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महाराष्ट्र (Maharashtra) में ऐसे मामले सामने आए हैं जहां अस्पताल कोरोना मरीजों का लाखों रुपये बिल बना रहे हैं. खास बात ये है कि बिलों में ऐसे चार्ज लगाए जा रहे हैं जिनके बारे में पहले कभी सुना नहीं होगा. (File Photo- Reuters)
कोरोना के इलाज (coronavirus treatment) के नाम पर कई अस्पताल लोगों को लूटने का काम कर रहे हैं. महाराष्ट्र (Maharashtra) में ऐसे मामले सामने आए हैं जहां अस्पताल कोरोना मरीजों का लाखों रुपये बिल बना रहे हैं. खास बात ये है कि बिलों में ऐसे चार्ज लगाए जा रहे हैं जिनके बारे में पहले कभी सुना नहीं होगा.
ऐसे अस्पतालों पर लगाम कसने के लिए महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे एक सर्कुलर जारी करेंगे जिसके मुताबिक, मनमाफिक चार्ज लगाने वाले अस्पतालों के खिलाफ जिला अधिकारी और स्थानीय प्रशासन कार्रवाई करेगा. ऐसे हॉस्पिटलों के खिलाफ पुलिस में भी रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी.
दरअसल, महाराष्ट्र में जनरल बेड के लिए 4,000 रुपये प्रतिदिन, ICU बेड के लिए 7,500 रुपये प्रतिदिन और वेंटिलेटर बेड के लिए 9,000 रुपये प्रतिदिन का चार्ज तय है. इसके बाद भी हॉस्पिटल मरीजों से इलाज के नाम पर लाखों रुपये वसूल रहे हैं.
अस्पतालों द्वारा उल्टे-सीधे चार्ज लगाकर मोटे बिल वसूलने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं. कुछ ऐसे बिल सामने आए हैं जिनमें हॉस्पिटल वाले ऑक्सीजन सिलेंडर की कीमत 4000 रुपये वसूल रहे हैं, जबकि इनकी असल कीमत 150 रुपये के आसपास है.
हॉस्पिटल बायोडिग्रेडेबल वेस्ट चार्ज (Bio degradable waste charge), मॉनिटर चार्ज, हाइजीन चार्ज (hygiene charge), न्यूट्रिशन कंसलटेंट चार्ज, पीपीई किट और गल्व्स के नाम पर उल्टे-सीधे चार्ज वसूले जा रहे हैं.
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देखने में आया है कि एक पीपीई किट (PPE Kit) में डॉक्टर कई मरीजों को देखता है, लेकिन किट का चार्ज हर मरीज से अलग-अलग वसूला जाता है.
महाराष्ट्र सरकार (Maharashtra Government) अब ऐसे हॉस्पिटलों के खिलाफ कार्रवाई करने की तैयारी कर रही है.