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14 रूटों पर चलेगी कॉरपोरेट ट्रेन. (Dna)
भारतीय रेलवे (Indian Railways) अपनी कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को 2022 में 75वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर पूर्ण करने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रहा है. रेलवे, निजी ऑपरेटरों को रेलगाड़ियां चलाने की अनुमति देने के कदम को विश्वस्तरीय सेवाएं प्रदान करने के अवसर के रूप में भी देख रहा है. रेल मंत्रालय के मुताबिक, लखनऊ-नई दिल्ली और मुंबई-अहमदाबाद रूट की ट्रेनों को आईआरसीटीसी को दिए जाने के अलावा 14 रूटों, जिनमें 10 रातोंरात चलने वाले व लंबी दूरी की अंतर-नगरीय ट्रेन और 4 उपनगरीय ट्रेन सेवाओं को चलाने की अनुमति प्राइवेट ऑपरेटरों को देने पर विचार किया जा रहा है.
रेल राज्य मंत्री सुरेश सी. अंगड़ी ने कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने निर्देश दिया है कि सभी विलंबित परियोजनाओं को 2022 तक पूरा कर लिया जाए. हम रुके हुए प्रोजेक्ट को पूरा करने में ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, जिसमें पटरियों को डबल और ट्रिपल करना, इलेक्ट्रिफिकेशन, CCTV लगाना और सिग्नलिंग प्रणाली को अपग्रेड करना शामिल है."
अंगड़ी ने कहा, "विलंबित परिजोयनाओं को पूरा करने के बाद ही नई परियोजनाओं को शुरू किया जाएगा." रेलवे की कई परियोजनाओं में देरी देखने को मिलती है. देश के कई हिस्सों में माल ढुलाई गलियारे के निर्माण, इलेक्ट्रिफिकेशन और पटरियों का दोहरीकरण के कार्य रुके पड़े हैं.
निजी ऑपरेटरों को ट्रेनों को चलाने की अनुमति देने के विषय में मंत्री ने निजी टीवी चैनलों का उदहारण दिया और कहा, "निजी कंपनियों के आने से नई नौकरियां और निवेश के मौके मिलेंगे. लंबी दौड़ में प्रतिस्पर्धा के चलते विकास देखने को मिलेगा."
उन्होंने कहा कि चीन जैसे देशों में ट्रेन 400 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ती है, लेकिन भारत में ट्रेन 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से भी ठीक से नहीं चलती है.
उन्होंने कहा, "विश्व के साथ प्रतिस्पर्धा में बने रहने के लिए हमें कई स्रोतों से निवेश का विकल्प चुनना होगा. जब एक निजी कंपनी और लोग रेलवे में निवेश के लिए आगे आएंगे, इससे अर्थव्यवस्था को बढ़ाने का मौका मिलेगा."