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EPFO rule change 2025: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) जल्द ही कर्मचारियों के हित में बड़े बदलाव करने की योजना बना रहा है. सूत्रों की मानें तो EPFO 3.0 के तहत कई नई सुविधाएं और पॉलिसी लागू की जा सकती हैं, जिनमें एटीएम से पीएफ का पैसा निकालने, इक्विटी में निवेश, और कर्मचारी अंशदान की सीमा (Employee contribution limit) खत्म करने जैसे बदलाव शामिल हैं. सूत्रों की मानें तो इसमें सबसे बड़ा बदलाव कर्मचारियों की तरफ से होने वाले डिपॉजिट लिमिट को लेकर बदलाव देखने को मिल सकता है. अभी कर्मचारियों के 12 फीसदी अंशदान की लिमिट को EPFO खत्म कर सकता है. खत्म करने का मतलब है कि इस लिमिट को बढ़ाया (EPFO employee contribution increase) जा सकता है. सोशल सिक्योरिटी को ध्यान में रखते हुए ऐसा किया जा रहा है. अगर ये बदलाव होता है तो देश के करीब 6.7 करोड़ कर्मचारियों को एक बड़ा फायदा होगा.
मौजूदा वक्त में EPF अकाउंट के तहत कर्मचारी हर महीने अपनी बेसिक सैलरी का 12% योगदान करते हैं. इसमें नियोक्ता का योगदान भी इतना ही होता है. लेकिन अब सरकार इस सीमा को खत्म करने पर विचार कर रही है. इस बदलाव के पीछे की सबसे बड़ी वजह है कि रिटायरमेंट के बाद कर्मचारियों को ज्यादा पेंशन और रिटायरमेंट फंड मिले. नई योजना के तहत, कर्मचारी अपनी सैलरी का 12% से ज्यादा हिस्सा पीएफ में योगदान कर पाएंगे.
- रिटायरमेंट के बाद बड़ा फंड
- पेंशन में वृद्धि
- निवेश के बेहतर विकल्प
कर्मचारी: बेसिक सैलरी का 12% योगदान
नियोक्ता: बेसिक सैलरी का 12% योगदान
नियोक्ता के 12% योगदान को ऐसे जमा किया जाता है:
- 8.33% पेंशन स्कीम में
- 3.67% पीएफ अकाउंट में
सूत्रों के मुताबिक, नया नियम या बदलाव आने के बाद कर्मचारियों को अपनी लिमिट तय करने की छूट मिल सकती है. हालांकि, ये 12 फीसदी से कम नहीं होगी. उससे ऊपर का ऑप्शन वैकल्पिक होगा. सिर्फ कर्मचारियों के योगदान की सीमा को ही खत्म करने पर विचार हो रहा है. इसका असर नियोक्ता के योगदान पर नहीं पड़ेगा.
EPFO के नियमों के मुताबिक, अभी एम्प्लॉयर यानि नियुक्ता की तरफ से 12% योगदान में से 8.33% रकम कर्मचारी के पेंशन स्कीम अकाउंट में जमा की जाती है. वहीं, 3.67% रकम हर महीने EPF अकाउंट में जमा होती है. हालांकि, इसकी अधिकतम लिमिट 15 हजार रुपए है. ऐसे कर्मचारी जिन्होंने 1 सितंबर, 2014 के बाद ज्वाइन किया है, उनके पेंशन फंड में 8.33 फीसदी या अधिकतम 15 हजार रुपए के अंशदान की ही छूट है.