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महंगाई जिस रफ्तार से बढ़ रही है और रुपए की वैल्यु घट रही है, उस लिहाज से फ्यूचर की प्लानिंग अभी से शुरू करना जरूरी है. अगर लाइफ में फाइनेंशियल फैसले समय पर लिए जाते हैं तो परेशानी कम होगी. अगर भविष्य को सुरक्षित करने का फैसला देर से किया गया तो इसकी कीमत चुकानी होगी. मान लीजिए कोई इंडिविजुअल बहुत देर से अपने भविष्य को सुरक्षित करने का फैसला करता है. ऐसे में 1 करोड़ का फंड इकट्ठा करने के लिए उसे कितना सेव करना होगा इसके बारे में विस्तार से जानते हैं.
ᴡᴇᴀʟᴛʜ ᴇɴʀɪᴄʜ के फाइनेंशियल प्लानर अद्वैत अरोड़ा ने कहा कि मान लीजिए किसी इंडिविजुअल की उम्र 45 साल है और वह 60 साल की उम्र में रिटायरमेंट के समय 1 करोड़ का फंड चाहता है. ऐसे में अलग-अलग स्कीम के लिए हर महीने जमा की जाने वाली राशि अलग-अलग होगी. अगर वह फिक्स्ड डिपॉजिट में जमा करना चाहता है और जिसका औसत रिटर्न 6 फीसदी है तो 15 साल में 1 करोड़ इकट्ठा करने के लिए उसे हर महीने 35000 रुपए जमा करने होंगे.
गोल्ड और रियल एस्टेट में औसतन 10 फीसदी का सालाना रिटर्न मिलता है. इस लिहाज से हर महीने 24900 रुपए की राशि जमा करनी होगी. अगर म्यूचुअल फंड में औसतन 12 फीसदी का रिटर्न मिलता है तो 15 साल में एक करोड़ पाने के लिए उसे हर महीने 21050 रुपए जमा करने होंगे.
अगर वह शेयर बाजार की समझ रखता है या फिर फाइनेंशियल एक्सपर्ट की मदद से डायरेक्ट स्टॉक में निवेश करता है. मान लीजिए उसका पोर्टफोलियो औसतन 15 फीसदी का रिटर्न दे रहा है तो उसे हर महीने 15000 रुपए जमा करने होंगे. हालांकि, यह पूरी तरह जोखिम आधारित है. लंबी अवधि में स्टॉक हमेशा मल्टीबैगर रिटर्न देते हैं. इसके बावजूद रिस्क बहुत ज्यादा रहता है.