इस साल भारत में करीब 88% लोग छोड़ने वाले हैं नौकरी, जानिए ये सभी क्यों बदल रहे हैं जॉब

पेशेवरों के लिए नौकरी बदलने के सबसे बड़े कारणों में बेहतर सैलरी, प्रमोशन और अच्छे वर्क एन्वायरमेंट की मांग है.
इस साल भारत में करीब 88% लोग छोड़ने वाले हैं नौकरी, जानिए ये सभी क्यों बदल रहे हैं जॉब

नौकरी में बढ़ते कॉम्पीटीशन के बीच 88% पेशेवर इस साल अपनी नौकरी बदलने पर विचार कर रहे हैं. एक ताजा रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि भारत में लगभग 10 में से नौ (88%) पेशेवर आर्थिक अनिश्चितता के बावजूद 2024 में नई नौकरी पर विचार कर रहे हैं. पेशेवर नेटवर्किंग प्लेटफॉर्म लिंक्डइन के मुताबिक, 2023 की तुलना में यह आंकड़ा 4% ज्यादा है.

88% पेशेवर 2024 में नौकरी बदलेंगे

रिपोर्ट में कहा गया, यह दृष्टिकोण में बदलाव का संकेत देता है, जहां पेशेवर अपने करियर के मालिक खुद हैं और अपने करियर विकास पर ध्यान केंद्रित करके खोए हुए समय की भरपाई करना चाहते हैं. 24 नवंबर, 2023 से 12 दिसंबर, 2023 के बीच पूरे भारत में फुल टाइम और पार्ट टाइम जॉब वाले 1,097 पेशेवरों का सर्वेक्षण किया गया. रिपोर्ट कहती है कि 88% पेशेवर 2024 में नौकरी बदलने पर विचार कर रहे हैं. यह आंकड़ा पिछले साल की तुलना में 4% अधिक है.

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मनचाही नौकरी पाने के लिए करें ये काम

लिंक्डइन की करियर एक्सपर्ट और सीनियर मैनेजिंग एडिटर निरजिता बनर्जी ने कहा, अपनी नौकरी की तलाश में सफल होने के लिए, पेशेवरों के लिए यह आवश्यक है कि वे अपनी प्रोफाइल को बेहतर बनाने, अपने कौशल को उजागर करने और उद्योग के विकास के बारे में सूचित रहने के लिए टाइम दें. उन्होंने कहा, इससे उन्हें मनचाही नौकरी पाने की संभावना बढ़ने में मदद मिलेगी और मजबूती के साथ करियर बनाने के लिए आवश्यक कौशल विकसित करने में मदद मिलेगी.

इन कारणों से नौकरी बदलना चाहते हैं लोग

इस चुनौतीपूर्ण आर्थिक माहौल में पेशेवरों के लिए नौकरी बदलने के सबसे बड़े कारणों में बेहतर कार्य जीवन संतुलन (42%) और उच्च वेतन की आवश्यकता (37%) शामिल है. वे करियर की नई राह तलाशने के भी इच्छुक हैं, 79% का कहना है कि वे अपने उद्योग या भूमिका से बाहर अवसरों की तलाश कर रहे हैं.

नौकरी ढूंढना है कठिन

इसके अलावा, रिपोर्ट में कहा गया है कि लगभग आधे (45%) पेशेवर नहीं जानते कि अपने कौशल को अपनी इच्छित नौकरी के साथ कैसे मिलाया जाए, जिससे नौकरी खोजने की प्रक्रिया और अधिक कठिन हो जाती है. आंकड़ों के मुताबिक, भारत में 2015 के बाद से नौकरियों के लिए कौशल में 30% का बदलाव आया है. पेशेवरों को भी नौकरी ढूंढना कठिन लग रहा है, 55% का कहना है कि नौकरी की तलाश करना निराशाजनक है और 59% का कहना है कि उन्हें भर्ती करने वालों से शायद ही कभी जवाब मिलता है.

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