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PPF Vs SIP Mutual Fund: निवेशक आमतौर पर दो तरह के होते हैं. एक वो जो अपनी गाढ़ी कमाई पर किसी तरह का रिस्क नहीं लेना चाहते. वो ऐसी जगह निवेश करना पसंद करते हैं, जहां उनका पैसा निवेश करने पर पूरी तरह से सुरक्षित रहे और गारंटीड रिटर्न भी मिले. वहीं दूसरे निवेशक वो होते हैं जो ज्यादा रिटर्न लेने के लिए थोड़ा बहुत जोखिम लेने के लिए भी तैयार रहते हैं.
PPF और SIP ऐसे ही दोनों तरह के निवेशकों के लिए अलग-अलग विकल्प हैं. पब्लिक प्रोविडेंट फंड लंबे समय की स्कीम है जो सरकार की ओर से खासतौर से उन लोगों के लिए बनाई गई है, जो सुरक्षित और गारंटीड रिटर्न के साथ मोटा पैसा जोड़ना चाहते हैं. वहीं SIP के जरिए म्यूचुअल फंड में निवेश किया जाता है. ये स्कीम मार्केट लिंक्ड होने के कारण थोड़ी जोखिमभरी है, लेकिन लॉन्ग टर्म में काफी अच्छा रिटर्न देती है. आइए जानते हैं PPF और SIP से जुड़े फीचर्स और इनमें से कौन सी स्कीम 15 सालों में बेहतर रिटर्न दे सकती है.
अगर आप पीपीएफ और एसआईपी दोनों के रिटर्न को समझना चाहते हैं, तो यहां कैलकुलेशन से जान सकते हैं. मान लीजिए आप 5000 रुपए महीने PPF में निवेश करते हैं और इतना ही पैसा हर महीने SIP में लगाते हैं. दोनों को कुल 15 सालों तक जारी रखते हैं, तो दोनों में आपका निवेश एक समान ही होगा. आप सालाना 60,000 रुपए निवेश करेंगे, इस तरह 15 सालों में दोनों स्कीम्स में कुल 9,00,000 रुपए निवेश करेंगे.
लेकिन आपको 15 सालों में 7.1 फीसदी के हिसाब पीपीएफ पर कुल ब्याज 7,27,284 रुपए मिलेगा और मैच्योरिटी अमाउंट 16,27,284 रुपए मिलेगा. वहीं 12 फीसदी के हिसाब से SIP में 15 सालों में 16,22,880 रुपए सिर्फ ब्याज में ही मिल जाएंगे. ऐसे में आपको 15 साल बाद कुल 25,22,880 रुपए मिलेंगे.