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एक्सिस बैंक (Axis Bank) की तरफ से पिछले ही महीने फिक्स्ड डिपॉजिट (Fixed Deposit) पर ब्याज दरों को 15 बीपीएस यानी 0.15 फीसदी बढ़ाया गया था. वहीं अब बैंक ने इन दरों में 50 बीपीएस यानी 0.50 फीसदी की तगड़ी कटौती कर दी है. यह कटौती छोटी अवधि की एफडी के लिए की गई है. बैंक की वेबसाइट के अनुसार यह नई ब्याज दरें 15 सितंबर से लागू हो गई हैं. इस कटौती का असर उन एफडी पर नहीं होगा, जो पहले से ही बैंक में चालू हैं. हालांकि, अगर आप नई एफडी कराना चाहते हैं तो आपको अब कम ब्याज दर मिलेगी.
एक्सिस बैंक की तरफ से की गई इस कटौती के बाद 7 दिन से 10 साल तक की एफडी पर ब्याज दरें 3 फीसदी से 7.10 फीसदी हो गई हैं. अगर आप ऑनलाइन एफडी करवा रहे हैं तो कम से कम 5000 रुपये की एफडी करा सकते हैं. वहीं अगर आप ब्रांच जाकर एफडी कराना चाहते हैं तो इसके लिए आपको कम से कम 10 हजार रुपये की एफडी करानी होगी.
बैंकों का फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) निवेश का एक भरोसेमंद ऑप्शन है. FD में निवेश की सुविधा आपको 7 दिन से 10 साल तक की अवधि के लिए मिलती है. बैंकों में जमा पर भरोसा रहने के साथ-साथ इस पर एक निश्चित ब्याज आपको तय समय पर मिलती है. उस वक्त बाजार के हालात चाहे जो हों आपको डिपॉजिट पर तय ब्याज मिलेगा. FD की सिर्फ इतनी ही खासियत नहीं है, बल्कि कई ऐसे फायदे हैं, जिन्हें हमें जानना चाहिए. आइए ऐसे ही 5 फायदों के बारे में जानते हैं.
FD करने के बाद आपके पास यह मौका रहता है कि आप मैच्योरिटी से पहले भी पैसा निकला सकते हैं. हालांकि, प्री-मैच्योर विद्ड्रॉअल के लिए आपको कुछ चार्ज देना पड़ता है. अलग-अलग बैंकों में यह अलग-अलग होता है. अमूमन यह एक फीसदी तक हो सकता है. FD की इसी खासियत के चलते इसे लिक्विड निवेश भी कहा जाता है. अगर अचानक कोई इमरजेंसी आ जाए तो आप तुरंत FD से पैसा निकाल सकते हैं.
FD की एक खासियत यह भी है कि आप इसके बदले लोन ले सकते हैं. अगर आपको अचानक पैसे की जरूरत आ जाए तो बिना एफडी को तुड़वाए आप इसके बदले लोन ले सकते हैं. आमतौर पर जितने रुपये की एफडी होती है, उसका 90 फीसदी तक लोन के रूप में आसानी से मिल जाता है. अमूमन एफडी की एवज में मिलने वाले लोन पर ब्याज एफडी से एक फीसदी अधिक होता है.
FD पर ब्याज दरों में बदलाव का असर नहीं होता है. एक बार जिस ब्याज दर FD में आपने निवेश कर दिया, वह आपको गारंटीड मिलेगा. इस दौरान, अगर ब्याज दर कम होती है तो भी तय ब्याज ही मिलेगा. अगर इस दौरान बैंक अपनी ब्याज दर को बढ़ा देती है तो निवेशक को इसका फायदा नहीं मिलता है. वहीं, अगर घटा भी दें तो निवेशक को कोई नुकसान होगा.
FD में निवेश के कई ऑप्शन मिलते हैं. इसमें आप अपनी रकम और समय के मुताबिक FD करा सकते हैं. आमतौर पर एफडी 7 दिन से लेकर 10 साल तक की अवधि के लिए कराई जा सकती है. एसबीआई न्यूनतम 1000 रुपये तक की FD करता है. वहीं एसबीआई में एफडी की अधिकतम राशि को लेकर कोई सीमा नहीं है.
FD को देश में सबसे ज्यादा रिस्क फ्री निवेश ऑप्शन माना जाता है. बैंकों पर आरबीआई की निगरानी रहती है. किसी दूसरे जमा विकल्पों के मुकाबले एफडी एक सेफ ऑप्शन है.