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LIC Scheme: भारतीय जीवन बीमा निगम देश की सबसे बड़ी इंश्योरेंस कंपनी है और आज भी देश के लोग अपने और खुद के परिवार के सुखद भविष्य के लिए एलआईसी की पॉलिसी लेते हैं. एलआईसी अपने ग्राहकों को कई तरह के निवेश और बीमा के विकल्प देती है, जिसमें इंश्योरेंस प्लान, पेंशन प्लान, हेल्थ प्लान और यूनिट लिंक्ड प्लान शामिल हैं. आज हम आपको एलआईसी की एक ऐसी स्कीम के बारे में बताने वाले हैं, जिसमें निवेश करके आपको 22 लाख रुपए तक का सम एश्योर्ड (Sum Assured) मिलता है. ये स्कीम है धन संचय. इस स्कीम में ग्राहकों को गारंटीड रिटर्न मिलता है और साथ कई तरह के फायदे भी मिलते हैं. यहां आप पॉलिसी से जुड़े सभी तमाम डीटेल ले सकते हैं.
ये एक नॉन लिंक्ड, नॉन पार्टिसिपेटिंग, इंडीविजुअल, सेविंग्स, लाइफ इंश्योरेंस प्लान है. ये प्लान आपके परिवार को प्रोटेक्शन और सेविंग्स दोनों का फायदा देता है. पॉलिसी टर्म के दौरान अगर पॉलिसीधारक की मृत्यु हो जाए तो ये कंपनी परिवार को आर्थिक सहायता प्रदान करती है.
इस प्लान के तहत ग्राहकों को दो ऑप्शन्स दिए जाते हैं. पहला- ऑप्शन ए और दूसरा- ऑप्शन बी. ऑप्शन ए में लेवल इनकम बेनेफिट और ऑप्शन बी में इनकम बेनेफिट को बढ़ाने जैसे बेनेफिट मिलते हैं. इसके अलावा सिंगल प्रीमियम पेमेंट के केस में दो और ऑप्शन मिलते हैं. ऑप्शन सी में सिंगल प्रीमियम लेवल इनकम बेनेफिट और ऑप्शन डी में सिंगल प्रीमियम एनहेंस्ड कवर विथ लेवल इनकम बेनेफिट शामिल है.
यहां निवेश करने के लिए 3 साल की उम्र होनी चाहिए. ऑप्शन ए और बी के लिए मैक्सिमम एज 50 साल और ऑप्शन सी के लिए अधिकतम आयु 65 साल और ऑप्शन सी के लिए 40 साल है. इसके अलावा न्यूनतम मैच्योरिटी एज 18 साल है.
ऑप्शन ए और बी के लिए न्यूनतम प्रीमियम की रकम 30000 रुपए है और ऑप्शन सी और डी के लिए प्रीमियम की रकम 2 लाख रुपए है. हालांकि अधिकतम प्रीमियम की कोई सीमा नहीं है. इसके अलावा ऑप्शन ए और ऑप्शन बी के लिए डेथ पर सम एश्योर्ड की राशि 3,30,000 रुपए है. ऑप्शन सी के लिए सम एश्योर्ड की राशि 2,50,000 रुपए और ऑप्शन डी के लिए राशि 22 लाख रुपए है.
इस प्लान के तहत गारंटीड इनकम रिटर्न अग्रिम रूप से देय होगा. मैच्योरिटी की तारीख से अवधि यानी गारंटीड इनकम बेनेफिट की पहली किस्त लाभ परिपक्वता की तिथि पर और उसके बाद, के आधार पर किया जाएगा. पॉलिसीधारक द्वारा चुना गया पेआउट मोड, हर महीने या तीन महीने या छह महीने या मैच्योरिटी की तारीख से सालाना, जैसा भी मामला हो के आधार पर होगा.