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घर खरीदारों के लिए असमंजस की स्थिति. (पीटीआई फोटो)
Supertech declared bankrupt: रियल एस्टेट कंपनी सुपरटेक से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आ रही है. शुक्रवार यानी आज NCLT यानी नेशनल लॉ कंपनी ट्रिब्यूनल ने सुपरटेक को दिवालिया घोषित कर दिया है. बैंकों की ओर से यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने सुपरटेक को दिवालिया घोषित करने की अर्जी दायर की थी. जिसके बाद इस रियल स्टेट कंपनी को दिवालिया घोषित किया गया.
साल 2021 में बैंकों द्वारा ये मामला दायर किया गया था. जिसे आज यानी शुक्रवार को दिल्ली NCLT ने मंजूर कर लिया. NCLT ने हितेश गोयल को अंतरिम रिजोल्यूशन प्रोफेशनल नियुक्त कर दिया. मतलब कंपनी का कामकाज आज से अंतरिम रिजोल्यूशन प्रोफेशनल के पास चला जाएगा. दरअसल सुपरेटक ने बैंकों के साथ कर्ज अदायगी के लिए वन टाइम सेटलमेंट यानि एकमुश्त निपटारे की स्कीम दी थी. लेकिन बैंकों ने प्रस्ताव को नकार दिया.
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सुपरेटक की तरफ से NCLT में सुनवाई के दौरान यह माना गया था कि कंपनी ने बैंकों का लोन अदा करने में डिफाल्ट किया है. सुपरटेक के NCLT में जाने के बाद घर खरीदारों के लिए असमंजस की स्थिति पैदा हो सकती है. क्योंकि 20 हजार से ज्यादा घर खरीदारों ने कंपनी के प्रोजेक्ट्स में बुकिंग कर रखी है. घर खरीदारों को अपने हितों के रक्षा के लिए अंतरिम रिजोल्यूशन प्रोफेशनल के पास अपना दावा पेश करना होगा.
रिजोल्यूशन प्रोफेशनल इसकी जांच के बाद दावे को मंजूर करेगा. कंपनी को जो भी खरीदने आएगा उसे चुनने में घर खरीदने वाले ग्राहकों के पास भी वोटिंग अधिकार होगा. क्योंकि कानूनन घर खरीदारों को भी फाइनेंशियल क्रेडिटर्स की तरह का ही दर्जा मिला हुआ है. सुपरटेक के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट ने भी नोएडा के एक प्रोजेक्ट में दो टावरों को गिराने का आदेश दिया था. इसके साथ ही इन प्रोजेक्ट्स के घर खरीदारों को पैसे लौटाने को भी कहा है.