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Post Office की कई योजनाएं आपको टैक्स छूट दिलाती हैं. (प्रतीकात्मक तस्वीर)
Post Office Tax Saving Schemes: इनकम टैक्स रिटर्न भरने (ITR Filing) का वक्त करीब आ रहा है और टाइम है टैक्स सेविंग का. ऐसे में आपके पास ऐसे अफोर्डेबल ऑप्शंस होने जरूरी हैं जो आपको अच्छा रिटर्न भी दे और आपको टैक्स छूट (Tax Benefits) भी दिलवाए. मिडिल क्लास के लिए पोस्ट ऑफिस की स्कीम काफी किफायती और फायदेमंद हो सकती हैं. हम आपको पोस्ट ऑफिस की ऐसी ही पांच स्कीम के बारे में बताने जा रहे हैं जो आपको टैक्स बेनेफिट देती हैं.
पब्लिक प्रॉविडेंट फंड पोस्ट ऑफिस के सबसे पॉपुलर निवेश माध्यमों में से एक है. इसमें आप 15 सालों के टेन्योर के लिए निवेश कर सकते हैं आपको साल में न्यूनतम 500 रुपये का निवेश करना ही होता है, वर्ना अकाउंट बंद कर दिया जाता है. साल में अधिकतम 1.5 लाख का निवेश किया जा सकता है. मैच्योरिटी पीरियड 15 साल है, जिसे 5-5 सालों के ब्लॉक में आगे बढ़वाया जा सकता है. इस स्कीम में निवेश करने पर आपको इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 80C के तहत आप साल में अधिकतम डेढ़ लाख की छूट पा सकते हैं. इतना ही नहीं आपको इसपर मिले ब्याज रिटर्न पर भी टैक्स नहीं भरना होता. इसमें आपको 7.1% सालाना की दर से रिटर्न मिलता है.
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गर्ल चाइल्ड के लिए किया जाने वाली ये निवेश स्कीम भी आपको टैक्स पर छूट दिलाती है. अगर आपकी 10 साल से छोटी बेटी है, तो आप उसके नाम पर ये निवेश शुरू कर सकते हैं. एक बच्ची के नाम पर एक ही अकाउंट खोला जा सकता है और एक परिवार में अधिकतम दो ही अकाउंट ओपन कराए जा सकते हैं. ये 21 साल के टेन्योर का निवेश है, जिसमें आपको 15 सालों तक पैसे जमा कराने होते हैं. इसमें भी आपको 80C के तहत टैक्स बेनेफिट्स मिलते हैं. ये स्कीम 7.6% सालाना की दर से ब्याज देती है.
नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट एक सेफ और सिक्योर इन्वेस्टमेंट टूल है, जहां गारंटीड रिटर्न मिलता है. सेक्शन 80C में टैक्स छूट आपको इस योजना के तहत भी मिलती है. इसका टेन्योर 5 साल का है. मिनिमम निवेश का अमाउंट 1000 रुपये है. इसमें टैक्स के नियम थोड़े अलग हैं. आपको मैच्योरिटी और विदड्रॉल पर जो ब्याज का फायदा मिला है, वो तो टैक्सेबल होगा लेकिन स्कीम के पहले चार सालों में सालाना ब्याज इसमें रीइन्वेस्ट हो जाता है, जिसके चलते इसे एक अलग इन्वेस्टमेंट के तौर पर देखा जाता है और इसपर आपको 80C के तहत डेढ़ लाख तक का डिडक्शन मिलता है. NSC में निवेश पर आपको 6.8% की दर से ब्याज मिलता है.
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देश में 60 साल के ऊपर के नागरिक इस योजना के तहत आपको छूट मिलती है. इसके अलावा 55 साल के ऊपर और 60 साल के नीचे के ऐसे लोग जो या तो रिटायर हो चुके हैं या फिर VRS ले चुके हैं, उनको भी इस योजना में निवेश की छूट है. इसमें भी आप पांच सालों के लिए निवेश कर सकते हैं. आप मल्टीपल अकाउंट ओपन करा सकते हैं, लेकिन निवेश का अधिकत अमाउंट 15 लाख से ऊपर नहीं जाना चाहिए. आपको 80C के तहत इसमें भी टैक्स डिडक्शन मिलता है, लेकिन अगर ब्याज का अमाउंट 40,000 रुपये से ऊपर जाता है तो इसपर TDS भरना पड़ता है. इस स्कीम में आपको सालाना 7.40% की दर से ब्याज का फायदा मिलता है.
ये बैंक में फिक्स्ड डिपॉजिट जैसी ही पोस्ट ऑफिस की फिक्स्ड डिपॉजिट योजना है. इसमें आप 1, 2, 3 या 5 सालों (मैक्सिमम टेन्योर 5 साल है) तक इन्वेस्ट कर सकते हैं. मिनिमम अमाउंट 1,000 रुपये होना चाहिए, अधिकतम अमाउंट की कोई सीमा नहीं है. आपको इसके डिपॉजिट पर 80C के अंदर डिडक्शन तभी मिलता है, जब आपका टेन्योर पांच सालों का हो, वर्ना आपको टैक्स छूट नहीं मिलती है. आपको इसमें अलग-अलग टेन्योर पर अलग-अलग दर से ब्याज मिलती है. 5 सालों के निवेश पर आपको सालाना 6.7% की दर से ब्याज मिलता है.
पोस्ट ऑफिस स्कीम | अवधि | ब्याज दर | टैक्स छूट | ||
| मूलधन | ब्याज | मैच्योरिटी | |||
| पब्लिक प्रॉविडेंट फंड (PPF) | 15 साल | 7.10% | हां | हां | हां |
| सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) | 21 साल | 7.60% | हांं | हांं | हांं |
| नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (NSC) | 5 साल | 6.80% | हांं | हांं | नहीं |
| सीनियर सिटीजंस सेविंग्स स्कीम (SCSS) | 5 साल | 7.40% | हां | नहीं | नहीं |
| पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट | 5 साल | 5.5%-6.7% | हां | नहीं | नहीं |