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बैंकों को 25 लाख करोड़ रुपए की जरूरत पड़ेगी. इसमें 20 लाख करोड़ जमा योजनाओं से जुटाने की योजना है. (फोटो : PTI)
देश के सरकारी बैंकों को दो साल में करीब 20 लाख करोड़ रुपए की जरूरत पड़ेगी ताकि 13-14% क्रेडिट ग्रोथ बनाई जा सके. रेटिंग एजेंसी क्रिसिल (CRISIL) ने ऐसा अनुमान जताया है. इससे ग्राहकों को FD पर बढ़े ब्याज रेट का फायदा मिल सकता है. 4 जनवरी 2019 तक बैंक डिपॉजिट की ग्रोथ 9.9% थी जबकि क्रेडिट ग्रोथ 14.5% था.
इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक क्रिसिल का अनुमान है कि बैंकों को 25 लाख करोड़ रुपए की जरूरत पड़ेगी. इसमें 20 लाख करोड़ जमा योजनाओं से जुटाने की योजना है. बैंकिंग क्षेत्र को उच्च गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों (NPA) का प्रबंधन करने में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है, जिसके कारण आधे सरकारी बैंकों को आरबीआई के प्रॉम्प्ट करेक्टिव एक्शन (PCA) ढांचे के तहत रखा गया है, जिसके कारण वे सामान्य ऋण देने वाले व्यवसाय नहीं कर पाते.
पीसीए ढांचे से बाहर निकलने में मदद करने के लिए सरकार कुछ तुलनात्मक रूप से स्वस्थ बैंकों के पुनर्पूंजीकरण सहित कई उपाय लागू कर रही है. सरकार ने संकेत दिया है कि चार-पांच बैंक जल्द ही पीसीए से बाहर हो सकते हैं. सरकार चाहती है कि अर्थव्यवस्था में तरलता की स्थिति सुधारने की दिशा में इन बैंकों का योगदान फिर से शुरू हो.