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डिफेंस और एयरोस्पेस इलेक्ट्रॉनिक्स सॉल्यूशन मुहैया कराने वाली कंपनी Data Patterns (India) Limited ने IN-SPACe के साथ एक अहम डील की है. यह डील लाइसेंसिंग और ट्रांसफर ऑफ टेक्नोलॉजी (ToT) से जुड़ी है. ToT एग्रीमेंट को Data Patterns (India) Limited के वाइस प्रेसिडेंट G Kuppuswamy और IN-SPACe के टेक्निकल डायरेक्टर Rajeev Jyoti ने साइन किया है. इस टेक्नोलॉजी को ISRO के स्पेस एप्लिकेशन्स सेंटर में डेवलप किया गया है.
इस टेक्नोलॉजी को ISRO के स्पेस एप्लिकेशन्स सेंटर (Space Applications Centre) में डेवलप किया गया है. यह ISRO की आने वाले हाई-रिजॉल्यूशन सिंथेटिक अपर्चर रडार (Synthetic Aperture Radar-SAR) सैटेलाइट NISAR [(NASA-ISRO Synthetic Aperture Radar)] का अहम हिस्सा है.
Kuppuswamy ने कहा कि यह टेक्नोलॉजी Data Patterns की SAR रडार बनाने में मदद करेगी. Data Patterns को उम्मीद है कि इस टेक्नोलॉजी को आर्टीफीशियल इंटेलिजेंस टूल्स की मदद से और बेहतर किया जा सकता है, जिससे ऑब्जेक्ट का पता लगाने और क्लासिफिकेशन में आसानी होगी. उन्होंने कहा कि यह डील भारत के स्पेस रिसोर्स और तेजी से बढ़ती स्पेस गतिविधियों को बेहतर तरीके से यूटिलाइज करने की दिशा में एक अहम कदम है.
सरकार की तरफ से पॉलिसी में बदलाव किए जाने के चलते भारत का स्पेस ईकोसिस्टम और इकनॉमी खुल रहे हैं. इससे Data Patterns और IN-SPACe दोनों को ही अपनी जानकारी, अनुभव और स्किल्स को बढ़ाने में मदद मिलेगी, जिसे आने वाले मौकों का फायदा उठाया जा सकेगा.
आज यानी 16 अक्टूबर को सुबह Data Patterns (India) Limited का शेयर करीब 22 रुपये की गिरावट के साथ 2005.60 रुपये के लेवल पर खुला. दिन के कारोबार में यह गिरावट और बढ़ गई, जिसके बाद शाम को कंपनी का शेयर 33 रुपये यानी करीब 1.63 फीसदी की गिरावट के साथ 1994.65 रुपये के लेवल पर बंद हुआ. दिन के कारोबार में कंपनी ने 1974.60 रुपये का न्यूनतम स्तर और 2024 रुपये का उच्चतम स्तर छुआ.