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Voice ऑपरेटर के लिए डिजिटल लेजर टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल. (Image- Pixabay)
टेलीकॉम रेगुलेटर टेलीकॉम रेगुलेटरी ऑफ इंडिया (TRAI) ने सोमवार को अनचाही कॉल, मैसेज को रोकने के लिए कई बड़े फैसले लिए हैं. टेलीकॉम रेगुलेटर ने टेलीकॉम कंपनियों को स्मॉल कॉल, अनवांडेट कॉल और मैसेज रोकने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मशीन लर्निंग (ML) का सिस्मट बनाने का निर्देश दिया है. ट्राई ने इसको शुरू करने के लिए 1 मई की डेडलाइन तय की है.
बता दें कि ट्राई ने सोमवार को टेलीकॉम कंपनियों के साथ हुई बैठक की. बैठक में सैंडबॉक्स (Sandbox) के प्रयोग पर चर्चा हुई. इसको कैसे लागू किया जाएगा इस बात की समीक्षा की गई. टेलीमार्केटर्स (Telemarketers) और PEs को अनयूज्ड हेडर्स और टेम्पलेट्स (Templates) को 30 से 60 दिनों के भीतर बंद करने के निर्देश दिए गए हैं.
ट्राई ने कहा, MHA और साइब सेल्स (Cybercells) में आई शिकायत को सभी टेलीकॉम कंपनियों के साथ साझा किया जाएगा. सभी कंपनियां स्पैमर्स/स्कैमर्स (Scammers) के नंबर जो संज्ञान में आ चुके हैं, उसको एक कॉमन प्लेटफॉर्म पर शेयर करेंगी ताकि सभी ऑपरेटर अपने उपभोक्ताओं को सुरक्षित रखने के लिए उचित कार्रवाई कर सकें.
सभी Voice Based Telemarketers को Digital Ledger Technology (DLT) आधारित प्लेटफॉर्म पर लाने की तैयारी हो ताकि इनपर नजर रखना और रोकना आसान हो. ऐसे सेवाओं के लिए नई सीरीज का नंबर जारी करने को कहा गया ताकि इसकी पहचान हो सके.
टेलीकॉम रेगुलेटर ने कहा कि बैंक और वित्तीय सेवाओं के मैसेज के अलग नंबर को कहा गया ताकि लोगों को स्पष्ट हो कि ये बैंक या किसी वित्तीय सेवा का कम्युनिकेशन है और सुरक्षित है. बैंक जैसे संस्थाओं ने अभी तक मैसेज टेम्पलेट्स को क्लियर नहीं किया है.
वोडाफोन आइडिया (Vodafone Idea) अप्रैल के पहले हफ्ते में ट्राई को Sandbox का प्रेजेंटेशन देगा. अगर वो पायलट सही रहा तो ट्राई सभी ऑपरेटर के लिए रेग्युलेशन जारी करेगा ताकि इससे मिलते-जुलते सिस्टम टेलीकॉम सेवा प्रदाता बनाएं.
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