&format=webp&quality=medium)
Ganganyaan Mission: अंतरिक्ष एजेंसी इसरो (इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गनाइजेशन) ने अपने महत्वाकांक्षी मानव अभियान ‘गगनयान’ के लिए इस वर्ष परीक्षणों की एक श्रृंखला तैयार की है. इसरो के अध्यक्ष एस. सोमनाथ ने कहा था कि 2024 "गगनयान की तैयारियों" का वर्ष होगा. अब पीएमओ में राज्यमंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा है कि गगनयान में महिला रोबोट अस्ट्रोनॉट 'व्योममित्र' स्पेस में जाएगी. गगनयान देश का पहला मानव स्पेस मिशन है, जिसमें स्पेस फ्लाइट में भारतीय अस्ट्रोनॉट्स को अंतरिक्ष में लाया जाएगा.
डॉ.जितेंद्र सिंह ने कहा है कि, '"व्योममित्र" मिशन इस साल की तीसरी तिमाही के लिए शेड्यूल किया गया है, जबकि एक मानवयुक्त मिशन "गगनयान" अगले साल, यानी 2025 में लॉन्च किया जाना है.व्योममित्र संस्कृत के दो शब्द व्योम (आकाश) और मित्र (दोस्त) से मिलकर बना है. ये महिला रोबोट अस्ट्रोनॉट मॉड्यूल पैरामीटर्स की निगरानी करने, अलर्ट जारी करने और लाइफ सपोर्ट ऑपरेशन को पूरा करने की क्षमता से लैस है. यह छह पैनलों को संचालित करने और सवालों के जवाब देने जैसे काम कर सकती है.'
बकौल जितेंद्र सिंह, 'डॉ. जितेंद्र सिंह ने आगे बताया कि "व्योममित्र" को इस तरह से डिजाइन किया गया है ताकि अंतरिक्ष वातावरण में इंसान कैसे काम करेंगे इसे समझा जा सके. इसके अलावा लाइफ सपोर्ट सिस्टम के प्रभाव को भी समझा जा सके.' इसके अलावा डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि चंद्रयान 3, जो पिछले साल 23 अगस्त को चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर उतरा था, अपनी नॉर्मल प्रोसेस को फॉलो कर रहा है. इसके द्वारा भेजे गए महत्वपूर्ण इनपुट समय के साथ साझा किए जाएंगे.
आपको बता दें कि साल के पहले दिन इसरो ने पीएसएलवी सी58 अभियान के तहत अपने पहले ‘एक्स-रे पोलरिमीटर’ उपग्रह (एक्सपोसैट) को सफलतापूर्वक कक्षा में स्थापित कर दिया था. इसके बाद इसरो के चेयरमैन ने बताया थाकि "हम इस साल कम से कम 12-14 अभियानों के लिए तैयार होने जा रहे हैं. 2024 गगनयान की तैयारियों का वर्ष होने जा रहा है, हालांकि यह 2025 के लिए लक्षित है.