मॉब लिंचिंग! अंग्रेजी के इन दो शब्दों ने बीते कुछ सालों से लोकतंत्र को शर्मसार करने में कोई कसर नहीं छोड़ी. हर कोई स्तब्ध है. सुप्रीम कोर्ट से लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तक चिंतित हैं, व्यथित हैं और सोचने पर मजबूर कि आखिर कैसे इस नासूर से देश को छुटकारा मिले.
मॉब लिचिंग के खिलाफ मोदी सरकार का रवैया सख्त रहा है.