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Sukanya Samriddhi Yojana: देश की बेटियों के उज्जवल भविष्य के लिए मोदी सरकार (Modi Government) ने एक अनोखी योजना की शुरुआत की थी, जिसे 'सुकन्या समृद्धि योजना' (Sukanya Samriddhi Yojana) के नाम से जाता जाता है. यह स्कीम 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' अभियान के अंतर्गत शुरू की गई थी. इस योजना से जुड़ने पर माता-पिता को अपनी बेटियों की शिक्षा से लेकर उनकी शादी तक के लिए खर्च उठाने में मदद मिलती है. इस समय में अगर आप इस योजना से जुड़ते हैं तो आपको 7.6 प्रतिशत ब्याज मिलेगा.
इनकम टैक्स कानून के सेक्शन 80-C के तहत सुकन्या समृद्धि योजना में निवेश करने पर टैक्स में भी छूट मिलती है. मतलब ये कि हर साल 1.5 लाख रुपए का इन्वेस्टमेंट करने पर आप टैक्स में छूट का लाभ उठा सकते हैं. इसके अलावा, स्कीम में मिलने वाला रिटर्न भी टैक्स फ्री है. खास बात यह है कि हर फाइनेंशियल ईयर यानि 31 मार्च तक सुकन्या स्कीम में निवेश करने पर आप फाइनेंशियल ईयर के लिए टैक्स छूट का फायदा उठा सकते हैं.
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ध्यान रहे कि अगर आपकी बेटी की उम्र 10 साल से कम है तो आप कभी भी सुकन्या समृद्धि खाता खुलवा सकते हैं. यह अकाउंट 250 रुपए के मिनिमम बैलेंस पर खोला जा सकता है. बता दें, पहले इसके लिए 1000 रुपए जमा करने पड़ते थे, लेकिन अब ऐसा नहीं है. इसके साथ ही, किसी भी फाइनेंशियल ईयर में सुकन्या समृद्धि स्कीम में 1.5 लाख रुपए जमा किए जा सकते हैं.
आप अपने आस-पास किसी भी पोस्ट ऑफिस या बैंक में ये खाता खुलवा सकते हैं. साथ ही, खाता खुलने के 21 साल तक या बेटी के 18 साल के होने तक इसे चालू रखा जा सकता है. इसके बाद, बेटी के 18 साल की होने पर हायर एजुकेशन के लिए इस खाते से 50% तक रकम निकाली जा सकती है.
सुकन्या समृद्धि स्कीम के तहत बेटी के माता पिता या अभिभावक उसके नाम से खुलवा सकते हैं. इसे बेटी के जन्म से उसके 10 साल की उम्र तक आने पर खुलवाया जा सकता है. नियम के अनुसार एक बच्ची के लिए एक ही खाता खोला जाएगा और इसमें हर साल 1.5 रुपये तक पैसे जमा कराए जा सकते हैं.
जब ये खाता खुलवाने जाएं, तो बेटी का बर्थ सर्टिफिकेट बैंक या पोस्ट ऑफिस जरूर दें. इसके बिना खाता नहीं खोला जाएगा. इसके साथ ही, बेटी और उसके माता-पिता/अभिभावक का पहचान पत्र भी देना होगा.
महज 250 रुपये से भी यह खाता खुलवाया जा सकता है. इसके बाद 100 रुपये के मल्टीपल में खाते में पैसे डलवाए जा सकते हैं. एक फाइनेंशियल ईयर में मिनिमम 250 रुपये खाते में जमा कराना जरूरी है, और ज्यादा से ज्यादा 1.50 लाख रुपये जमा कराए जा सकते हैं. यह रकम चाहें तो एक बार में जमा करा लें या फिर थोड़े -थोड़े कई बार में भी जमा कराए जा सकते हैं.
सुकन्या समृद्धि खाता खुलवाने के 15 साल के अंदर तक आप इसमें पैसे डलवा सकते हैं. इसके बाद आपको 6 और साल तक (कुल 21 साल तक) इस पर ब्याज मिलता रहेगा. उदाहरण के तौर पर अगर आपकी बेटी 7 साल की है तो उसके 22 साल का होने तक आप अकाउंट में पैसे डलवाते रहें और उसके 28 साल का होने तक इस पर इंटरेस्ट मिलता रहेगा.
सुकन्या समृद्धि खाते में मिनिमम बैलेंस न जमा करने पर खाता अनियमित हो जाता है. इसके बाद इसे 50 रुपये सालाना की पनाल्टी दे कर नियमित कराया जा सकता है. इसके साथ ही हर साल के लिए कम से कम जमा कराई जाने वाली रकम भी खाते में डालनी पड़ेगी. अगर पेनाल्टी भी न चुकाई गई, तो अकाउंट में जमा रकम पर पोस्ट ऑफिस के सेविंग अकाउंट के लगभग ही इंटरेस्ट मिलेगा, जो कि करीब 4 फीसदी होता है. अगर इस खाते के तहत ज्यादा ब्याज जमा किया जा चुका है, तो उसे रिवाइज भी किया जा सकता है.
आप इस अकाउंट में कैश, चेक या डिमांड ड्राफ्ट से पैसे जमा करवा सकते हैं. इसके लिए जो पैसे जमा कर रहा है और जिसके नाम पर खाता खुला है, दोनों का नाम लिखा होना जरूरी है. इसके अलावा, इस खाते में इलेक्ट्रॉनिक ट्रांसफर मोड से भी रकम जमा कराई जा सकती है, बशर्ते उस बैंक या पोस्ट ऑफिस में कोर बैंकिंग सिस्टम मौजूद हो. अगर इस खाते में चेक या ड्राफ्ट से पैसे जमा करा रहे हैं तो उसके क्लियर होने के बाद से इस पर इंटरेस्ट मिलने लगेगा.