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दोनों कंपनियों की योजना है कि वे सरकार पर इस नीति को बदलने के लिए दबाव बनाएं. (फाइल फोटो)
केंद्र सरकार ने ई-कॉमर्स नीति में बदलाव कर दिया है, जिसके खिलाफ दो बड़ी ई-कॉमर्स कंपनियां फ्लिपकार्ट (Flipkart) और अमेजन (Amazon) एकसाथ आ गए हैं. दोनों कंपनियों की योजना है कि वे सरकार पर इस नीति को बदलने के लिए दबाव बनाएं. यह दावा एक मीडिया रिपोर्ट में किया गया है. फ्लिपकार्ट ने समाचार एजेंसी आईएएनएस को 1 ई-मेल में कहा था कि सरकार के अपनी नीति में किए गए बदलाव की घोषणा का ई-कॉमर्स क्षेत्र और इसके समूचे पारिस्थितिकी तंत्र पर दीर्घकालिक असर पड़ेगा, जो कि अभी उभरता हुआ क्षेत्र है.
क्या है योजना
बिजनेस स्टैंडर्ड की खबर के मुताबिक दोनों कंपनियां इस काम में CII, FICCI और अन्य कंपनियों की मदद लेंगी. अन्य कंपनियों में सॉफ्ट बैंक, टाइगर ग्लोबल और नेस्पर्स शामिल हैं. ये सभी संगठन मिलकर सरकार से नीति बदलने के लिए बातचीत करेंगे.
क्या हुआ है बदलाव
प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) नीति में किए गए बदलाव से ई-कॉमर्स और ऑफलाइन व्यापारियों के लिए एक जैसा अवसर प्रदान करने की परिकल्पना की गई है. देश के खुदरा बाजार में 90 फीसदी हिस्सेदारी ऑफलाइन ट्रेडर्स की हैं.
फ्लिपकार्ट का स्टैंड
फ्लिपकार्ट ने कहा कि यह महत्वपूर्ण है कि उद्योग को आगे बढ़ाने के लिए एक परामर्श प्रक्रिया के माध्यम से एक व्यापक बाजार संचालित ढांचा विकसित किया जाए. कंपनी ने कहा कि एक दशक के अंतराल में, ई-कॉमर्स उद्योग ने ग्राहकों के विक्रेता और स्थानीय विनिर्माताओं के साथ जुड़ने के तरीकों में क्रांति ला दी है, जिससे दोनों को और देश को जबरदस्त लाभ हो रहा है.