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स्टार्टअप (Startup) के लिए भले ही अभी का वक्त फंडिंग विंटर (Funding Winter) हो, लेकिन सरकार इसे तेजी से प्रमोट कर रही है. सरकार तो स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए हर संभव कोशिश कर रही है, लेकिन फिर भी स्टार्टअप फेल (Startup Fail) हो रहे हैं. स्टार्टअप्स को फंडिंग (Startup Funding) नहीं मिल पाने की वजह से बहुत सारे स्टार्टअप बड़ी मात्रा में छंटनी (Layoffs) कर रहे हैं. आईबीएम की एक रिपोर्ट के मुताबिक 91 फीसदी स्टार्टअप शुरुआती 5 सालों में ही फेल हो जाते हैं. यानी स्टार्टअप को सफल बनाना आसान नहीं है. ऐसे में आइए जानते हैं कुछ ऐसे टिप्स, जो आपके स्टार्टअप को सफल (Successfull Startup) बनाने में मददगार साबित हो सकते हैं.
किसी भी बिजनेस के लिए सबसे जरूरी होता है कि उसके पास एक अच्छी टीम हो. जो लोग कंपनी में काम कर रहे हैं, वह डेडिकेटेड हों और कंपनी को आगे बढ़ाने की दिशा में काम करें. हार्डवर्क के साथ-साथ स्मार्ट वर्क करें, ताकि फाउंडर्स और बाकी बड़े अधिकारी बिजनेस को लेकर स्ट्रेटेजी लेवल पर काम कर सकें. इसके लिए जरूरी है कि आप हायरिंग करते वक्त सही कैंडिडेट को पहचानकर उसे ही नौकरी दें.
किसी भी बिजनेस में मार्केट रिसर्च की बदौलत बिजनेस के बारे में काफी कुछ पता चलता है. मार्केट रिसर्च बताता है कि आपका प्रोडक्ट कैसा है, वह लोगों को पसंद आ रहा है या नहीं, उसमें क्या सुधार करना चाहिए. इससे ये भी पता चलता है कि मार्केट को असल में उस प्रोडक्ट की जरूरत है भी या नहीं. अक्सर मार्केट रिसर्च से मिले फीडबैक की वजह से बिजनेस को बड़ा बनाना आसान हो जाता है. तो अपने स्टार्टअप को सफल बनाने के लिए मार्केट रिसर्च जरूर करें.
स्टार्टअप के लिए नए-नए ग्राहक बनाना बहुत जरूरी होता है, तभी तो बिजनेस बढ़ेगा. लेकिन उससे भी जरूरी है अपने ग्राहकों को रोके रखना. ये ग्राहक रुके रहेंगे तो एक तो आपकी सेल होती रहेगी, ऊपर से अच्छी सर्विस की बात ये आस-पास के लोगों से करेंगे. इससे आपकी माउथ पब्लिसिटी होगी. इतना ही नहीं, जब आप अपने स्टार्टअप के लिए फंडिंग लेने जाएंगे तो इन्वेस्टर को कस्टमर रिटेंशन रेट बताकर खुश कर सकते हैं. किसी भी बिजनेस में अधिक से अधिक ग्राहकों का वापस आना दिखाता है कि वह कंपनी बहुत ही शानदार काम कर रही है.
आज के डिजिटल मीडिया के दौर में अगर आप सोशल मीडिया पर नहीं हैं तो समझ लीजिए कि आप टेक्नोलॉजी से बहुत पीछे चल रहे हैं. फेसबुक, इंस्टाग्राम, ट्विटर, लिंक्डइन जैसे तमाम सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर आपका अकाउंट होना चाहिए, जहां पर आप अपने ब्रांड को प्रमोट कर सकें. इतना ही नहीं, आपको अपने ब्रांड के प्रोडक्ट या सर्विस के बारे में रील्स और शॉर्ट्स भी बनानी चाहिए, जिन्हें सोशल मीडिया पर प्रमोट करना चाहिए. इससे आपके बिजनेस की रीच बढ़ेगी और अधिक से अधिक लो आपसे जुड़ेंगे.
बिजनेस में एक कंपनी के लिए ये जानना बहुत जरूरी है कि उसकी प्रतिद्वंद्वी कंपनियां क्या कर रही हैं. इससे ये पता चलता है कि अपने प्रोडक्ट को कहां बेहतर करने की जरूरत है और कहां पर कीमतें घटाकर फायदा कमा सकते हैं. इतना ही नहीं, इससे ये भी पता चला है कि मार्केट में कहां पर गैप है, जिसे कोई पूरा नहीं कर रहा है.
सेल्स फनल (Sales funnel) मॉडल के तहत एक ग्राहक को प्रोडक्ट के बारे में बताने से लेकर उसे प्रोडक्ट बेचने तक की पूरी यात्रा की तैयारी की जाती है. अक्सर बिजनेस ऐसा मार्केटिंग फनल बनाते हैं, ताकि वह सेल्स को बढ़ा सकें. इससे ना सिर्फ वक्त बचता है, बल्कि इससे नए ग्राहक बनाना भी आसान हो जाता है.
सेल्स पर असर डालने वाला एक अहम कारक होता है भुगतान का तरीका. कई लोग मोबाइल ऐप से भुगतान करना पसंद करते हैं. वहीं कुछ लोग क्रेडिट कार्ड से भुगतान करना पसंद करते हैं. ऐसे में अगर आप भुगतान के विकल्प नहीं देते हैं तो हो सकता है कि ग्राहक आपसे दूर हो जाएं और आपके कॉम्पटीशन के पास चले जाएं. इससे एक तो आपकी सेल्स गिरेगी और दूसरा आपके विरोधी की ताकत बढ़ेगी. तो भुगतान के विकल्प को मामूली ना समझें.
लगभग हर कंपनी डिस्काउंट्स को मार्केटिंग स्ट्रेटेजी की तरह इस्तेमाल करती है. इससे ग्राहक मोटिवेट होते हैं और आपसे प्रोडक्ट्स खरीदते हैं. आप एक के साथ एक प्रोडक्ट मुफ्त का ऑफर निकाल सकते हैं. कभी-कभी फ्लैट 50 फीसदी डिस्काउंट दे सकते हैं. फ्री गिफ्ट वाउचर दे सकते हैं, जिनसे अगली बार खरीदारी करने पर डिस्काउंट मिले. इन तरीकों से आपके ग्राहकों की संख्या बढ़ती है. वहीं ग्राहक अगर आपके पास एक सामान खरीदने आएंगे तो अधिकतर लोग ऐसे होंगे जो एक से अधिक सामान लेकर जाएंगे.