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हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स, GE के बीच प्रस्तावित इंजन सौदे से दोनों देशों के रक्षा उद्योगों को मिलेगा बढ़ावा. (Image- Freepik)
जनरल इलेक्ट्रिक और हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (Hindustan Aeronautics Ltd) के बीच भारत में जेट इंजनों के विनिर्माण के लिए प्रस्तावित सौदे से अमेरिकी और भारत के रक्षा उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा. उम्मीद की जा रही है कि दोनों कंपनियां 22 जून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) की अमेरिका की आधिकारिक राजकीय यात्रा के दौरान इस सौदे की घोषणा करेंगी. दोनों पक्ष इस बारे में चुप्पी साधे हुए हैं. उद्योग के विशेषज्ञों को उम्मीद है कि लंबे समय से प्रतीक्षित सौदे का दोनों देशों के बीच संबंधों पर बड़ा प्रभाव पड़ेगा.
यूएस इंडियन बिजनेस काउंसिल (USIBC) के अध्यक्ष अतुल केशप ने कहा, दोनों सरकारें इस सौदे को पूरा करने के लिए भरपूर प्रयास कर रही हैं. मैं उनकी सफलता की कामना करता हूं. मुझे उम्मीद है कि यह आगे बढ़ेगा. मुझे लगता है कि इसका अमेरिका और भारत के रक्षा उद्योगों तथा सबसे महत्वपूर्ण रूप से निजी क्षेत्र की कंपनियों पर प्रभाव पड़ेगा. उन्होंने जोर देकर कहा कि दोनों देशों के बीच इस तरह का समझौता काफी महत्वपूर्ण होगा.
केशप ने कहा, मैं दोनों सरकारों के बीच हुई बातचीत का खुलासा नहीं करना चाहता, लेकिन एक व्यक्ति ने मुझसे कहा है कि अगर यह सौदा होता है, तो यह चार दशकों तक अमेरिका-भारत के रक्षा संबंधों को सकारात्मक रूप से प्रभावित करेगा.
एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने भारत में कारोबारी सुगमता और नियामक वातावरण को अच्छा बनाने के लिए भारी प्रयास किए हैं. प्रधानमंत्री मोदी 21 जून से शुरू होने वाली अपनी चार दिवसीय अमेरिकी यात्रा के दौरान निवेश, शिक्षा सहित द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत बनाने पर चर्चा करेंगे.
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