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How to become Rich in India: बॉलीवुड के किंग खान की फिल्म रईस में एक डायलॉग था. 'कोई भी धंधा छोटा नहीं होता और धंधे से बड़ा कोई धर्म नहीं होता'. अगर रईस बनना है तो ये डायलॉग अपने जीवन में भी उतार लीजिए. पैसा कमाने का कोई शॉर्ट कट नहीं है. अगर है तो वो रास्ता सही नहीं है. इसलिए जरूरी है अपनी दिशा और तरीका दोनों सही रखें. निवेश की प्लानिंग और तरीका ठीक होगा तो कोई भी धनवान बनने से नहीं रोक पाएगा.
स्टॉक मार्केट को लोग अक्सर जुआ कहते हैं. लेकिन, ये टेक्निकली करेक्ट नहीं है. ये भी एक धंधा है, जो आपकी समझ और विवेक पर काम करता है. यहां सतर्कता के साथ सही प्लानिंग की जरूरत पड़ती है. लेकिन, अमीर बनने के लिए सिर्फ निवेश ही काफी नहीं है. निवेश कहां करना है और कितना करना है, ये जानकारी भी जरूरी है. शेयर बाजार में निवेश करते वक्त 6 टिप्स आपके काम आएंगी.
इन्वेस्टर का नजरिया हमेशा से लंबी अवधि में निवेश का रहना चाहिए. अक्सर शुरुआती निवेश करने वालों को लंबे समय के लिए निवेश करने की सलाह दी जाती है. बाजार के दिग्गजों का मानना है कि छोटी अवधि में ही मुनाफा कमाने के बजाए निवेश को कई गुना बढ़ने के लिए समय देना चाहिए. झुनझुनवाला के मुताबिक, बाजार में पैसे को मैच्योर होने का समय दें, थोड़ा इंतजार जरूर करना पड़ेगा, लेकिन रिटर्न निश्चित मिलेगा.
बाजार के जानकारों का मुताबिक, कंपनी के शेयर की कीमत यह तय नहीं करती कि आपको उसमें निवेश करना चाहिए या नहीं. बल्कि कंपनी की वैल्यू ज्यादा महत्व रखती है. अक्सर लोग ज्यादा कीमत वाले शेयर को लेना पसंद करते हैं. लेकिन, कंपनी का प्रदर्शन पिछले 1 या 5 साल में कैसा रहा है यह देखना जरूरी है. कंपनी का आउटलुक अच्छा है तो शेयर मार्केट के उतार-चढ़ाव के बावजूद वह आपको अच्छा रिटर्न देगी.
शेयर मार्केट में निवेश बैंकों की तरह हमेशा सुरक्षित नहीं होता. यहां बड़ा रिटर्न है तो रिस्क भी है. इसलिए जरूरी है कि आप कंपनी की पूरी जानकारी लेने के बाद ही पैसा लगाएं. किसी शेयर में सिर्फ इसलिए पैसा नहीं लगाना चाहिए क्योंकि, दूसरे उसमें पैसा लगा रहे हैं. क्योंकि, दूसरे शायद नुकसान उठाने में सक्षम होंगे, लेकिन आप नहीं.
शेयर मार्केट में अगर कंपनी अच्छा प्रदर्शन कर रही है तो जरूरी नहीं वह आपको अच्छा ही रिटर्न देगी. इसलिए जरूरी है निवेश से पहले कंपनी का बैकग्राउंड चेक करें और देखें कि कंपनी ने कितना डिविडेंड दिया है. डिविडेंड शेयर मार्केट में काफी महत्व रखता है. कंपनी अगर लंबे समय से नियमित तौर पर डिविडेंड दे रही है तो इसका मतलब है कि उसके पास कैश की कमी नहीं है. कैश सरप्लस वाली कंपनियां अक्सर अच्छा प्रदर्शन करती हैं.
आपके पास निवेश करने के लिए अच्छी रकम हो सकती है. लेकिन, जरूरी नहीं कि आप सारा पैसा एक बार में निवेश कर दें. मुनाफा कमाने की चाह अच्छी है, लेकिन नियम यह कहता है कि थोड़ा-थोड़ा इन्वेस्टमेंट ही बेहतर रिटर्न की गारंटी देता है. किसी एक शेयर में पैसा लगाते वक्त अपनी निवेश रकम को हिस्सों में बांट लें और समय-समय पर खरीदारी करें. अगर शेयर में गिरावट आती है तो खरीदारी जारी रखें. इससे आपकी खरीद का औसत घट जाएगा.
शेयर मार्केट में यह देखना होता है कि कंपनियों पर कितना कर्ज है. अगर कर्ज कम है तो कंपनियों पर कैश का दबाव नहीं होगा. लेकिन, अगर कर्ज ज्यादा है तो कंपनी की वैल्यूएशन में कभी भी उतार-चढ़ाव आ सकता है. निवेश करने से पहले कंपनी के कर्ज की समीक्षा जरूर करें.