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Jan Aushadhi Kendra: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के अपने संबोधन में जन औषधि केंद्रों को लेकर बड़ी घोषणा की थी. पीएम मोदी ने कहा था कि सरकार 'जन औषधि केंद्रों' की संख्या 10,000 से बढ़ाकर 25,000 करने के लक्ष्य को लेकर काम कर रही है. ऐसे में आने वाले महीनों में जन औषधि केंद्र खोलने के रोजगार का अवसर मिलने वाला है. अगर आप भी जन औषधि केंद्र खोलना चाहते हैं तो आपको जान लेना चाहिए कि जन औषधि केंद्र खोलने की पात्रता और शर्तें क्या हैं और आपको इसके लिए क्या करना चाहिए.
मोदी सरकार प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र चलाती है, जिसके तहत देश में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को सस्ती दवाइयां पहुंचाई जाती हैं. ये छोटे मेडिकल स्टोर जैसे होते हैं, जिनपर जेनेरिक दवाइयां सस्ते मूल्य पर मिलती हैं. इसके जरिए सरकार आर्थिक रूप से निम्नवर्गीय परिवारों तक स्वास्थ्य जरूरतों की पहुंच ज्यादा आसान करना चाहती है. सरकार अब इनकी संख्या 10,000 से बढ़ाकर 25,000 करना चाहती है.
1. व्यक्तिगत आवेदन डालने वालों के पास डी.फार्मा/बी. फार्मा डिग्री होनी चाहिए. या फिर ये डिग्री रखने वाले किसी और शख्स को नियुक्त रखना होगा. साथ ही आवेदन के साथ या फाइनल पेपर के वक्त इसका सर्टिफिकेट भी जमा करना होगा.
2. जन औषधि केंद्र खोलने के लिए आवेदन करने वाले किसी भी संगठन, NGO वगैरग को बी. फार्मा/डी. फार्मा डिग्रीहोल्डर को नियुक्त करना होगा और डिग्री का सर्टिफिकेट भी दिखाना होगा.
3. मेडिकल कॉलेजों और सरकारी अस्पतालों में जन औषधि केंद्र खोलने के लिए मेडिकल कॉलेज और सरकारी अस्पताल के मैनेजमेंट की ओर से चुनी किसी एजेंसी, प्रतिष्ठित एनजीओ/धर्मार्थ संगठन भी जन औषधि केंद्र खोलने के पात्र होंगे.
1. कम से कम 120 वर्ग फुट की जगह दो या तो आवेदक की ही हो या किराए पर ली गई हो. जगह की व्यवस्था आवेदक को करनी होगी.
2. फार्मासिस्ट रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट आवेदक जमा करेगा.
3. अगर आवेदक महिला उद्यमी, दिव्यांग, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, भूतपूर्व सैनिक, आकांक्षी दिला, उत्तर-पूर्वी राज्य, हिमालय पर्वतीय क्षेत्र, द्वीप समूह में अधिसूचित आवेदकों को आवेदन शुल्क में छूट मिली है, जिसके लिए आवेदकों को वैध प्रमाण पत्र दिखाना होगा. एक बार श्रेणी चुनने के बाद इसे बदला नहीं जा सकेगा.
4. आवेदन का शुल्क 5,000 रुपये है, जो कि आपको फिर वापस नहीं मिलेगा. महिला उद्यमी, दिव्यांग, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, भूतपूर्व सैनिक, आकांक्षी दिला, उत्तर-पूर्वी राज्य, हिमालय पर्वतीय क्षेत्र, द्वीप समूह में अधिसूचित आवेदकों को आवेदन शुल्क में छूट मिली है, जिसके लिए आवेदकों को वैध प्रमाण पत्र दिखाना होगा.
1. सरकार जन औषधि केंद्र संचालकों को 4 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता देती है. यह सहायता राशि केंद्र की ओर से की गई मासिक खरीद का 15% होती है, जिसकी अधिकतम सीमा 15,000 रुपये प्रति माह है.
2. महिला उद्यमी, दिव्यांग, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, भूतपूर्व सैनिक, आकांक्षी दिला, उत्तर-पूर्वी राज्य, हिमालय पर्वतीय क्षेत्र, द्वीप समूह में अधिसूचित आवेदकों को 2 लाख रुपये की सहायता मिलती है. यह वित्तीय सहायता आईटी और इन्फ्रा खर्च के लिए प्रतिपूर्ति के रूप में एकमुश्त दिया जाता है.
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