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सरकार किसानों को राहत देने के लिए कई बड़े फैसले ले सकती है, जिनमें फसली ऋण को ब्याज से मुक्त करना तथा कर्नाटक और ओडिशा की तर्ज पर छोटे किसानों को आर्थिक मदद देना शामिल है. (फाइल फोटो)
सरकार अंतरिम बजट की तैयारी में जुटी हुई है. 1 फरवरी को वित्त मंत्री संसद में अंतरिम बजट पेश करेंगे. लोकसभा चुनावों से पहले यह केंद्र सरकार का अंतिम बजट होगा. इस बजट में खेती-किसानी पर खास ध्यान दिया जा रहा है. सरकार किसानों को राहत देने के लिए कई बड़े फैसले ले सकती है, जिनमें फसली ऋण को ब्याज से मुक्त करना तथा कर्नाटक और ओडिशा की तर्ज पर छोटे किसानों को आर्थिक मदद देना शामिल है.
जानकार बताते हैं कि इस बजट में सरकार कुछ ऐसा ऐलान करने जा रही है, जिसमें व्यक्ति किसान को फायदा न होकर बल्कि उसके पूरे परिवार को लाभ मिलेगा. सरकार पैकेज फार्मूले पर विचार कर रही है.
पैकेज फार्मूला किसान परिवार को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है. किसान परिवार के अलावा ज्यादा आर्थिक रूप से पिछड़े परिवारों को भी मदद पहुंचाने के लिए योजनाएं बनाई जा रही हैं.
ओडिशा के कालिया फार्मूले का अध्ययन
बजट में किसानों को ज्यादा से ज्यादा राहत पहुंचाने के लिए विभिन्न सरकार द्वारा की गई कर्ज माफी के साथ-साथ किसान हित में लिए गए अन्य निर्णयों की भी समीक्षा की जा रही है. इसमें ओडिशा का कालिया मॉडल भी शामिल है.
बता दें कि ओडिशा सरकार ने किसानों की मदद के लिए 'जीविकोपार्जन एवं आय वृद्धि के लिए कृषक सहायता' यानी Krushak Assistance for Livelihood and Income Augmentation (KALIA) को योजना शुरू की है. इस योजना के तहत छोटे किसानों को रबी और खरीफ में बोआई के लिए प्रति सीजन 5-5 हजार रुपये की आर्थिक मदद मिलेगी. उम्मीद है कि केंद्र सरकार इस मॉडल को राष्ट्रीय स्तर पर शुरू कर दे.
इसके अलावा ओडिशा सरकार ने 50 हजार रुपये का फसल ऋण 0% ब्याज पर देने का प्रावधान भी किया है. बिना ब्याज वाला लोन खरीफ सीजन के लिए मिलेगा. दलित-आदिवासी भूमिहीन लोगों को कृषि से जुड़े काम करने के लिए 12,500 रुपये की सहायता देने का फैसला लिया है.
तेलंगाना के ऋतु बंधु मॉडल की समीक्षा
इसके अलावा सरकार तेलंगाना सरकार द्वारा शुरू की गईं किसान योजनाओं की भी समीक्षा कर रही है. तेलंगाना सरकार ने किसानों के लिए ऋतु बंधु योजना शुरू की है. इस योजना के तहत राज्य के सभी किसानों को सहायता के रूप में प्रति वर्ष 4,000 रुपये प्रति एकड़ का भुगतान किया जाएगा.
जानकार बताते हैं कि केंद्र सरकार तेलंगाना और ओडिशा सरकार द्वारा शुरू की गई योजनाओं की समीक्षा कर रही है और इस योजना के तहत पड़ने वाले आर्थिक बोझ का अध्ययन किया जा रहा है. सरकार की मंशा है कि किसानों को साल में एकमुश्त राशि का भुगतान किया जाए.