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Mutual fund STP: म्यूचुअल फंड निवेशकों के लिए सिस्टमैटिक इंवेस्टमेंट प्लान (SIP) के निवेश का एक बेहतर ऑप्शन है. छोटी बचत करने वालों के लिए रेग्युलर निवेश का यह आसान तरीका है. SIP में रेग्युलर निवेश लंबे समय तक किया जाए, तो एक अच्छा खास फंड बनाने में मदद मिल सकती है. एसआईपी की तरह सिस्टमैटिक ट्रांसफर प्लान (STP) भी निवेशकों के लिए निवेश का एक अच्छा ऑप्शन है. सीधे शब्दों में समझें तो एसटीपी एक ऐसी एसआईपी है, जो एक म्यूचुअल फंड स्कीम से दूसरे म्यूचुअल फंड स्कीम में ट्रांसफर की जाती है.
बीपीएन फिनकैप प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर एके निगम का कहना है कि असल में STP एक तरह की एसआईपी है. इसमें निवेशकों को एक ही एसेट मैनेजमेंट कंपनी के एक स्कीम से दूसरे स्कीम में एक रेगुलर इंटरवल पर एक तय रकम ट्रांसफर करने की सुविधा मिलती है. अगर बाजार में उतार-चढ़ाव का अंदेशा है, तो इक्विटी फंड में एकमुश्त पैसा लगाने की बजाए सिस्टमैटिक ट्रांसफर प्लान का ऑप्शन चुन सकते हैं. इसमें निवेशक एकमुश्त रकम डेट फंड में लगाते हैं.
इसके बाद एक तय समय अंतराल पर उस स्कीम से थोड़ा-थोड़ा निवेश इक्विटी स्कीम में ट्रांसफर करते रहते हैं. डेट फंड में एकमुश्त पैसा लगाने से सुरक्षित रिटर्न मिलता रहता है, वहीं एक तय अवधि में आपका पैसा धीरे धीरे ज्यादा रिटर्न देने वाली इक्विटी स्कीम में ट्रांसफर हो जाता है. असल में यह सुविधा निवेशकों को अलग-अलग एसेट क्लास के बीच बिना फंड स्विच करते हुए अपने इंवेस्टमेंट पोर्टफोलियो को रीबैलेंस करने में मदद करती है.
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STP को ऐसे समझिये, मान लीजिए आपके पास 10 लाख रुपये का सरप्लस अमाउंट हैं, जिसे आप निवेश करना चाहते हैं. इक्विटी मार्केट के उतार चढ़ाव से डर लग रहा है. ऐसे में अगर आप STP के जरिए निवेश करते हैं, तो 10 लाख एकमुश्त डेट फंड में निवेश हो जाएगी. डेट फंड की अल्ट्रा शॉर्ट टर्म, लो ड्यूरेशन और लिक्विड फंड इसके लिए बेहतर ऑप्शन है.
वहीं, आप स्कीम लेते हुए ही यह तय कर लेते हैं कि इस 10 लाख रुपये में हर महीने 50 हजार रुपये इक्विटी फंड में ट्रांसफर होगा. ऐसे में पहले महीने आपका 50 हजार इक्विटी स्कीम में ट्रांसफर हो जाता है और 9.50 लाख डेट फंड में रहता है. इसका मतलब हुआ कि इस महीने 9.5 लाख पर आपको डेट फंड का सुरक्षित रिटर्न मिलेगा. दूसरे महीने फिर 50 हजार ट्रांसफर होगा और डेट में 9 लाख निवेश रह जाएगा. धीरे धीरे 20 महीने में आपका पूरा पैसा इक्विटी फंड्स में चला जाएगा. इस तरह ज्यादा रिटर्न की गुंजाइश होती है.
एके निगम का कहना है कि मार्केट में उतार चढ़ाव हो या एकमुश्त बड़ी रकम निवेश करनी हो, तो इसे एसटीपी के जरिए निवेश करना बेहतर ऑप्शन है. इसमें आप पहले कम जोखिम वाले डेट फंड में एकमुश्त निवेश करते हैं फिर अपना फंड धीरे-धीरे इक्विटी फंड में ट्रांसफर करते हैं. कुल-मिलाकर देखें तो एसटीपी और एसआईपी निवेश के दो अलग-अलग तरीके हैं.
एसटीपी उन निवेशकों के लिए बेहतर है जिनके पास एकमुश्त रकम है और जो कॉस्ट एवरेजिंग व बाजार के उतार-चढ़ाव का लाभ उठाना चाहते हैं. जबकि, STP के जरिए आप एक ही स्कीम में रेग्युलर निवेश करते हैं. एसआईपी में लॉन्ग टर्म तक निवेश पर कम्पाउंडिंग का जबरदस्त फायदा मिलता है.