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New Wage Code 2021: न्यू वेज कोड 2021 का इंतजार कर रहे लोगों का इंतजार अभी लंबा हो सकता है. सूत्रों के मुताबिक, नए लेबर कोड को लागू करने में अभी देर लगेगी. दरअसल, राज्यों से मिले इनपुट पर अभी चर्चा होनी है. इस चर्चा के बाद ही फैसला होगा कि न्यू वेज कोड कब से लागू होगा. शुक्रवार को इसे लेकर श्रम मंत्रालय में अहम बैठक होनी है. सूत्र बताते हैं कि केंद्र सरकार नियमों को फाइनल करने की प्रक्रिया में है. सरकार की मौजूदा वित्त वर्ष में ही न्यू वेज कोड लागू करने की तैयारी है.
सूत्रों की मानें तो केंद्र सरकार न्यू वेज कोड को नोटिफाई (New Wage Code Notification) करने को तैयार है. लेकिन, अभी राज्यों से मिले इनपुट पर चर्चा होनी है. राज्यों से सितंबर 2021 तक वक्त दिया गया था. इससे उम्मीद थी कि 1 अक्टूबर 2021 से कोड को लागू कर दिया जाएगा. लेकिन, अब जानकारी मिल रही है कि अभी इसमें देरी हो सकती है. शुक्रवार को श्रम मंत्रालय में बैठक होनी है. इस बैठक के बाद ही साफ हो सकेगा कि नया वेज कोड 2021 कब से लागू होगा. सुझावों के आधार पर ही कोड को फाइनल किया जाएगा और तब इसे नोटिफाई किया जाएगा.
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- नए कोड के तहत भत्तों की सीमा होगी 50%.
- बेसिक सैलरी को कुल वेतन का आधा रखा जाएगा.
- बेसिक सैलरी से EPF योगदान की गणना होगी.
- बेसिक सैलरी बढ़ने से PF कंट्रिब्यूशन बढ़ेगा.
- वर्किंग आवर अधिकतम 12 घंटे करने का प्रस्ताव.
- 15-30 मिनट का अतिरिक्त कामकाज ओवरटाइम.
- मौजूदा नियम में 30 मिनट से कम ओवरटाइम नहीं.
- कर्मचारी को हर 5 घंटे के बाद आधा घंटे का ब्रेक.
- 12 घंटे ड्यूटी करने पर हफ्ते में 3 दिन की छुट्टी.
सरकार ने 29 केंद्रीय लेबर कानूनों को मिलाकर 4 नए कोड (New Wages Code) बनाए हैं. इनमें इंडस्ट्रियल रिलेशंस कोड, कोड ऑन ऑक्यूपेशनल सेफ्टी, हेल्थ एंड वर्किंग कंडीशंस कोड (OSH), सोशल सिक्योरिटी कोड और कोड ऑन वेजेज शामिल हैं. लेकिन, सबसे बड़ा बदलाव ‘वेज’ की परिभाषा का है. इसमें विस्तार किया गया है. नए लेबर कोड का मकसद कंसोलिडेशन पर है. सैलरी का 50 फीसदी सीधे तौर पर वेजेज में शामिल होगा. बता दें, संसद से श्रम सुधारों से जुड़े नए कानून पास हो चुके हैं. अब इन्हें लागू करना है.
न्यू वेज कोड एक्ट 2019 (New Wage Code Act 2019) के मुताबिक, किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी कंपनी की लागत (Cost To Company-CTC) के 50 परसेंट से कम नहीं हो सकती है. अभी कई कंपनियां बेसिक सैलरी को काफी कम करके ऊपर से भत्ते ज्यादा देती हैं ताकि कंपनी पर बोझ कम पड़े. न्यू वेज कोड लागू होने से कर्मचारियों का सैलरी स्ट्रक्चर पूरी तरह बदल जाएगा. कर्मचारियों की 'Take Home Salary' घट जाएगी, क्योंकि Basic Pay बढ़ने से कर्मचारियों का PF ज्यादा कटेगा यानी उनका भविष्य ज्यादा सुरक्षित हो जाएगा.
प्रोविडेंट फंड (Provident Fund) के साथ ग्रेच्युटी (Gratuity) में भी योगदान बढ़ेगा. टेक होम सैलरी जरूर घटेगी लेकिन कर्मचारी को रिटायरमेंट पर ज्यादा रकम मिलेगी. असंगठित क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए भी न्यू वेज कोड (New wage Code 2021) लागू होगा. सैलरी और बोनस से जुड़े नियम बदलेंगे और हर इंडस्ट्री और सेक्टर में काम करने वाले कर्मचारियों की सैलरी में समानता आएगी.