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PF Account Update: अगर आप नौकरीपेशा हैं तो EPFO अकाउंट में आपका पीएफ अकाउंट (PF Account) जरूर होगा. पीएफ अकाउंट को सक्रिय बनाकर रखना बहुत जरूरी है, क्योंकि इसमें रिटायरमेंट के लिए एकमुश्त राशि को इकट्ठा करके रखा जाता है. हालांकि कई बार ऐसा होता है कि आप नौकरी बदलने या नौकरी छोड़ने के बाद अपने प्रॉविडेंट फंड को ट्रांसफर करना भूल जाते हैं. ऐसे में आपको कई नुकसान हो सकते हैं. आइए जानते हैं कि पीएफ का पैसा ट्रांसफर करना कितना जरूरी है.
नौकरी छोड़ने वाले लोगों को इस बात की संतुष्टि रहती है कि अगर वो अपने पीएफ अकाउंट (PF Account) में निवेश नहीं कर रहे हैं तो भी ब्याज मिलने पर उनकी जमा रकम बढ़ रही है. यहां आपको ये जान लेना बहुत जरूरी है कि अगर आपने 36 महीने तक अपने पीएफ अकाउंट में कोई कॉन्ट्रिब्यूशन नहीं किया है तो आपका अकाउंट निष्क्रिय हो सकता है.
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ऐसे में खाता को सक्रिय रखने के लिए कुछ रकम तीन साल से पहले निकालनी होगी. कंपनी छोड़ने के बाद भी पीएफ अकाउंट पर ब्याज मिलता रहेगा और 55 साल की उम्र तक निष्क्रिय नहीं होगा.
नियमों के मुताबिक, पीएफ पर मिले ब्याज पर टैक्स लगता है. बता दें कि अगर आपने पीएफ खाते के निष्क्रिय होने के बाद भी पैसा क्लेम नहीं किया तो ये रकम सीनियर सिटीजन वेलफेयर फंड में चली जाती है.
ईपीएफ और एमपी एक्ट, 1952 की धारा 17 के जरिए छूट पाने वाले ट्रस्ट भी सीनियर सिटीजन वेलफेयर फंड के नियमों के दायरे में आते हैं. इन्हें भी खाते की रकम को वेलफेयर फंड में ट्रांसफर करना होता है.
बता दें कि ये रकम सीनियर सिटीजन वेलफेयर फंड में बिना क्लेम के 25 साल तक रहती है. इस दौरान पीएफ अकाउंट होल्डर (PF Account holder) रकम पर दावा कर सकता है. अगर आप 55 साल में रिटायर होते हैं तो खाते को निष्क्रिय ना होने दें. अंतिम बैलेंस जल्द से जल्द निकाल लें. बता दें कि पीएफ अकाउंट 55 साल तक निष्क्रिय नहीं होगा.