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एसबीआई ने अपने ग्राहकों को खाते में न्यूनतम बैलेंस रखने की अपील की है. (फोटो: रॉयटर्स)
देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने रेगुलर सेविंग्स बैंक अकाउंट में पैसे रखने के नियमों पर गाइडलाइंस बनाई हुई है. 1 अप्रैल 2019 के बाद भी बचत खाते पर यही नियम लागू होंगे. बैंक की यह गाइडलाइंस मिनिमम बैलेंस को लेकर दी जाती हैं. इसमें अगर आप अपने खाते में न्यूनतम बैलेंस बरकरार नहीं रख पाते हैं तो बैंक आपसे मोटा जुर्माना वसूलेगा. हाल ही में बैंक खाते में न्यूनतम बैंलेस नहीं होने पर SBI ने जुर्माने से करोड़ों रुपए कमाए हैं. इसके बाद मिनिमम बैलेंस का मामला फिर चर्चा में आया है.
मिनिमम बैलेंस मेंटेन रखने की अपील
एसबीआई ने अपने ग्राहकों को खाते में न्यूनतम बैलेंस रखने की अपील की है. इससे ग्राहकों को पेनाल्टी का चार्ज नहीं चुकाना होगा. न्यूनतम बैलेंस हर खाते के लिए अलग-अलग है. न्यूनतम बैलेंस घटने पर बैंक 5 से 15 रुपए तक पेनाल्टी लगाता है.
4 कैटेगरी में शाखाओं को बांटा
बैंक की आधिकारिक वेबसाइट sbi.co.in के अनुसार ग्राहक SBI ने अपनी शाखाओं को 4 भागों-मेट्रो (Metro), शहरी (Urban), अर्द्ध शहरी (Semi Urban) और ग्रामीण (Rural) में बांटा हुआ है. इसके आधार पर शाखाओं में न्यूनतम बैलेंस अलग-अलग 1000 रुपए से लेकर 3000 रुपए तक रखा गया है. अधिक जानकारी के लिए नीचे दिए गए लिंक पर जाए https://bank.sbi/portal/documents/28392/54637/Guidelines_on_MAB.pdf/58680d82-ecac-4053-8362-4980fec65d52 पर जा सकते हैं.
बैंक की ओर से एक अप्रैल को जारी हुए नए चार्जेस की लिस्ट

मिनिमम बैलेंस के नियम को ऐसे समझें
कैसे होती है मिनिमम बैलेंस की कैलकुलेशन
मतलब यह कि आपने खाते से भले ही पैसा निकाला या डिपॉजिट किया हो, लेकिन फिर भी आपका एक दिन के आखिर में बैलेंस 3000 रुपए से ज्यादा रहा, इसलिए पेनाल्टी नहीं लगेगी. वहीं बैलेंस 3000 से कम रहता तो पेनल्टी लगाई जाती.