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भारतीय रेलवे ने इस रेल सेक्शन पर पटरियों से दूर रहने को कहा (फाइल फोटो)
भारतीय रेलवे (Indian Railways) ने मुजफ्फरनगर-देवबन्द रेल सेक्शन के दोहरीकरण का काम लगभग पूरा कर लिया है. मुख्य रेल संरक्षा आयुक्त 06.03.2020 (शुक्रवार) को इस सेक्शन का सेफ्टी इंस्पेक्शन करेंगे. सबकुछ सही रहा तो मुख्य रेल संरक्षा आयुक्त की ओर से अनुमति मिलते ही इस दोहरीकृत रेल लाईन सेक्शन को ट्रेनों के लिए खोल दिया जाएगा. रेलवे ने इस सेक्शन की रेलवे लाईन के आस-पास रेहने वाले लोगों से अपील की है कि दिनांक 01.03.2020 के बाद इस लाईन के आस-पास न आएं और रेलवे के फाटकों से आने-जाने के दौरान अधिक सावधानी बरतें.
रेल यात्रियों के लिए जारी किए गए निर्देश
रेल यात्रियों को विशेष तौर पर निर्देश दिए गए हैं कि रेलवे लाईन को पार करने करने के लिए फुट ओवर ब्रिज (FOB) या अंडरपास का इस्तेमाल करें. रेलवे की ओर से सेफ्टी इंस्पेक्शन के दौरान इस दौरान रेलवे की इस लाइन पर अलग - अलग तरह की मशीनों और इंजनों के जरिए लाईनों पर स्पीड को टेस्ट किया जाता है. ऐसे में मामूली चूक से बड़ा हादसा हो सकता है. ऐसे में इस दौरान अधिक सावधानी बरतने की जरूरत होती है.
क्षेत्र के आर्थिक विकास में मिलेगी मदद
इस सेफ्टी इंस्पेक्शन के लिए रेलवे और राज्य सरकार के अधिकारियों के मध्य लगातार सामंजस्य बना हुआ है. जल्द ही ये दोहरीकरण का काम सुचारू रूप से पूरा हो जाएगा. ट्रैक डब्लिंग के इस काम से इस क्षेत्र के आम लोगों को बेहतर रेल सुविधाएं मिल सकेंगी. यात्रियों के लिए इस रूट पर अधिक ट्रेनें चलाई जा सकेंगी. वहीं ट्रेनों को भी समय पर चलाने में मदद मिलेगी. इस क्षेत्र के आर्थिक विकास में भी इस ट्रैक की डब्लिंग का काफी फायदा मिलेगा.
बजट में इस काम के लिए मिले थे इतने पैसे
बजट में मुजफ्फरनगर-देवबन्द रेल सेक्शन की डब्लिंग के लिए 1100 करोड़ के प्रोजेक्ट को मंजूदी दी गई थी. वहीं मेरठ से मुजफ्फरनगर, मुजफ्फरनगर से टपरी और देवबंद से रुड़की रेलवे लाइन के दोहरीकरण के लिए 500 करोड़ रुपए रिलीज किए गए थे.