Supertech बिल्डर ने बिना OC सर्टिफिकेट के दे दिए 9,705 फ्लैट्स के पोजेशन, रिपोर्ट में खुलासा, समझें पूरा मामला

Supertech News: ग्रेटर नोएडा में इको-विलेज-1 में ओसी (occupancy certificate) के बगैर सबसे ज्यादा 3,171 कब्जे दिए गए. बिना ओसी (OC) हासिल किए बगैर ही 18 आवासीय परियोजनाओं में 9,705 फ्लैट घर मालिकों को सौंप दिए.
Supertech बिल्डर ने बिना OC सर्टिफिकेट के दे दिए 9,705 फ्लैट्स के पोजेशन, रिपोर्ट में खुलासा, समझें पूरा मामला

Supertech News: कर्ज में दबी रियल्टी कंपनी सुपरटेक (Supertech) के अंतरिम समाधान पेशेवर ने एक रिपोर्ट तैयार की है जिसमें कहा गया है कि इस कंपनी ने संबंधित विकास प्राधिकरणों से ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट या ओसी (OC) हासिल किए बगैर ही 18 आवासीय परियोजनाओं में 9,705 फ्लैट घर मालिकों को सौंप दिए. भाषा की खबर के मुताबिक, अंतरिम समाधान पेशेवर (आईआरपी) हितेश गोयल ने कंपनी के बारे में स्टेटस रिपोर्ट राष्ट्रीय कंपनी कानून अपीलीय न्यायाधिकरण (NCLAT) को सौंपी.

NCLAT पहुंचा है Supertech

खबर के मुताबिक, सुपरटेक ने राष्ट्रीय कंपनी कानून न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) के इस साल 25 मार्च के आदेश को अपीलीय न्यायाधिकरण में चुनौती दी है. एनसीएलटी ने कंपनी के खिलाफ दिवाला कार्यवाही शुरू की थी. यह मामला अभी एनसीएलएटी के सामने लंबित है. यह स्टेटस रिपोर्ट उत्तर प्रदेश, हरियाणा और उत्तराखंड में 18 आवासीय परियोजनाओं से संबंधित है. इसे एनसीएलएटी को 31 मई को सौंपा गया था.

Add Zee Business as a Preferred Source

इको-विलेज-1 में ओसी के बगैर सबसे ज्यादा पोजेशन

रिपोर्ट में कहा गया है, प्रबंधन से जो जानकारी मिली है उसके मुताबिक 148 टावर/भूखंड/विला में करीब 10,000 आवास ऐसे हैं जिनमें कब्जे की पेशकश ओसी मिले बगैर ही की गई. इनमें से 9,705 फ्लैट मालिकों ने ओसी (occupancy certificate) के बगैर ही कब्जा ले लिया. इन परियोजनाओं में ग्रेटर नोएडा में इको-विलेज-1 में ओसी (occupancy certificate) के बगैर सबसे ज्यादा 3,171 कब्जे दिए गए. इस रिपोर्ट में गोयल ने कहा कि प्रबंधन ने यह स्पष्ट किया है कि केवल उन्हीं टावर में कब्जा देने की पेशकश की गई जिनके लिए ओसी का आवेदन दिया है और जिनके लिए संबंधित अधिकारियों से वैध अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) मिल चुके हैं.

Supertech के बकाया का भुगतान नहीं हो सका है

प्रबंधन ने यह भी कहा कि वैसे तो ये टावर सौंपने के लिहाज से तैयार हैं लेकिन सुपरटेक लिमिटेड (Supertech) के बकाया का भुगतान नहीं हो सका है इसलिए इनके ओसी अधिकारियों के पास ही हैं. उत्तर प्रदेश रियल एस्टेट नियामक प्राधिकरण (UPRERA) के कानूनी सलाहकार वेंकेट राव ने कहा कि बिल्डर नोएडा और ग्रेटर नोएडा में विकास प्राधिकरणों से जमीन पट्टे पर ले लेते हैं, वहां परियोजना का निर्माण करते हैं लेकिन पट्टे की राशि का भुगतान नहीं करते. ऐसे में जब तक बकाया (UPRERA Supertech dues) का भुगतान नहीं हो जाता, विकास प्राधिकरण उन्हें ओसी नहीं देते.

Zee Business Hindi Live TV यहां देखें

  1. 1
  2. 2
  3. 3
  4. 4
  5. 5
  6. 6