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Sovereign Gold Bond: सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड यानी सरकारी गोल्ड बॉन्ड की नई सीरीज आ गई है. 24 तक इस बॉन्ड में आवेदन करने का मौका होगा. गोल्ड बॉन्ड क्या है, इसमें कैसे निवेश कर सकते हैं, इसके फायदे क्या हैं, टैक्स बेनिफिट क्या हैं? मतलब गोल्ड बॉन्ड से जुड़े सारे सवालों के जवाब आज हम आपको देंगे. FY23 की पहली गोल्ड बॉन्ड सीरीज खुली है. इसके लिए इश्यू प्राइस 5,091 रुपए/ग्राम पर तय किया गया है. ऑनलाइन खरीदारी पर इसमें 50 रुपए की छूट दी जा रही है. आइये जानते हैं आपके मन में चल रहे सवालों के जवाब...
- सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड सोने में निवेश की सरकारी स्कीम.
- डिजिटल गोल्ड में निवेश का विकल्प.
- 2015 में सरकार ने सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड शुरू किया था.
- बैंकों से ऑनलाइन और ऑफलाइन खरीद सकते हैं.
- ऑनलाइन खरीद पर `50/ग्राम की छूट.
- पोस्ट ऑफिस से भी हो सकती है खरीद.
- स्टॉक होल्डिंग कॉर्पोरेशन के जरिए खरीद संभव.
- BSE, NSE के प्लेटफॉर्म से भी खरीद संभव.
- बैंक में खाता होना जरूरी.
- लॉकइन पीरियड 8 साल.
- कम से कम 1 ग्राम के यूनिट में कर सकते हैं निवेश.
- अधिक से अधिक 4 किलो निवेश की सीमा.
- इंडिविजुअल, HUF के लिए 4 किलो की अधिकतम निवेश सीमा.
- ट्रस्ट के लिए 20 किलो की अधिकतम निवेश सीमा.
- एक पूरे वित्त वर्ष के लिए अधिकतम निवेश की सीमा.
1. सालाना 2.5% का ब्याज, छमाही आधार पर ब्याज भुगतान.
2. GST के दायरे में नहीं, फिजिकल गोल्ड पर 3% GST.
3. गोल्ड बॉन्ड में ट्रांसफर का भी विकल्प.
4. बॉन्ड के बदले लोन लेने का भी विकल्प.
5.शुद्धता की दिक्कत नहीं.
6. मेच्योरिटी बाद कोई टैक्स नहीं.
7. घर मे रखने का झंझट नहीं.
- 8 साल के बाद निकासी पर कैपिटल गेन टैक्स नहीं.
- गोल्ड बॉन्ड पर ब्याज की रकम टैक्सेबल.
- मेच्योरिटी से पहले निकासी पर कैपिटल गेन टैक्स.
- बॉन्ड ट्रांसफर पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन पर इंडेक्सेशन बेनिफिट.
- 8 साल में मिलेगा 20% का ब्याज.
- निवेश की गई रकम पर मिलता है ब्याज.
- निकासी पर सोने के बाजार भाव के आधार पर भुगतान.
- ब्याज के अलावा सोने में तेजी का भी फायदा.
- 999 प्योरिटी वाले गोल्ड का औसत क्लोजिंग भाव.
- इश्यू से ठीक पहले IBJA के 3 दिनों के औसत भाव का आधार.
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