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Car Care Tips: सर्दियों का मौसम आ चुका है और सर्दी में बाहर कार चलाना अपने आप में एक चुनौती है. इस चुनौती को मजबूरी कहो या शौक, करना ही पड़ता है. लेकिन सर्दियों में गाड़ी चलाने के लिए कुछ खास टिप्स की जरूरत पड़ती है. कोहरे की मार और कम विजिलिटी की वजह से कार ड्राइव करना थोड़ा मुश्किल और खतरनाक भी हो जाता है. ऐसे में कार ड्राइवर को जरूरत है कि वो कुछ खास टिप्स के जरिए ही ड्राइविंग करें. सर्दियों में कार ड्राइविंग करते समय फॉग लाइट्स और ड्राइविंग लैम्प्स का खास ख्याल रखना जरूरी है. अब इन दोनों लाइट्स का इस्तेमाल कैसे करना है और कब करना है, इसके लिए कुछ टिप्स को ध्यान में रखना जरूरी है.
इन दोनों लाइट्स का इस्तेमाल आप सर्दियों के मौसम या फिर कम विजिबिलिटी के चलते कर सकते हैं. फॉग लाइट वो होती है, जो कंपनी पहले से भी आपकी कार में लगाकर देती है. वहीं ड्राइविंग लैम्प्स आप आम तौर पर आफ्टरमार्केट से लगवाते हैं. इन दोनों के बारे में अलग से जान लेते हैं.
फॉग लाइट्स का इस्तेमाल घने कोहरे या फिर कम विजिबिलिटी के लिए किया जाता है. इन लाइट्स को ऐसा बनाया गया है, जिससे कम विजिबिलिटी में भी सड़क के आगे वाले हिस्से को आसानी से देखा जा सके. बता दें कि फॉग लाइट्स का इस्तेमाल तभी किया जाता है, जब काफी ज्यादा जरूरी हो. अगर दिन या ज्यादा विजिबिलिटी या रात में बिना कोहरे के फॉग लाइट जलाएं तो ट्रैफिक को चकाचौंध कर सकता है. ऐसे में फॉग लाइट का इस्तेमाल करना खतरनाक हो सकता है.
ड्राइविंग लाइट्स वो लाइट्स होती हैं, जो आमतौर पर उन लोगों की ओर से लगाई जाती हैं, जो रातभर में ज्यादा सफर करते हैं या फिर जिनको लंबे समय के लिए सफर करना होता है. ड्राइविंग लैम्प्स एक्सट्रा लाइट्स होती हैं, जो आफ्टरमार्केट में कंपनियों से खरीद सकते हैं.
हाई-बीम लाइट की तुलना में ड्राइविंग लैम्प्स लाइट को दूर तक प्रोजेक्ट करने का काम करते हैं. यहां एक बात जरूर ध्यान करने योग्य है कि ड्राइविंग लाइट्स लगाने से पहले ये जरूर जान लें कि उसे लेकर आपके राज्य में क्या नियम हैं.