&format=webp&quality=medium)
EV सेक्टर की ग्रोथ को देखते हुए ईवी शेयर अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं. आने वाले समय में ये कंपनी भी कमाल कर सकती है. (PTI)
Electric Vehicle Stocks: आज के दौर में देश में इलेक्ट्रिक व्हीकल का दबदबा बढ़ रहा है. पर्यावरण के लिए सुरक्षित और महंगे फ्यूल के बीच किफायती इलेक्ट्रिक व्हीकल की मांग बढ़ती जा रही है. अब लोगों का झुकाव इलेक्ट्रिक व्हीकल की ओर बढ़ने लगा है. यही वजह है कि मौजूदा समय में इलेक्ट्रिक व्हीकल स्टॉक्स (EV Stocks) में काफी हलचल देखने को मिल रही है.
जब इलेक्ट्रिक व्हीकल की बात की जाती है, तब सिर्फ कार बनाने वाले ही नहीं बल्कि पूरी इंडस्ट्री पर फोकस किया जाता है. इसलिए ये सलाह दी जाती है कि ईवी स्टॉक्स के प्रदर्शन के बीच उन स्टॉक्स या शेयर को भी खरीदा जा सकता है, जो कंपनी लिथीयम बैटरी, चार्जिंग स्टेशन, इससे संबंधित पार्ट्स या बाकी प्रोडक्ट बनाती हैं. अगर आप सही ढंग से इन शेयरों में दांव लगाएंगे तो आपको एक तय समय के बाद अच्छी रिटर्न मिल सकती है.
इलेक्ट्रिक व्हीकल इंडस्ट्री के संबंध में Tata Motors, Ashok Leyland और Exide Industries के नाम काफी लोकप्रिय हैं. लेकिन BSE लिस्टेड कंपनी GG Engineering भी इस क्षेत्र में उम्दा प्रदर्शन कर रही है.
Exide Industries देश की सबसे बड़ी बैटरी मैन्यूफैक्चर्र कंपनी है. इसके अलावा Tata Motors और Jaguar Land Rover अपनी गाड़ियों को इलेक्ट्रिफाई करने पर विचार कर रही हैं. देश में मौजूदा समय में Tata Tigor EV और Nexon EV इंडस्ट्री के लीडिंग मॉडल हैं. साल 2020 में कंपनी ने 2,600 इलेक्ट्रिक व्हीकल बेचें, जिससे कंपनी का मार्केट शेयर 63 फीसदी हो गया.
GG Engineering ने पिछले कुछ सालों से बड़ी ग्रोथ देखी है. हाल ही में कंपनी ने अपने नए प्रोडक्ट लाइन को लॉन्च करने की घोषणा की थी. कंपनी ने 3KW से लेकर 22KW तक चार्जिंग स्टेशन लगाने का ऐलान किया था. ये स्टेशन 2/3/4 व्हीलर वहीकल्स को चार्ज करेंगे. प्रोडक्शन और डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क अगले 3 महीने में शुरू हो जाएगा. ये प्रोडक्ट पूरी तरह से मेड इन इंडिया होगा.
इसके अलावा GG Engineering ने देश का पहला ऑटोमैटेड और स्मार्ट RVMs लॉन्च किए. कंपनी को वेस्टर्न रेलवे की ओर से RVMs इंस्टॉल करने का ऑर्डर मिला था. इसके अलावा महाराष्ट्र सरकार की ईवी पॉलिसी का फायदा भी कंपनी को मिला.
महाराष्ट्र सरकार ने अपनी ईवी पॉलिसी के तहत 930 करोड़ रुपए ईवी इकोसिस्टम के प्रोमोशन और डेवलेपमेंट के लिए एलोकेट किए हैं. महाराष्ट्र सरकार की ईवी पॉलिसी मैन्यूफैक्चरिंग कंपनियों के हित में है.