&format=webp&quality=medium)
सरकार ने PPF अकाउंट होल्डर को फायदा पहुंचाने के लिए नए नियमों को नोटिफाई कर दिया है.
केंद्र सरकार ने छोटी बचत योजनाओं में डिपॉजिट के नियमों में कुछ अहम बदलाव किए हैं. छोटी बचत योजना की सबसे खास स्कीम पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) के नियमों में भी कुछ बदलाव किए गए हैं. सरकार ने PPF अकाउंट होल्डर को फायदा पहुंचाने के लिए नए नियमों को नोटिफाई कर दिया है.
इससे पहले सरकार के 12 दिसंबर को जारी गैजेट नोटिफिकेशन में इन बदलावों की जानकारी दी गई है. नए नियमों के मुताबिक अब निवेशक एक वित्त वर्ष में 50 रुपए के गुणक में कितनी बार भी रकम जमा कर सकता है. हालांकि, अधिकतम सीमा 1.5 लाख रुपए ही होगी.
पहले सिर्फ 12 बार होता था जमा
पहले एक वित्त वर्ष में सिर्फ 12 बार ही PPF में पैसे जमा किए जा सकते थे. PPF 15 साल की अवधि में मैच्योर होता है. सरकार हर तीन महीने में इसकी ब्याज दर की समीक्षा करती है. मौजूदा समय में पीपीएफ पर 7.9 फीसदी का ब्याज मिल रहा है. नए नियम में 12 बार पैसे जमा करने की सीमा को खत्म कर दिया गया है. मतलब अब आप एक महीने में एक से ज्यादा बार भी PPF में पैसे जमा कर सकते हैं.
जारी किया गया नया फॉर्म
पीपीएफ खाता खोलने के लिए अब आपको फॉर्म-A के बजाय फॉर्म-1 जमा करना होगा. पीपीएफ खाते को बढ़ाने के लिए 15 साल के बाद फॉर्म-H के बजाय फॉर्म-4 भरना होगा. हालांकि, फॉर्म-4 को भरने के लिए मैच्योरिटी डेट से एक साल पहले आवेदन करना होगा.
बिना निवेश के बढ़ाएं PPF खाता
अगर आप अपने PPF खाते को 15 साल के बाद भी बढ़ाना चाहते हैं तो बिना किसी और योगदान के अवधि को बढ़ाया जा सकता है. हालांकि, इस बार हर वित्तीय वर्ष में आपको अपने खाते से एक बार निकासी जरूर करनी होगी.
कम हुई लोन पर ब्याज दर
PPF अकाउंट पर लोन लेने वालों को भी राहत दी गई है. लोन पर ब्याज दर 2% से घटाकर 1% कर दी गई है. कर्ज की मूल राशि का भुगतान करने के बाद आपको दो से ज्यादा किस्तों में ब्याज का भुगतान करना होगा. ब्याज की गणना महीने के पहले दिन से की जाएगी, जिसमें आप उस महीने के अंतिम दिन तक लोन लेते हैं. आपके अकाउंट के बैलेंस का 25% तक लोन के रूप में मिल सकता है.
ज़ी बिज़नेस LIVE TV यहां देखें
कब बंद कर सकते हैं अकाउंट