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एफएसएसएआई ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी इस तरह के प्रोडक्ट की बिक्री की परमिशन नहीं दी जाएगी.
non-dairy products: भारतीय खाद्य सुरक्षा और नियामक प्राधिकरण (FSSAI) ने ई-कॉमर्स कंपनियों को ऐसे गैर-डेयरी और ‘पौधों से बनने वाले पेय पदार्थ को अपने प्लेटफॉर्म से हटाने का निर्देश दिया है जिन्हें ‘डेयरी’ प्रोडक्ट के लेबल के साथ बेचा जा रहा है. पीटीआई की खबर के मुताबिक, एफएसएसएआई (FSSAI) ने राज्यों को पौधों से बनने वाले पेय और खाद्य उत्पादों के लिए डेयरी लेबल के इस्तेमाल की जांच का भी निर्देश दिया है.
डेयरी प्रोडक्ट्स से जुड़े नियमों का उल्लंघन है
खबर के मुताबिक, नियामक ने कहा कि चूंकि ई-कॉमर्स खाद्य कारोबार ऑपरेटरों (FBO) की तरफ से काफी प्रोडक्ट बेचे जाते हैं, ऐसे में सभी ई-कॉमर्स कंपनियों को निर्देश दिया गया है कि वे ऐसे प्रोडक्ट्स को अपने प्लेटफॉर्म से हटाएं जिन्हें डेयरी प्रोडक्ट्स के नाम से बेचा जा रहा है. यह डेयरी प्रोडक्ट्स से जुड़े रेगुलेटरी नियमों का उल्लंघन है.
भविष्य में भी परमिशन नहीं
एफएसएसएआई ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी इस तरह के प्रोडक्ट की बिक्री की परमिशन नहीं दी जाएगी. एफएसएसएआई ने राज्यों के खाद्य सुरक्षा विभागों को निर्देश दिया है कि वे एफबीओ की तरफ से बेचे जाने वाले ऐसे गैर-डेयरी और पौधों से बनने वाले पेय पदार्थों की पहचान और जांच करें जिनकी बिक्री डेयरी शब्दावली का उल्लंघन कर की जा रही है.
15 दिन का समय मिलेगा
नियामक ने कहा है कि अगर एफबीओ की तरफ से प्रोडक्ट्स लेबल का उल्लंघन कर कोई सामान बेचा जा रहा है, तो उन्हें इसमें संशोधन के लिए 15 दिन का समय मिलेगा. एफएसएसएआई ने कहा कि इन कदमों से खाद्य एवं सुरक्षा अधिनियम-2005 का उल्लंघन करने वाले एफबीओ के खिलाफ उचित प्रवर्तन कार्रवाई सुनिश्चित हो सकेगी.