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INS Visakhapatnam, Gulf of Aden: अदन की खाड़ी में मार्शल द्वीप के ध्वज वाले एक वाणिज्यिक जहाज पर बुधवार रात ड्रोन हमला हुआ, जिसके तुरंत बाद भारतीय नौसेना ने जवाबी कार्रवाई की है. जहाज पर नौ भारतीयों सहित चालक दल के 22 सदस्य सवार थे. इसके बाद भारतीय नौसेना के मिसाइल विध्वंसक ‘आईएनएस विशाखापत्तनम’ ने ‘जेनको पिकार्डी’ जहाज से एक आपात संदेश मिलने के एक घंटे के भीतर जवाबी कार्रवाई की. INS विशाखापट्टनम को साल 2013 में कमिशन किया गया था. भारत का ये युद्धपोत्त कई आधुनिक हथियारों से लैस है.
7,300 टन वाले युद्धपोत आईएनएस विशाखापट्टनम जमीन से हवा में मार करने वाली 32 'बराक 8' मिसाइलों से लैस है. इसमें इजरायल का ‘मल्टी फंक्शन सर्विलांस थ्रेट अलर्ट रडार’ सिस्टम लगाया है, जो इस युद्धपोत के कंट्रोलर को सटीक जानकारी मुहैया कराता है. इसमें 127 मिलीमीटर गन है, साथ ही Ak 630 एंटी मिसाइल गन सिस्टम भी लगा हुआ है. इस युद्धपोत पर शिप डाटा नेटवर्क नाम का एक मैनेजमेंट सिस्टम है. लड़ाई के दौरान ये एक ही जगह पर सारा डाटा उपलब्ध कराता है.
नौसेना के अधिकारियों ने बताया कि वाणिज्यिक जहाज पर पोर्ट अदन से 60 समुद्री मील दक्षिण में हमला किया गया. भारतीय नौसेना के ईओडी (विस्फोटक आयुध निपटान) विशेषज्ञ जहाज का निरीक्षण करने के लिए बृहस्पतिवार सुबह उस पर गए. अधिकारियों ने बताया कि ईओडी विशेषज्ञों ने गहन जांच के बाद जहाज को आगे की यात्रा के लिए मंजूरी दे दी है. ईओडी विशेषज्ञों ने गहन निरीक्षण के बाद क्षतिग्रस्त हिस्से को आगे जाने के लिए सुरक्षित बना दिया. जहाज अगले बंदरगाह के लिए आगे बढ़ रहा है.
नौसेना के एक प्रवक्ता ने कहा, ‘समुद्री लूट रोधी अभियानों के लिए अदन की खाड़ी में तैनात आईएनएस विशाखापत्तनम ने बुधवार रात 11 बजकर 11 मिनट पर ड्रोन हमले के बाद मार्शल द्वीप के ध्वज वाले ‘एमवी जेनको पिकार्डी’ के संकट में होने संबंधी आपात संदेश का शीघ्र जवाब दिया.’