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Your Smartphone listening your secret: आज के समय में हर किसी के पास स्मार्टफोन होता है. उस स्मार्टफोन की आपको इतनी आदत हो जाती है, कि उसे आप अपने पास से कहीं जाने नहीं देते हैं. वहीं इन स्मार्टफोन्स में कई सारे ऐसे ऐप्स होते हैं, जिनके पास हमारे कॉन्टैक्स, माइक्रोफोन और कैमरे का एक्सेस होता है. ऐसा तब होता है जब हम अपने स्मार्टफोन में इन ऐप्स को इंस्टॉल कर रहे होते हैं, तो बिना सोचे समझे इन सभी चीज़ों का एक्सेस दे देते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि इन चीज़ों का एक्सेस देना आपके लिए भारी पड़ सकता है. क्योंकि ये ऐप्स और आपका फोन हमेशा आपकी बाते सुनता है.
फोन में कुछ ऐप्स का होना डेली लाइफ के हिसाब से बेहद जरूरी हो गया है. ये ऐप्स गूगल, फेसबुक, इंस्टाग्राम और स्नैपचैट हैं, जिन ऐप्स को इस्तेमाल करने के लिए आपको माइक और कैमरे का एक्सेस देना पड़ता है. जैसे ही गूगल असिसटेंट के लिए आपको माइक्रोफोन की परमीशन देनी पड़ती है. इसका एक्सेस दिए बिना आप वॉयस असिस्टेंट को कमांड नहीं दे सकते हैं. इसके अलावा वॉयस टू स्पीच फीचर का इस्तेमाल करने के लिए भी हमें माइक का एक्सेस देना पड़ता है.
इसके अलावा, फेसबुक जैसे ऐप्स को भी माइक्रोफोन की परमीशन देनी पड़ती है. ये ऐप टैप टू स्पीच और वीडियो चैटिंग के लिए इसकी परमीशन मांगता है. हम इन ऐप्स को आसानी से परमीशन दे देते हैं, लेकिन जब हम इसके माइक का इस्तेमाल नहीं कर रहे होते हैं तब भी बैकेंड में ये ऐप्स काम करते रहते हैं और माइक्रोफोन के जरिए हमारी सारी बातें सुनते रहते हैं.