भारत में महिलाएं सोने के गहनों को लेकर काफी संवेदनशील होती हैं. साथ ही सोने को भारत में परंपरागत निवेश का सबसे बेहतर विकल्प माना जाता रहा है. आज भारत में आजादी के 72 साल बाद सोने की खपत की बात की जाए तो यह सालना 900 से 1000 टन के करीब जा पहुंचा है.
साल 2010 में सोना पहली बार 20000 के स्तर को पार कर गया था. (रॉयटर्स)