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पब्लिक प्रोविडेंट फंड (Public Provident Fund) यानी पीपीएफ निवेश (Investment in PPF) का एक शानदार विकल्प है। इसमें पैसे लगाकर आपको गारंटी के साथ रिटर्न मिलेगा और बैंकों से बेहतर ब्याज मिलेगा. हालांकि, जब भी बात पीपीएफ का आती है तो इस पर मिलने वाले ब्याज का कैल्कुलेशन (Interest Calculation on PPF) समझना बहुत जरूरी है. अक्सर सुनने में आता है कि पीपीएफ के लिए 5 तारीख का एक अहम रोल होता है. सवाल ये है कि आखिर 5 तारीख को इस अकाउंट में क्या (How to invest in PPF) होता, जिसके चलते हर पीपीएफ खाताधारक को इसका फंडा (When to invest in PPF) समझना जरूरी है.
पीपीएफ खाते में निवेश करने पर आपको 7.1 फीसदी की दर से ब्याज मिलेगा. इस वित्त वर्ष की शुरुआत यानी अप्रैल के महीने से कई स्मॉल सेविंग स्कीम के रेट बदले हैं, लेकिन सरकार ने पीपीएफ की ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है. छोटी बचत योजनाओं और पीपीएफ पर दिए जाने वाले ब्याज का सरकार हर तिमाही में आकलन करती है और जरूरत के हिसाब से उसमें बदलाव करती है.
पीपीएफ पर ब्याज दरों का कैल्कुलेशन मासिक आधार पर होता है. हालांकि, इस ब्याज को वित्त वर्ष के अंत में खाते में क्रेडिट किया जाता है. पीपीएफ पर कितना ब्याज मिलेगा, इसकी गणना में 5 तारीख अहम रोल निभाता है. हर महीने की 5 तारीख और आखिरी तारीख (30 या 31) के बीच पीपीएफ खाते के सबसे कम बैलेंस पर ब्याज दिया जाता है. यही वजह है कि 5 तारीख को या उससे पहले पीपीएफ में निवेश कर देना चाहिए, जिससे आपको ब्याज अधिक मिलेगा.
मान लेते हैं कि आपने 5 अप्रैल को या उससे पहले पीपीएफ में 1.5 लाख रुपये डाले. ऐसे में 7.1 फीसदी की दर से आपको मौजूदा वित्त वर्ष के लिए कुल 10,650 रुपये का ब्याज मिलेगा. वहीं अगर आप ये पैसे 6 अप्रैल या उसके बाद किसी दिन डालते हैं तो आपको इस वित्त वर्ष के सिर्फ 11 महीनों के लिए ब्याज मिलेगा. यानी इस स्थिति में आपको 9,763 रुपये ब्याज मिलेगा. मतलब आपको ऐसी स्थिति में 887 रुपये का कम ब्याज मिलेगा.
पीपीएफ पर अगर आपको अधिक ब्याज कमाना है तो अच्छा होगा कि आप वित्त वर्ष की शुरुआत में एक ही बार पूरा पैसा डाल दें. ऐसा इसलिए क्योंकि अगर आप 5 अप्रैल को या उससे पहले ही पूरे साल के लिए 1.5 लाख रुपये निवेश कर देते हैं तो आपको पूरे पैसे पर ब्याज मिलेगा. वहीं अगर आप हर महीने किस्तों में पैसे जमा करते हैं तो मिलने वाला ब्याज कम हो जाएगा. तो अगर आपके पास पैसे उपलब्ध हैं तो एक ही बार में निवेश करना फायदेमंद रहेगा, जबकि अगर ज्यादा पैसे नहीं हैं तो आप हर महीने निवेश करने वाले तरीके को चुन सकते हैं.