ज्यादा पानी पीना भी सेहत के लिए है खतरनाक! जान लीजिए ये जरूरी नियम वरना खराब हो जाएगी किडनी

World Kidney day: पानी पीने आपकी सेहत और त्वचा के लिए काफी अच्छा होता है लेकिन क्या आपको पता है कि ज्यादा पानी पीना भी आपकी सेहत के लिए सही नहीं है.
ज्यादा पानी पीना भी सेहत के लिए है खतरनाक! जान लीजिए ये जरूरी नियम वरना खराब हो जाएगी किडनी

(Source: Pexels)

World Kidney day: आपने डॉक्टर्स को और बड़े बुजुर्गों को नसीहत देते सुना होगा कि 'खूब पानी पिया करो'- ये बात कुछ हद तक ही सही है. लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि पानी जरूरत से ज्यादा पी लिया जाए तो किडनी का हाल बुरा हो सकता है. आज World Kidney day है और आज हम आपको उन गलतियों के बारे में बताएंगे जिसकी वजह से भारत में किडनी के मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है. ज्यादा पानी पीना उसमें से एक है. ज्यादा पानी पीना असल में एक बीमारी है, इसे हाइपोनेट्रिमिया कहा जाता है.

अगर आप जरूरत से ज्यादा पानी पी रहे हैं तो आपकी किडनी बेकार हो सकती है. शरीर से सारे वेस्ट प्रोडक्ट को निकालने का काम किडनी का है. जितना पानी शरीर खपा लेता है, उसके बाद किडनी यूरिन के रुप में पानी और गंदे पदार्थ बाहर निकालने का काम करती है. जरूरत से ज्यादा पानी से किडनी पर काम का बोझ बढ़ जाता है. इसी तरह जो लोग देर तक यूरिन को रोककर रखते हैं – वो भी किडनी पर बोझ डालते हैं. ये दोनों, वो आदते हैं जो भारत में किडनी के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी करने में अहम योगदान दे रही हैं.

2 करोड़ लोगों को है किडनी की बिमारी

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इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) के मुताबिक, दुनिया में हर साल 17 लाख लोगों की जान किडनी की बीमारी की वजह से जा रही है. 2 करोड़ लोग किडनी की किसी ना किसी बीमारी के शिकार हैं. भारत में तकरीबन 80 लाख लोग किडनी के मरीज हैं और सबसे खराब बात मरीजों को बीमारी का पता तब चलता है जब 60 से 70 प्रतिशत किडनी फंक्शन नहीं हो रहा होता. भारत में होने वाले कुल ट्रांसप्लांट ऑपरेशन में सबसे ज्यादा नंबर किडनी ट्रांसप्लांट का है.

क्या आपका किडनी बीमार है?

  • बिना वजह थक रहे हैं.
  • लगातार जी खराब रहता है, उल्टियां आ रही हैं.
  • एंग्जाइटी रहती है.
  • पेशाब कम आ रहा है.
  • पैरों और टांगो में सूजन है.
  • वजन कम हो रहा है और भूख नहीं लग रही हो.
  • सांस ठीक से नहीं ले पा रहे हैं.

पानी की अहमियत

क्या आप जानते हैं कि दुनिया भर में मौजूद सारे पानी को अगर 4 लीटर के जग के जितना मान लिया जाए तो पीने योग्य पानी एक चम्मच जितना होगा. धरती पर इतना कम पानी है पीने लायक है. हमारा शरीर 70 प्रतिशत पानी से बना है. हमारे मस्तिष्क का 75 प्रतिशत हिस्सा पानी है. फेफड़ों का 90 प्रतिशत हिस्सा पानी है और हमारे शरीर में मौजूद रक्त का 82 प्रतिशत हिस्सा पानी है.

कितना पानी पीना चाहिए?

अब सवाल ये उठता है कि पानी कितना पीना चाहिए. एक औसत नियम ये है कि 8 से 10 ग्लास पानी रोजाना पीना चाहिए. मोटे तौर पर दो लीटर लेकिन ज्यादा देर धूप में रहने वाले, शारीरिक कसरत करने वाले और खिलाड़ी जिनकी कसरत ज्यादा है, उन्हें ज्यादा पानी की जरूरत होती है. कम पानी पीने से किडनी स्टोन्स, कब्ज़ और डीहाइड्रेशन की समस्या हो सकती है. हालांकि ज्यादा पानी पीने से भी लोगों को कई बीमारियां हो सकती हैं.

डॉक्टर भी सलाह देते हैं कि अपनी प्यास के मुताबिक पानी पीएं. यही सबसे सही पैमाना है. खाने खाने के बाद पानी ना पीने का फॉर्मूला आयुर्वेद के सिद्दांतों पर आधारित है. एलौपेथी के डॉक्टर इस नियम को लेकर एकमत नहीं है. उनके मुताबिक इंसान स्वयं अपनी जरूरत पहचान कर ये नियम बना सकता है. कम और ज्यादा के बीच संतुलन बनाना आपको सीखना होगा.

कैसे रखें किडनी हेल्दी

  • बीपी को काबू में रखें.
  • मोटापे से दूर रहें.
  • शराब और तंबाकू को ना कहें.
  • रोजाना कसरत करें.
  • पानी ना ज्यादा पिएं और ना कम.
  • पेशाब को देर तक ना रोकें.
  • पेनकिलर्स लेने से बचें, किडनी के खराब होने में इन दवाओं का योगदान रहता है.

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