमीकंडक्टर मिशन के तहत ISM 2.0 लॉन्च करने का ऐलान. इलेक्ट्रॉनिक्स पार्ट्स मैन्युफैक्चरिंग के लिए करीब 40,000 करोड़ रुपये का प्रस्ताव. रेयर अर्थ मैग्नेट कॉरिडोर और तीन नए केमिकल पार्क बनाने की योजना.

Fiscal deficit

फिस्कल डेफिसिट का लक्ष्य

इस बार बजट में वित्त मंत्री ने फिस्कल प्रूडेंस पर फोकस किया. FY2026-27 के लिए फिस्कल डेफिसिट का लक्ष्य GDP के मुकाबले  4.3% पर रखने का प्रस्ताव रखा गया है. वहीं FY26 में वित्तीय घाटा GDP का 4.4% रहने का अनुमान है. 

STT on Future& Option

F&O ट्रेडिंग महंगी!

अब वायदा बाजार में ट्रे़डिंग करना महंगा होगा. पहले फ्यूचर्स में ट्रेडिंग करने पर 0.02 फीसदी का टैक्स लगता था लेकिन अब इसे बढ़ाकर 0.05 फीसदी कर दिया है. इसके अलावा, बायबैक पर कैपिटल गैन टैक्स लगाने का भी प्रस्ताव रखा है.

Pharma, BioPharma Plan

फार्मा, बायोफार्मा और हेल्थ पर ध्यान

बायोफार्मा सेक्टर के लिए अगले 5 साल में करीब 10,000 करोड़ रुपये के आवंटन का ऐलान. ग्लोबल स्टैंडर्ड का ड्रग रेगुलेटर, मेडिकल टूरिज्म के लिए पांच हब विकसित करना और आयुर्वेद के तीन ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट खोलने की योजना पर जोर.

MSME and Textile

MSME और टेक्सटाइल पर प्रस्ताव

SME ग्रोथ फंड के लिए 10,000 करोड़ रुपये और आत्मनिर्भर फंड के लिए 2,000 करोड़ रुपये का आवंटन. कॉरपोरेट्स के लिए TReDs प्राइसिंग बेंचमार्क और SME के लिए नई क्रेडिट गारंटी सपोर्ट स्कीम. वहीं हैंडीक्राफ्ट सेक्टर के लिए महात्मा गांधी खादी स्वराज स्कीम का प्रस्ताव. 

LIVE BLOG

Union Budget 2026-27 LIVE: बाजार को झटका, किसान को भरोसा, रिफॉर्म्स का वादा और टैक्सपेयर्स खाली हाथ, गरीब से ग्रोथ का पूरा रोडमैप- पढ़ें लेटेस्ट अपडेट्स

10:22 PM

Budget 2026: एडुटेक सेक्टर ने क्या कहा बजट पर 

  • सॉलिटेयर ग्रुप की चीफ डॉ. रम्या चटर्जी ने कहा, " देश के इलेक्ट्रॉनिक्स और टेक्नोलॉजी मैन्युफैक्चरिंग एरिया को इस तरह के नीतिगत प्रोत्साहन की साफ दरकार थी.
  • केंद्रीय बजट 2026 ने इसी कमी को दूर करने की ठोस शुरुआत की है. इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट्स (पुर्जों) के निर्माण पर विशेष जोर देना काफी महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह वैल्यू एडिशन को मजबूत करता है.
  • एडुटेक सेक्टर के लिए समान रूप से महत्वपूर्ण एक 'हाई पावर्ड एजुकेशन टू एम्प्लॉयमेंट एंड एंटरप्राइज स्टैंडिंग कमेटी' स्थापित करने का प्रस्ताव है.
  • जैसे-जैसे इलेक्ट्रॉनिक्स और डिजिटल प्रौद्योगिकियां अधिक जटिल होती जा रही हैं, भविष्य की प्रतिस्पर्धात्मकता उद्योग और शिक्षा जगत के बीच सहयोग की गहराई और भविष्य के लिए तैयार कौशल की उपलब्धता पर निर्भर करेगी.

06:48 PM

शिक्षा और स्किलिंग से बनेगा फ्यूचर-रेडी भारत

Avanse Financial Services के MD और CEO अमित गैंडा का कहना है कि यूनियन बजट 2026 ग्रोथ, इन्क्लूसिव डेवलपमेंट और लॉन्ग-टर्म इकोनॉमिक मजबूती के बीच संतुलित दृष्टिकोण पेश करता है. रोजगार-आधारित विकास, प्राइवेट सेक्टर भागीदारी और लोगों में निवेश सरकार की फ्यूचर-रेडी इकोनॉमी की मंशा दिखाते हैं. उच्च व मेडिकल शिक्षा क्षमता बढ़ाना, स्किलिंग व AI के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, अटल टिंकरिंग लैब्स और हर जिले में गर्ल्स हॉस्टल जैसे कदम शिक्षा तक पहुंच और महिलाओं की भागीदारी को मजबूत करेंगे. शिक्षा-वर्कफोर्स अलाइनमेंट और एजुकेशन रेमिटेंस पर TCS में कटौती युवाओं को ग्रोथ ड्राइवर बनाने में मदद करेगी.

06:47 PM

मैन्युफैक्चरिंग और आत्मनिर्भरता को मिला ठोस आधार

पोलो एलिवेटर्स के चेयरमैन उमंग बंसल का कहना है कि यूनियन बजट 2026 मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए दूरदर्शी और प्रोत्साहन देने वाला है. सात स्ट्रेटेजिक सेक्टर्स, चैंपियन MSME पर फोकस और 10,000 करोड़ रुपये का SME ग्रोथ फंड इंडस्ट्रियल इकोसिस्टम को मजबूत करेगा. स्किल डेवलपमेंट और नए बाजारों तक पहुंच से मैन्युफैक्चरर्स टेक्नोलॉजी अपग्रेड कर ग्लोबल लेवल पर प्रतिस्पर्धा कर सकेंगे. इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट्स स्कीम को 40,000 करोड़ तक बढ़ाना और इंफ्रास्ट्रक्चर इक्विपमेंट पर जोर घरेलू इनोवेशन, मजबूत सप्लाई-चेन और क्वालिटी रोजगार को बढ़ावा देगा, जिससे 7 ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी के लक्ष्य को गति मिलेगी.

06:35 PM

क्लीन एनर्जी मैन्युफैक्चरिंग को मिलेगा बड़ा बूस्ट

फुजियामा पावर सिस्टम्स लिमिटेड के फाउंडर और JMD पवन गर्ग का कहना है कि यूनियन बजट 2026 में कस्टम ड्यूटी से जुड़े रणनीतिक फैसले भारत के क्लीन एनर्जी लक्ष्यों को तेज़ी से आगे बढ़ाएंगे. बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम और सोलर ग्लास में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल पर कैपिटल गुड्स छूट से घरेलू मैन्युफैक्चरिंग लागत घटेगी. न्यूक्लियर पावर प्रोजेक्ट्स के लिए अनिश्चितकालीन ड्यूटी छूट कोयला-मुक्त ऊर्जा स्रोतों के प्रति सरकार की मजबूत प्रतिबद्धता दिखाती है. ये नीतियां निवेश बढ़ाकर प्रोजेक्ट लागत कम करेंगी और देश की एनर्जी सिक्योरिटी को मजबूत बनाएंगी.

06:32 PM

सेमीकंडक्टर और MSME पर स्ट्रक्चरल फोकस

करणजावाला एंड कंपनी की पार्टनर मनमीत कौर का कहना है कि सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 यह संकेत देता है कि भारत अब केवल चिप असेंबली नहीं, बल्कि रणनीतिक मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बनाने को लेकर गंभीर है. 40,000 करोड़ रुपये की प्रतिबद्धता भरोसा बढ़ाती है, हालांकि इसकी सफलता तेजी से एक्सीक्यूशन और मजबूत इकोसिस्टम पर निर्भर करेगी. MSMEs के लिए इक्विटी सपोर्ट, सेल्फ-रिलायंस फंडिंग और लिक्विडिटी उपायों का तीन-स्तरीय दृष्टिकोण उनकी संरचनात्मक चुनौतियों को पहचानता है. वहीं मेट्रो से बाहर टियर-II, टियर-III और धार्मिक शहरों में इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश संतुलित क्षेत्रीय विकास की दिशा में अहम कदम है.

06:31 PM

MSMEs बनेंगे विकास की नई ताकत, निवेश के लिए अनुकूल माहौल

रुकम कैपिटल की फाउंडर और मैनेजिंग पार्टनर अर्चना जहागीरदार का कहना है कि बजट 2026 में MSMEs को विकसित भारत 2047 की रीढ़ के रूप में देखा गया है. 10,000 करोड़ रुपये का डेडिकेटेड MSME फंड और सेल्फ रिलायंट इंडिया फंड में 2,000 करोड़ रुपये का टॉप-अप उद्यमियों को R&D और इनोवेशन स्केल करने का अवसर देगा. इनवॉइसिंग प्लेटफॉर्म, क्रेडिट गारंटी और कॉर्पोरेट मित्रा जैसे लिक्विडिटी उपाय खासकर टियर-II और टियर-III शहरों में MSMEs को नए ग्रोथ इंजन के रूप में स्थापित करेंगे.

अर्चना जहागीरदार का कहना है कि FEMA नॉन-डेब्ट रूल्स की समीक्षा और NBFC व बैंकिंग सुधारों पर नया विजन भारत को अधिक मॉडर्न और इन्वेस्टर-फ्रेंडली फाइनेंशियल इकोसिस्टम की ओर ले जाता है. रेगुलेशन, स्केल और टेक्नोलॉजी को विकास के अगले चरण से जोड़कर यह बजट मजबूत कैपिटल फॉर्मेशन, संस्थागत मजबूती और लॉन्ग-टर्म सस्टेनेबल ग्रोथ की ठोस नींव रखता है.

06:29 PM

06:26 PM

इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपर्स को मिला मजबूत भरोसा

परसेप्टिव आइडियाज़ के फाउंडर और प्रिंसिपल कंसल्टेंट अजय गुप्ता का कहना है कि बजट 2026 इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपर्स के लिए बेहद सकारात्मक संकेत लेकर आया है. 12.2 लाख करोड़ रुपये का कैपेक्स सरकार की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता दिखाता है. टियर-II और टियर-III शहरों में निवेश से नए बाजार खुलेंगे और आर्थिक विस्तार को गति मिलेगी. इंफ्रास्ट्रक्चर रिस्क गारंटी फंड निर्माण के दौरान आने वाली वित्तीय चुनौतियों का समाधान करता है, जबकि InVITs, REITs और संस्थागत सपोर्ट बड़े प्रोजेक्ट्स के लिए जरूरी संसाधन उपलब्ध कराते हैं. यह बजट सरकार और कंस्ट्रक्शन सेक्टर के बीच सच्ची साझेदारी को दर्शाता है.

06:19 PM

MSME और इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए मजबूत आधार बनाता बजट

डायनामिक ऑर्बिट्स के फाउंडर और मैनेजिंग डायरेक्टर बीएल बजाज का कहना है कि बजट 2026 भारत के MSME सेक्टर और औद्योगिक इकोसिस्टम के लिए एक सकारात्मक और दूरदर्शी कदम है. 10,000 करोड़ रुपये का SME ग्रोथ फंड और 2,000 करोड़ रुपये का सेल्फ रिलायंट इंडिया फंड MSME की सबसे बड़ी परेशानी, यानी समय पर पूंजी और कैश फ्लो की समस्या, को सीधे हल करता है. लिक्विडिटी, पारदर्शिता और कंप्लायंस को आसान बनाने वाले फैसले कारोबार को जिम्मेदारी के साथ बढ़ने और रोजगार पैदा करने का भरोसा देते हैं. वहीं 12.2 लाख करोड़ रुपये का कैपेक्स और इंफ्रास्ट्रक्चर रिस्क गारंटी फंड भविष्य की अर्थव्यवस्था के लिए सरकार की लंबी प्रतिबद्धता दिखाते हैं.

06:18 PM

स्टार्टअप और MSME के लिए भरोसेमंद रोडमैप पेश करता बजट

मुंबई के वेंचर कैपिटल और मल्टी-एसेट इनवेस्टमेंट फर्म BizDateUp के ग्रुप मैनेजिंग डायरेक्टर जीत मुकेश चंदन का कहना है कि बजट 2026 नीतिगत स्थिरता और समावेशी, लंबे समय के विकास का साफ विजन दिखाता है. 7 प्रतिशत की स्थिर ग्रोथ और गरीबी में आई कमी की मजबूत बुनियाद पर यह बजट अगले सुधारों का रास्ता खोलता है. इंफ्रास्ट्रक्चर रिस्क गारंटी फंड, 10,000 करोड़ रुपये का SME ग्रोथ फंड और सेल्फ रिलायंट इंडिया फंड को बढ़ावा स्टार्टअप्स और MSME के लिए क्रेडिट फ्लो आसान बनाएगा. TReDS, GeM लिंकिंग और लिक्विडिटी सुधार निवेशकों को भरोसा देते हैं कि भारत में स्केलेबल और टिकाऊ उद्यमिता का मजबूत माहौल बन रहा है.

06:14 PM

डिजिटल भारत और स्टार्टअप इकोसिस्टम को रफ्तार देता बजट

इंटरैक्ट ग्रुप के CEO और को-फाउंडर भानु प्रताप सिंह तंवर का कहना है कि बजट 2026 भारत को ग्लोबल टेक्नोलॉजी और इनोवेशन हब बनाने की दिशा में मजबूत आधार तैयार करता है. AI, गेमिंग और AVGC सेक्टर पर सरकार का लगातार फोकस और डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर व स्किलिंग में निवेश से भारतीय स्टार्टअप्स सिर्फ टेक्नोलॉजी अपनाने वाले नहीं, बल्कि टेक्नोलॉजी बनाने वाले बन रहे हैं. युवा शक्ति को केंद्र में रखकर बना यह इकोसिस्टम भारतीय स्टार्टअप्स को लोकल जरूरतों से जुड़े, लेकिन ग्लोबल स्तर पर प्रतिस्पर्धी प्रोडक्ट और प्लेटफॉर्म तैयार करने का मौका देगा.

06:05 PM

प्रिवेंटिव और इंटीग्रेटिव हेल्थकेयर की ओर बढ़ता बजट

आईथ्राइव के सीओओ, अविनाश देशमुख का कहना है कि बजट 2026 हेल्थकेयर को बीमारी के इलाज से आगे बढ़ाकर प्रिवेंशन पर केंद्रित करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है, खासकर नॉन कम्युनिकेबल डिजीज को लेकर. बायोसिमिलर और पेप्टाइड आधारित इलाज जैसी नई तकनीकों पर फोकस भविष्य के लिए अहम है. केयर को अस्पतालों से समुदाय तक ले जाने और AHPs की ट्रेनिंग से सिस्टम मजबूत होगा. हालांकि, असली चुनौती जमीनी स्तर पर बेहतर क्रियान्वयन की है. अगर सरकार लंबे समय से इस क्षेत्र में काम कर रही कंपनियों को फाइनेंस और टैक्स में सहारा दे, तो भारत इंटीग्रेटिव हेल्थकेयर का ग्लोबल हब बन सकता है.

06:03 PM

ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और टेक्नोलॉजी पर फोकस करता बजट

एचआरआईपीएल के सीईओ और एमडी, धीरज अरोड़ा का कहना है कि बजट 2026 सरकार के सुधार और विकास एजेंडे को आगे बढ़ाने वाला कदम है. इसमें ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, मैन्युफैक्चरिंग, MSME को सपोर्ट और लंबे समय तक रोजगार सृजन पर साफ फोकस दिखता है. इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश के साथ वित्तीय अनुशासन बनाए रखना इस बजट की बड़ी ताकत है. नए इनकम टैक्स सिस्टम में स्लैब बदलने के बजाय नियम और प्रक्रियाएं आसान करने से कारोबारियों को राहत मिलेगी. साथ ही AI और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन से जुड़ी नीतियां भारतीय कंपनियों को सिर्फ सस्ता नहीं, बल्कि इनोवेशन और वैल्यू के दम पर ग्लोबल लीडर बनाने की दिशा में मदद करेंगी.

06:02 PM

 Union Budget 2026-27 LIVE updates: पर्यटन के क्षेत्र में होगा विकास

  • रेडिसन होटल ग्रुप के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीओओ, दक्षिण एशिया निखिल शर्मा ने कहा, " यह बजट रोजगार सृजन और क्षेत्रीय आर्थिक विकास में इस क्षेत्र की भूमिका को और मजबूत करता है."
  • एक प्रमुख पहल 'नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हॉस्पिटैलिटी' की स्थापना और 'होटल मैनेजमेंट काउंसिल' को मजबूत करने की घोषणा है.
  • हिमालयन ट्रेल्स का विकास, बौद्ध सर्किट को बढ़ावा देना और पूर्वोत्तर के लिए मजबूत नीतिगत पहल, पर्यटन के विभिन्न क्षेत्रों के विकास में मदद करेंगे.
  • कुल मिलाकर, बुनियादी ढांचे, पर्यटन स्थलों के विकास और कौशल विकास के प्रति बजट का यह एकीकृत दृष्टिकोण पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र के लिए एक सकारात्मक माहौल बनाता है।

06:02 PM

निवेशकों और NRI के लिए भरोसा बढ़ाने वाला बजट 2026

एनआरआई निवेश के फाउंडर और सीईओ, निशांत कोहली का कहना है कि बजट 2026 सरकार के लंबे समय के विकास एजेंडे को मजबूती से आगे बढ़ाने वाला एक संतुलित और दूरदर्शी रोडमैप है. बजट में वित्तीय अनुशासन, लक्षित सुधार और निवेश को बढ़ावा देने वाले कदमों से सभी सेक्टरों में भरोसा पैदा होता है. टैक्स रेट बदलने के बजाय टैक्स सिस्टम को सरल और अनुपालन को आसान बनाने पर जोर दिया गया है. खास तौर पर NRIs के लिए लोअर TDS प्रक्रिया आसान करना, प्रॉपर्टी डील में TAN की बाध्यता हटाना और PAN आधारित सिस्टम लाना स्वागत योग्य कदम है. IFSC को दिए गए प्रोत्साहन भारत को ग्लोबल फाइनेंशियल हब बनाने की दिशा में मजबूत संकेत देते हैं.

06:01 PM

06:00 PM

क्रिएटिव इकॉनमी को जमीनी स्तर पर मजबूत करने वाला बजट 2026

बटनशिफ्ट के को-फाउंडर और सीईओ, दीपांकर दास का कहना है कि कंटेंट क्रिएटर लैब्स की घोषणा भारत की क्रिएटिव और डिजिटल इकॉनमी के लिए एक बड़ा और जरूरी कदम है. करीब 15,500 क्रिएटर हब्स को जमीनी स्तर पर स्थापित करना यह दिखाता है कि सरकार अब टैलेंट पर बात करने के बजाय उसे वहीं तैयार करना चाहती है, जहां से वह शुरू होता है. इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजीज के नेतृत्व में यह पहल लंबे समय का क्रिएटिव इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करेगी. इससे भारत सिर्फ बैकएंड काम करने वाला देश नहीं, बल्कि ओरिजनल और ग्लोबली प्रतिस्पर्धी कंटेंट बनाने वाला केंद्र बन सकता है. हालांकि, आगे चलकर क्रिएटर्स के लिए AI इंफ्रास्ट्रक्चर की लागत पर भी सपोर्ट जरूरी होगा.

05:58 PM

लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग सेक्टर के लिए टर्निंग पॉइंट है बजट

Edgistify के को-फाउंडर और सीईओ, उमंग शुक्ला का कहना है कि बजट 2026 भारत के लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग सेक्टर के लिए एक अहम मोड़ है, जिसमें MSME को ग्रोथ का दूसरा बड़ा इंजन माना गया है. MSME ग्रोथ फंड के लिए 1,000 करोड़ रुपये, माइक्रो एंटरप्राइज के लिए 2,000 करोड़ रुपये और स्टार्टअप क्रेडिट गारंटी को 20 करोड़ रुपये तक बढ़ाना सरकार की मजबूत मंशा दिखाता है. MSME के बढ़ने के साथ टेक्नोलॉजी आधारित लॉजिस्टिक्स अब विकल्प नहीं, बल्कि जरूरत बन जाएगी. GST में सुधार, कस्टम वेयरहाउसिंग नियमों में बदलाव और स्पष्ट नीतियां लागत घटाकर सेक्टर को ज्यादा सक्षम और प्रतिस्पर्धी बना सकती हैं.

05:55 PM

MSME और युवा उद्यमिता को मजबूती देने वाला बजट

भारतीय युवा शक्ति ट्रस्ट की फाउंडिंग और मैनेजिंग ट्रस्टी, लक्ष्मी वेंकटरमन वेंकटेशन का कहना है कि यूनियन बजट 2026 मौजूदा मजबूत मैक्रो माहौल को सही दिशा में आगे बढ़ाने की एक ईमानदार कोशिश है. MSME, माइक्रो एंटरप्राइज, युवा शक्ति और महिला उद्यमों पर फोकस इस बजट को वास्तव में समावेशी बनाता है. MSME के लिए 10,000 करोड़ रुपये और माइक्रो उद्यमियों के लिए 2,000 करोड़ रुपये की क्रेडिट स्कीम स्वागत योग्य कदम हैं, क्योंकि 30 लाख रुपये तक का क्रेडिट गैप लंबे समय से चिंता का विषय रहा है. खादी, हैंडलूम, टेक्सटाइल और टूरिज्म जैसे बड़े रोजगार देने वाले सेक्टर्स पर जोर, यूनिवर्सिटी टाउनशिप और स्किलिंग पहल से युवाओं को फायदा मिलेगा. SHE Marts के जरिए महिला उद्यमों को स्केल करने का विचार अच्छा है, लेकिन महिलाओं को लोन तक बेहतर पहुंच और MSME के लिए मेंटरिंग व हैंडहोल्डिंग की जरूरत अब भी बनी हुई है.

05:54 PM

कृषि, युवा और पर्यावरण को साथ लेकर आगे बढ़ने वाला बजट

CIFOR-ICRAF, इंडिया कंट्री डायरेक्टर, मनोज डबस का कहना है कि यूनियन बजट 2026 यह साफ संकेत देता है कि भारत की विकास कहानी उसके युवाओं, किसानों और प्राकृतिक संसाधनों पर टिकी है. टेक्नोलॉजी अपनाने, क्षेत्र-विशेष फसलों और राज्यों के साथ साझेदारी पर फोकस यह दिखाता है कि सरकार अब एक ही मॉडल सब पर लागू करने के बजाय स्थानीय जरूरतों के हिसाब से विकास चाहती है. नारियल, काजू, चंदन, अगरवुड और अखरोट जैसी ट्री-बेस्ड हाई-वैल्यू फसलों पर ध्यान देने से ग्रामीण आय बढ़ेगी और पर्यावरण भी मजबूत होगा. काजू और कोको में आत्मनिर्भरता और नाजुक इकोसिस्टम के संरक्षण की पहल यह मानती है कि टिकाऊ विकास के बिना समावेशी और प्रतिस्पर्धी ग्रोथ संभव नहीं है.

05:53 PM

खनिज और उच्च शिक्षा को मजबूती देता बजट 2026

आईआईटी (आईएसएम) धनबाद, डिप्टी डायरेक्टर, प्रो. धीरज कुमार का कहना है कि यूनियन बजट 2026 में रणनीतिक खनिजों को मजबूत करने और अकादमिक रिसर्च को इंडस्ट्री से जोड़ने पर खास जोर दिया गया है. रेयर अर्थ मैग्नेट, क्रिटिकल मिनरल प्रोसेसिंग और खनन से जुड़े कैपिटल गुड्स पर कस्टम ड्यूटी में छूट से आयात पर निर्भरता घटेगी और घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिलेगा. वहीं खनिज क्षेत्रों को पोर्ट और इंडस्ट्रियल सेंटर से जोड़ने वाली नई राष्ट्रीय जलमार्ग लॉजिस्टिक्स को बेहतर बनाएंगी. यूनिवर्सिटी टाउनशिप, STEM हॉस्टल और रिसर्च इंफ्रास्ट्रक्चर से इंडस्ट्री और शिक्षा के बीच सहयोग मजबूत होगा और भारत को क्रिटिकल मिनरल्स का ग्लोबल हब बनाने में मदद मिलेगी.

05:51 PM

स्वास्थ्य और वेलनेस सेक्टर को नई दिशा देता बजट 2026

योगिनी की फाउंडर और सीईओ, काशिका मल्होत्रा का कहना है कि यूनियन बजट 2026 प्रिवेंटिव हेल्थकेयर की दिशा में एक निर्णायक कदम है, जिसमें पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को मुख्यधारा में लाने की साफ कोशिश दिखती है. नए ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद और AYUSH इंफ्रास्ट्रक्चर के अपग्रेड से रिसर्च, स्टैंडर्डाइजेशन और वैश्विक भरोसा मजबूत होगा. खासतौर पर महिलाओं के स्वास्थ्य जैसे पीरियड केयर, फर्टिलिटी, मेनोपॉज, न्यूट्रिशन और मानसिक स्वास्थ्य पर फोकस लंबे समय से जरूरी था. हेल्थकेयर को स्किल, रिसर्च और स्टार्टअप्स से जोड़कर यह बजट महिला उद्यमिता और इनोवेशन के लिए ठोस रास्ते खोलता है.

05:47 PM

शिक्षा को भविष्य के लिए तैयार करने वाला बजट 2026

ओडिशा की Centurion University की वाइस चांसलर, प्रो. सुप्रिया पटनायक का कहना है कि शिक्षा बजट 2026 भारत की शिक्षा व्यवस्था को भविष्य के लिए तैयार करने की दिशा में एक दूरदर्शी कदम है. यूनिवर्सिटी टाउनशिप के जरिए उच्च शिक्षा के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना, मेडिकल और फार्मा एजुकेशन पर फोकस और क्लिनिकल ट्रायल सेंटर्स का राष्ट्रीय नेटवर्क रिसर्च और हेल्थकेयर क्षमता को नई ऊंचाई देगा. हर जिले में लड़कियों के हॉस्टल और भारतीय भाषाओं में डिजिटल लर्निंग से शिक्षा की पहुंच बढ़ेगी. वहीं स्कूलों में AI और अटल टिंकरिंग लैब्स का विस्तार छात्रों में तकनीक, नवाचार और समस्या सुलझाने की सोच को शुरू से मजबूत करेगा.

05:45 PM

कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने वाला बजट 2026

अभिषेक वाडेकर, फाउंडर चेयरमैन, ट्रेडलिंक इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड का कहना है कि बजट 2026 समावेशी विकास की दिशा में एक मजबूत कदम है. खेती की उत्पादकता बढ़ाने, घरों की क्रय शक्ति मजबूत करने और जरूरी सेवाओं के विस्तार पर सरकार का फोकस साफ दिखता है. नारियल, चंदन, कोको, काजू, अगर और नट्स जैसी हाई-वैल्यू फसलों को बढ़ावा देने से किसानों की आय बढ़ेगी और गांवों में रोजगार के नए मौके बनेंगे. भारत-विस्टार जैसे मल्टीलिंगुअल AI प्लेटफॉर्म से किसानों को सही सलाह मिलेगी, जोखिम घटेगा और खेती ज्यादा टिकाऊ बनेगी. कुल मिलाकर, यह बजट भारतीय कृषि को टेक्नोलॉजी से जोड़कर ज्यादा मजबूत और प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में अहम कदम है.

05:24 PM

Hyundai Motor की बजट पर प्रतिक्रिया

हुंडई मोटर इंडिया लिमिटेड के MD और CEO तरुण गर्ग ने कहा, “मेगा GST 2.0 सुधारों को आगे बढ़ाते हुए, केंद्रीय बजट 2026–27 एक दीर्घकालिक सोच वाला रोडमैप पेश करता है, जो भारत को एक वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग हब और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में तेजी से आगे बढ़ाने वाला है.

रेयर अर्थ कॉरिडोर, EV बैटरी और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, MSME सशक्तिकरण, समावेशिता और AI में निवेश पर दिया गया जोर भारत को वैश्विक नेतृत्व के लिए तैयार करता है.

पर्यटन, ग्रामीण विकास और बेहतर क्षेत्रीय कनेक्टिविटी पर मजबूत फोकस से आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी और एडवांस्ड मोबिलिटी, लॉजिस्टिक्स और ट्रांसपोर्टेशन सॉल्यूशंस के लिए नए अवसर खुलेंगे.

बड़े कैपिटल आउटले, सरल टैक्सेशन और ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस में सुधार के साथ, यह बजट एक स्वस्थ और विकसित भारत की दिशा में निर्णायक कदम है और भारत की ग्रोथ स्टोरी पर भरोसे को और मजबूत करता है.”

05:20 PM

ओबेन इलेक्ट्रिक की बजट पर प्रतिक्रिया

ओबेन इलेक्ट्रिक की फाउंडर और CEO मधुमिता अग्रवाल ने कहा, बजट में रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट स्कीम के विस्तार और डेडिकेटेड रेयर अर्थ कॉरिडोर के निर्माण पर दिया गया फोकस, EV मैन्युफैक्चरिंग में इस्तेमाल होने वाली अहम सामग्रियों के लिए आयात निर्भरता कम करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है. इलेक्ट्रिक मोटर्स के प्रमुख घटक रेयर अर्थ मैग्नेट्स को इस पहल से सीधा लाभ मिलेगा. माइनिंग, प्रोसेसिंग और एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग में क्षमताओं को मजबूत करने से एक भरोसेमंद घरेलू सप्लाई बेस तैयार होगा.

इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 और इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट्स मैन्युफैक्चरिंग स्कीम से सेमीकंडक्टर्स और अन्य इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स में घरेलू क्षमताएं विकसित होंगी. इससे EV सिस्टम्स की सप्लाई चेन मजबूत होगी और आयात पर निर्भरता घटेगी.

05:15 PM

स्कोडा ऑटो वोक्सवैगन इंडिया की बजट पर प्रतिक्रिया

स्कोडा ऑटो वोक्सवैगन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO पियूष अरोड़ा ने कहा, हम केंद्रीय बजट 2026–27 का स्वागत करते हैं, क्योंकि यह भारत की दीर्घकालिक आर्थिक प्राथमिकताओं को लेकर एक स्पष्ट दिशा तय करता है, मैन्युफैक्चरिंग प्रतिस्पर्धात्मकता और ट्रेड फैसिलिटेशन पर लगातार दिया गया जोर, जिसमें भारत–EU FTA पर हुई प्रगति भी शामिल है, वैश्विक सप्लाई चेन में भारत की स्थिति को मजबूत करता है और एक प्रमुख ऑटोमोटिव मैन्युफैक्चरिंग व एक्सपोर्ट बेस के रूप में उसकी भूमिका को और सुदृढ़ करता है. SME ग्रोथ पर फोकस और पारंपरिक औद्योगिक क्लस्टर्स के पुनरुद्धार से भारत के औद्योगिक और सप्लायर इकोसिस्टम की मजबूती और गहराई और बढ़ेगी.”

05:14 PM

बजट में अपनाया है संतुलित दृष्टिकोण

कॉलियर्स इंडिया के सीईओ एवं मैनेजिंग डायरेक्टर  बादल याज्ञनिक के मुताबिक,

  • बजट ने भारत की दीर्घकालिक विकास आकांक्षाओं और विभिन्न क्षेत्रों व आर्थिक वर्गों में समावेशिता के बीच संतुलन बनाने के लिए एक संतुलित दृष्टिकोण अपनाया है. 
  • समग्र विकास का विषय रणनीतिक क्षेत्रों में विनिर्माण के विस्तार, पारंपरिक औद्योगिक क्षेत्रों के पुनरुद्धार, चैंपियन एमएसएमई के निर्माण, अवसंरचना को बढ़ावा, दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा एवं स्थिरता तथा शहर-आधारित आर्थिक क्षेत्रों के विकास के रूप में स्पष्ट रूप से दिखाई देता है.
  • विशेष रूप से भारतीय रियल एस्टेट को विनिर्माण क्षमताओं को बढ़ाने और समर्पित माल गलियारों, उच्च गति रेल गलियारों, अंतर्देशीय जलमार्गों के राष्ट्रीयकरण, शहरी क्लस्टरों के विकास जैसी अवसंरचनात्मक पहलों पर लक्षित जोर से लाभ होने की संभावना है.

05:11 PM

Renault India की बजट पर प्रतिक्रिया

रेनॉल्ट ग्रुप इंडिया के CEO श्री स्टेफान डेब्लैज़ ने कहा, केंद्रीय बजट 2026–27 भारत के मैन्युफैक्चरिंग आधारित विकास के लिए नीति में निरंतरता और स्पष्ट मंशा का मजबूत और भरोसेमंद संकेत देता है. इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 की ओर बढ़ना, जिसमें उपकरण, सामग्री, फुल-स्टैक भारतीय IP और सप्लाई चेन को मजबूत करने पर फोकस है, इंडस्ट्री की बदलती जरूरतों के साथ पूरी तरह मेल खाता है. रेयर अर्थ मैग्नेट से जुड़े कदमों और लिथियम-आयन सेल्स के लिए कैपिटल गुड्स पर कस्टम ड्यूटी में छूट जारी रखने जैसी पहलों के जरिए अहम आयात निर्भरता को कम करने पर दिया गया जोर, गहरी लोकलाइजेशन और टिकाऊ मोबिलिटी के लिए विश्वास पैदा करता है.

03:53 PM

Union Budget 2026-27 LIVE updates:इंफ्रास्ट्रक्चर साबित होगो फोर्स मल्टीप्लायर

  • निराला वर्ल्ड के चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर और एसजीआरई फंड के प्रमोटर सुरेश गर्ग के अनुसार, केंद्रीय बजट 2026–27 इंफ्रास्ट्रक्चर आधारित विकास की दिशा में मजबूत रोडमैप पेश करता है. 
  • कैपेक्स को ₹12.2 लाख करोड़ तक बढ़ाना और नए फ्रेट व पैसेंजर रेल कॉरिडोर आवासीय व कमर्शियल रियल एस्टेट के लिए मल्टीप्लायर इफेक्ट पैदा करेंगे. 
  • विदेशी क्लाउड कंपनियों के लिए भारतीय डेटा सेंटर्स में टैक्स हॉलिडे से औद्योगिक हबों में हाई-स्पेक कमर्शियल स्पेस की मांग बढ़ेगी.
  • ₹15,000 करोड़ का स्वामीह फंड 2.0 अटकी परियोजनाओं को गति देकर लाखों होमबायर्स का भरोसा बहाल करने में अहम भूमिका निभाएगा.”

03:34 PM

आवासीय विकास की मांग होगी तेज

Vision बिजनेस पार्क के फाउंडर अतुल विक्रम सिंह के अनुसार:

  • “केंद्रीय बजट में सेमीकंडक्टर, पावर, इंफ्रास्ट्रक्चर और रेल जैसे प्रमुख उद्योगों पर दिया गया जोर यह स्पष्ट करता है कि आने वाले वर्षों में औद्योगिक क्लस्टर्स के आसपास आवासीय विकास की मांग तेजी से बढ़ेगी. 
  • इन इंडस्ट्रियल हब्स के विस्तार के साथ कार्यबल के लिए किफायती और सुव्यवस्थित आवास की आवश्यकता भी बढ़ेगी. 
  • रियल एस्टेट डेवलपर्स को औद्योगिक टाउनशिप्स के आसपास योजनाबद्ध, टिकाऊ और कनेक्टेड रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट्स विकसित करने पर ध्यान देना होगा, ताकि उद्योगों के साथ-साथ आवासीय इकोसिस्टम भी संतुलित रूप से विकसित हो सके.”

03:02 PM

NAREDCO प्रेसिडेंट की बजट पर राय 

नारेडको के प्रेसिडेंट प्रवीण जैन ने बजट पर कहा- 

  • "वित्त मंत्री द्वारा पेश बजट विकसित भारत 2047 के दृष्टिकोण को दर्शाता है. 
  • वित्त मंत्री का FY 2026-27 के लिए पूंजीगत व्यय को ₹11.2 लाख करोड़ से बढ़ाकर ₹12.2 लाख करोड़ करने का फैसला, जिसमें 5 लाख से ज्यादा आबादी वाले शहरों पर विशेष तौर पर फोकस किया गया है, एक दूरदर्शी कदम है.
  •  टियर-2 और टियर-3 शहरों रियल एस्टेट के लिए बूस्टर बनेंगे और यह मेट्रो शहरों से परे संतुलित शहरीकरण को तेज करेगा.
  • डेवलपर्स के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि प्रस्तावित इंफ्रास्ट्रक्चर रिस्क गारंटी फंड डेवलपमेंट और कंस्ट्रक्शन चरणों के दौरान प्रोजेक्ट्स के जोखिम को कम करने में मदद करेगा. 
  • इन्फ्रा विकास के लिए लेंडर्स का भरोसा बढ़ाएगा, फाइनेंस तक आसान पहुंच और प्रोजेक्ट के समय पर पूरा होने में मदद करेगा. 
  • CPSEs की महत्वपूर्ण रियल एस्टेट परिसंपत्तियों की रीसाइक्लिंग को तेज़ करने के लिए डेडिकेटेड REITs की स्थापना एक स्वागतयोग्य कदम है. इससे न केवल पूंजी, बल्कि संपत्तियों के कुशल उपयोग को बढ़ावा मिलेगा और रियल एस्टेट सेक्टर के लिए नए निवेश अवसर भी तैयार होंगे. 
  • एसेट मोनेटाइजेशन के प्रति सरकार के निरंतर समर्थन के साथ, यह बजट रियल एस्टेट विकास के लिए एक स्थिर, भरोसेमंद और वातावरण तैयार करता है.
  • सात हाई-स्पीड रेलवे कॉरिडोर की घोषणा इंफ्रास्ट्रक्चर-आधारित विकास को और मजबूत करेगा. यह क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बढ़ाएंगे और  नए रियल एस्टेट और औद्योगिक क्लस्टर को बढ़ावा देंगे."

12:30 PM

Union Budget 2026 Live Updates: स्पोर्ट्स सेक्टर के लिए कैसा रहा बजट

SportsSkill के को-फाउंडर, अभिनव सिन्हा ने कहा बजट 2026 यह दिखाता है कि भारत की ग्रोथ की दिशा सही है और सरकार फिस्कल संतुलन के साथ स्मार्ट निवेश पर ध्यान दे रही है. इंफ्रास्ट्रक्चर-आधारित विकास और स्पोर्ट्स कैपिटल पर फोकस इस बात की स्वीकारोक्ति है कि खेल सिर्फ मेडल नहीं, बल्कि एक मजबूत और स्वस्थ भारत की नींव हैं. यह बजट भारत को ग्लोबल स्पोर्टिंग पावरहाउस बनाने की दिशा में जरूरी कदमों को पहचान देता है. टैलेंट डेवलपमेंट और इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के सरकारी प्रयास स्वागत योग्य हैं. हम सरकार के साथ मिलकर देश के हर उभरते एथलीट को विश्वस्तरीय अवसर और सुविधाएं देने के लिए तैयार हैं.

12:29 PM

12:17 PM

Union Budget 2026-27 LIVE updates: कस्टम ड्यूटी में बड़ी राहत, मैन्युफैक्चरिंग और हेल्थकेयर को सीधा फायदा

सरकार ने कस्टम ड्यूटी स्ट्रक्चर को सरल बनाने का ऐलान किया है, ताकि इंपोर्ट प्रक्रिया आसान हो और लागत घटे. इसके तहत न्यूक्लियर प्रोजेक्ट्स से जुड़े उपकरणों पर इंपोर्ट ड्यूटी पूरी तरह खत्म की जाएगी, जिससे एनर्जी सेक्टर में निवेश को बढ़ावा मिलेगा. इसके अलावा, क्रिटिकल मिनरल्स से जुड़े कैपिटल गुड्स पर भी ड्यूटी हटाई गई है, जो इलेक्ट्रॉनिक्स, EV और ग्रीन टेक्नोलॉजी के लिए अहम माने जाते हैं. एविएशन सेक्टर को राहत देते हुए सिविलियन ट्रेनिंग एयरक्राफ्ट्स के पार्ट्स पर इंपोर्ट ड्यूटी खत्म की गई है. वहीं, हेल्थकेयर के मोर्चे पर सरकार ने 17 कैंसर दवाओं के इंपोर्ट पर ड्यूटी हटाने का फैसला लिया है, जिससे इलाज की लागत कम होने और मरीजों को सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है.

12:12 PM

Union Budget 2026-27 LIVE updates: IT सेक्टर को बड़ी राहत, सेफ हार्बर से टैक्स हॉलिडे तक सपोर्ट

सरकार ने IT सेक्टर को मजबूती देने के लिए कई अहम कदमों का संकेत दिया है. सभी IT सर्विसेज के लिए 15.5% का कॉमन सेफ हार्बर मार्जिन तय किया जाएगा, जिससे ट्रांसफर प्राइसिंग को लेकर अनिश्चितता और विवाद कम होंगे. इसके साथ ही, सेफ हार्बर मार्जिन के लिए थ्रेसहोल्ड लिमिट को बढ़ाकर करीब ₹200 करोड़ करने का प्रस्ताव रखा गया है, जिससे ज्यादा कंपनियां इस दायरे में आ सकें. टेक्नोलॉजी और डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा देने के लिए सरकार क्लाउड सर्विसेज देने वाली विदेशी कंपनियों को 2047 तक टैक्स हॉलिडे देगी. खास बात यह है कि भारत में काम कर रही कंपनियों को भी इस टैक्स हॉलिडे का लाभ मिलेगा, जिससे IT सेक्टर में निवेश, रोजगार और इनोवेशन को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है.

12:08 PM

Union Budget 2026-27 LIVE updates: टैक्स कम्प्लायंस आसान, बोझ कम करने की तैयारी

सरकार नॉन-ऑडिट ट्रस्ट्स के लिए रिटर्न फाइलिंग की डेडलाइन 31 अगस्त करने पर विचार कर रही है, जिससे ट्रस्ट्स को अतिरिक्त समय मिल सके. टैक्स सिस्टम को सरल और पारदर्शी बनाने के लिए एसेसमेंट और पेनल्टी की कार्रवाई को इंटीग्रेट करने का प्रस्ताव रखा गया है, ताकि दोहरी प्रक्रिया और अनावश्यक विवाद कम हों. इसके साथ ही, विदेश में पढ़ाई और इलाज के खर्च पर राहत देते हुए फॉरेन एजुकेशन और मेडिकल के लिए TCS रेट 5% से घटाकर 2% किया जाएगा. वहीं, टैक्सपेयर्स पर दबाव कम करने के लिए कोर टैक्स डिमांड की सीमा 20% से घटाकर 10% करने का प्रस्ताव है, जिससे कैश फ्लो और लिटिगेशन दोनों में राहत मिलने की उम्मीद है.

11:58 AM

Union Budget 2026-27 LIVE updates: 1 अप्रैल से नए इनकम टैक्स नियम, छोटे टैक्सपेयर्स को राहत का संकेत

सरकार ने संकेत दिए हैं कि 1 अप्रैल से नए इनकम टैक्स नियम लागू होंगे, जिससे टैक्स सिस्टम को और सरल बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया जाएगा. बजट में स्मॉल टैक्सपेयर्स के लिए नई स्कीम लाने की घोषणा की गई है, ताकि छोटे करदाताओं पर अनुपालन का बोझ कम हो सके. इसके साथ ही, टैक्सपेयर्स को राहत देते हुए कुछ शुल्क के साथ 31 मार्च तक रिवाइज्ड रिटर्न भरने की सुविधा दी जाएगी. हालांकि, ITR-1 और ITR-2 फाइल करने वाले इंडिविजुअल टैक्सपेयर्स के लिए 31 जुलाई की डेडलाइन में कोई बदलाव नहीं किया गया है. कुल मिलाकर, बजट का फोकस कम्प्लायंस आसान करने और छोटे करदाताओं को सहूलियत देने पर नजर आता है.

11:55 AM

Union Budget 2026-27 LIVE updates: राज्यों को ज्यादा हिस्सेदारी, कर्ज और घाटे पर कंट्रोल का रोडमैप

16वें वित्त आयोग की सिफारिशों के बाद राज्यों को करीब ₹1.4 लाख करोड़ मिलने का रास्ता साफ होगा, जिससे राज्य सरकारों की वित्तीय स्थिति को मजबूती मिलेगी. केंद्र सरकार ने फिस्कल मैनेजमेंट को लेकर साफ संकेत दिए हैं कि कर्ज और घाटे पर नियंत्रण उसकी प्राथमिकता रहेगी. अनुमान के मुताबिक FY26 में Debt-to-GDP रेश्यो 56.1% रहेगा, जो FY27 में घटकर 55.6% आने का अनुमान है. इसी तरह, FY26 में वित्तीय घाटा GDP का 4.4% रहने का अनुमान है, जबकि FY27 के लिए इसे 4.3% तक सीमित रखने का लक्ष्य रखा गया है. सरकार ने यह भी संकेत दिया है कि FY27 में करीब ₹11.7 लाख करोड़ का उधार लिया जाएगा, लेकिन वह फिस्कल कंसोलिडेशन के रास्ते पर बनी रहेगी.

Fiscal Deficit % of GDP 

Fiscal Deficit Trend  

% of GDP  

FY27

4.2%

FY26

4.4% 

FY25 

4.7% 

FY25 Interim 

5.1% 

FY24 

5.6% 

FY23 

6.4% 

FY22 

6.7% 

11:54 AM

Union Budget 2026-27 LIVE updates: स्वास्थ्य, समावेशन और इंफ्रा- बेहतर जीवन की ओर सरकार का फोकस

सरकार ने दिव्यांगजनों के बेहतर जीवन को सुनिश्चित करने पर खास जोर दिया है, ताकि उन्हें स्वास्थ्य, सुविधाओं और अवसरों तक आसान पहुंच मिल सके. इसी दिशा में रांची और तेजपुर में नेशनल मेंटल हेल्थ इंस्टीट्यूट स्थापित किए जाएंगे, जिससे मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं का दायरा बढ़ेगा. इसके अलावा, देश के सभी जिलों में इमरजेंसी और ट्रॉमा सेंटर खोले जाने की योजना है, ताकि आपात स्थितियों में समय पर इलाज संभव हो सके. इंफ्रास्ट्रक्चर के मोर्चे पर सरकार इंटीग्रेटेड ईस्ट-कोस्ट कॉरिडोर को विकसित करेगी, जिससे कनेक्टिविटी बेहतर होगी और आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी.

11:52 AM

Union Budget 2026-27 LIVE updates: किसानों से महिला उद्यमियों तक, टेक्नोलॉजी और इनकम ग्रोथ पर फोकस

सरकार ने साफ किया है कि किसानों को तकनीक समेत हर तरह की मदद दी जाएगी, ताकि खेती की उत्पादकता और आमदनी दोनों बढ़ाई जा सकें. इसके तहत फिशरीज रिज़र्वॉयर विकसित किए जाएंगे और हाई-वैल्यू क्रॉप्स की खेती को प्रोत्साहित किया जाएगा. बजट में नारियल और काजू उत्पादन बढ़ाने के लिए विशेष सहायता और नारियल के लिए अलग स्पेशल स्कीम का ऐलान किया गया है, जबकि काजू और कोको (Cocoa) के उत्पादन पर भी खास फोकस रहेगा. एग्रीकल्चर आउटपुट बढ़ाने के लिए AI और नई तकनीकों के इस्तेमाल को बढ़ावा दिया जाएगा. वहीं, महिला उद्यमियों को सशक्त बनाने के लिए She-Marts के गठन का प्रस्ताव रखा गया है, जिससे महिलाओं को अपने उत्पादों के लिए बेहतर बाजार और प्लेटफॉर्म मिल सके.

11:18 AM

Union Budget 2026-27 Live Updates: अभी तक के बजट अपडेट्स

  • वित्त मंत्री ने 16वें वित्त आयोग की रिपोर्ट पेश की
  • भारत की अर्थव्यवस्था स्थिरता के साथ आगे बढ़ रही है
  • सरकार ने लोकप्रियता के ऊपर लोगों को चुना
  • सरकार के कदमों से हमने 7% से ज्यादा का हाई ग्रोथ हासिल किया
  • अर्थव्यवस्था की मजबूती के लिए लगातार कदम उठाएंगे
  • तकनीकी अपग्रेडेशन से क्रिटिकल मिनरल्स की मांग बढ़ रही है
  • गरीबों पर सरकार का बड़ा फोकस
  • बजट में प्रोडक्टिविटी बढ़ाने पर जोर रहेगा
  • रिफॉर्म का प्रयास लगातार जारी रहेगा
  • स्ट्रक्चरल रिफॉर्म पर सरकार का जोर
  • सरकार ने 350 से ज्यादा रिफॉर्म्स लागू किए
  • इंफ्रा, MSME और इंडस्ट्री को बढ़ावा
  • बायोफार्मा पर पॉलिसी बनाने की योजना
  • बायोफार्मा मैन्युफैक्चरिंग हब के लिए काम जारी
  • 5 साल के लिए बायोफार्मा के लिए ~10,000 Cr का आवंटन
  • सरकार की सेमीकंडक्टर मिशन लाने की योजना
  • सरकार ISM 2.0 लॉन्च करेगी
  • इलेक्ट्रॉनिक्स पार्ट्स मैन्युफैक्चरिंग के लिए ~40,000 Cr का प्रस्ताव
  • सरकार रेयर अर्थ मैग्नेट कॉरिडोर बनाएगी
  • ग्लोबल स्टैंडर्ड का ड्रग रेगुलेटर बनाएंगे
  • सरकार 3 केमिकल पार्क बनाएगी
  • इंपोर्ट पर निर्भरता घटाने के लिए केमिकल पार्क बनाएंगे
  • कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट्स के लिए स्कीम लाने की योजना
  • कंटेनर मैन्युफैक्चरिंग के लिए ~10,000 Cr का
  • टेक्सटाइल कंपनियों को विस्तार के लिए वित्तीय मदद मिलेगी
  • सरकार बड़े टेक्सटाइल्स पार्क बनाएगी
  • टेक्सटाइल्स स्किलिंग सिस्टम के लिए नई स्कीम लाएंगे

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किसने क्या कहा?

इस बार का बजट बैलेंस बजट है. हर क्षेत्र की आवश्यकता को देखते हुए घोषणा की गई है. डिमांड आधारित ग्रोथ वाला बजट है. नौकरी के नए मौके आयेंगे. मैन्युफैक्चरिंग, एक्सपोर्ट, स्टार्टअप पर फोकस किया गया है. मिडिल क्लास की पॉकेट में ज्यादा पैसा आएगा. पीएम मोदी ने कहा है तीसरे टर्म में तीन गुना तेजी से काम करना है. किसानों को खासतौर पर लाभ पहुंचाने वाली योजनाओं की घोषणा की गई है. इस बजट से आत्मनिर्भर और विकसित भारत की नींव मजबूत होगी.

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पीयूष गोयल

आम आदमी पार्टी के राष्‍ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा कि देश के खजाने का एक बड़ा हिस्सा चंद अमीर अरबपतियों के क़र्ज़े माफ़ करने में चला जाता है. मैंने मांग की थी कि बजट में ये ऐलान किया जाए कि आगे से किसी अरबपति के क़र्ज़ माफ़ नहीं किए जाएंगे. इस से बचने वाले पैसे से मिडिल क्लास के होम लोन और व्हीकल लोन में छूट दी जाए; किसानों के कर्ज़े माफ़ किए जाएं. इनकम टैक्स और GST की टैक्स दरें आधी की जाएं. मुझे दुख है कि ये नहीं किया गया.
 

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अरविंद केजरीवाल

Union Budget 2025 पर कांग्रेस नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने कहा, ये बजट हमें बहुत निराश करने वाला लगा. बड़े सुधार करने का मौका था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. शिक्षा और स्वास्थ्य के लिए कुछ विस्तार हो सकता था, लेकिन कुछ खास नहीं हुआ. बिहार चुनाव को ध्यान में रखते हुए कुछ घोषणाएं जरूर की गईं, लेकिन इससे बिहार की बुनियादी स्थिति में कोई खास सुधार नहीं दिखता.कई बड़े मौके गंवा दिए गए और हम इससे निराश हैं.

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पृथ्वीराज चव्हाण

ये 140 करोड़ भारतीयों की आकांक्षाओं का बजट है. यह हर भारतीय के सपनों को पूरा करने वाला बजट है. आमतौर पर बजट का फोकस इस बात पर होता है कि सरकारी खजाना कैसे भरा जाएगा, लेकिन यह बजट इसके ठीक उलट है. यह बजट देश के नागरिकों की जेब कैसे भरेगा, देश के नागरिकों की बचत कैसे बढ़ेगी और देश के नागरिक विकास में कैसे भागीदार बनेंगे. यह बजट इसके लिए बहुत मजबूत आधारशिला रखता है. सुधारों के लिहाज से इस बजट में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं. 

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पीएम मोदी

बजट फोटो गैलरी

बजट FAQs

A. बजट सरकार की सालाना आर्थिक योजना होती है, जिसमें यह बताया जाता है कि सरकार अगले एक साल में पैसा कहां से कमाएगी और कहां खर्च करेगी. बजट इसलिए पेश किया जाता है ताकि देश की अर्थव्यवस्था को सही दिशा दी जा सके.

A. भारत में केंद्रीय बजट वित्त मंत्री संसद में पेश करते हैं. बजट राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद लोकसभा में रखा जाता है.

A. आमतौर पर केंद्रीय बजट हर साल 1 फरवरी को पेश किया जाता है, ताकि नई टैक्स व्यवस्था और खर्च से जुड़े बदलाव 1 अप्रैल से लागू हो सकें.

A. बजट का असर टैक्स, महंगाई, नौकरी, सैलरी, पेंशन, सब्सिडी, इंफ्रास्ट्रक्चर और सरकारी योजनाओं के ज़रिये सीधे आम लोगों की जेब और जीवन पर पड़ता है.

A. क्योंकि टैक्स से जुड़े बदलाव सीधे आपकी सैलरी, बचत और खर्च करने की क्षमता को प्रभावित करते हैं. टैक्स स्लैब, छूट और डिडक्शन बजट का सबसे ज्यादा देखा जाने वाला हिस्सा होता है.

A. नहीं. कुछ फैसले तुरंत लागू होते हैं, जबकि कई प्रस्तावों को कानून बनने या नोटिफिकेशन जारी होने के बाद लागू किया जाता है.

A. इकोनॉमिक सर्वे देश की अर्थव्यवस्था की स्थिति का विश्लेषण होता है, जबकि बजट भविष्य की आर्थिक योजना और खर्च का रोडमैप बताता है.

A. घाटा यह बताता है कि सरकार की कमाई और खर्च के बीच कितना अंतर है. यह देश की आर्थिक सेहत और उधारी पर असर डालता है.

A. हां, बजट में राज्यों को मिलने वाली हिस्सेदारी, ग्रांट, योजनाएं और केंद्र-राज्य फंडिंग से जुड़े फैसले भी शामिल होते हैं.

A. क्योंकि इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश से रोजगार पैदा होता है, अर्थव्यवस्था को रफ्तार मिलती है और लंबे समय में विकास को सपोर्ट मिलता है.

A. हां, टैक्स, कैपेक्स और सेक्टर-स्पेसिफिक ऐलान शेयर बाजार पर तुरंत असर डालते हैं, खासकर बैंकिंग, इंफ्रा और FMCG जैसे सेक्टर पर.

A. बजट लागू होने के बाद संसद, CAG और अन्य संस्थाएं खर्च और योजनाओं की निगरानी करती हैं.

A. हां, सरकार बजट से पहले आम लोगों, इंडस्ट्री और एक्सपर्ट्स से सुझाव मांगती है, ताकि बजट ज्यादा व्यावहारिक बन सके.

A. बजट का मकसद आर्थिक विकास, रोजगार सृजन, महंगाई नियंत्रण और समाज के कमजोर वर्गों को सपोर्ट करना होता है.

A. नहीं, कई बार बजट स्थिरता पर फोकस करता है और कई बार बड़े सुधारों पर. यह देश की आर्थिक स्थिति पर निर्भर करता है.