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CRISIL Report on Inflation: बढ़ती महंगाई में ग्लोबल एनालिटिक्स कंपनी CRISIL ने एक रिपोर्ट जारी की है जिसके अनुसार भारतीय रसोई में वेजिटेरियन और नॉन वेज दोनों थालियों के दाम कई गुणा बढ़ चुके हैं.बढ़ते टमाटर अदरक मसालों जैसी जरूरी चीजों के दाम एक आम आदमी की जेब पर कैसे और कितने भारी पड़ रहे है, इस रिपोर्ट में विस्तार से बताया गया है. क्रिसिल की रिपोर्ट के मुताबिक वेज थाली जहां 34 फीसदी महंगी हुई है. वहीं, नॉन वेज थाली 13 फीसदी तक महंगी हुई है.
क्रिसिल की रिपोर्ट के मुताबिक बढ़ते टमाटर के दाम महंगी हुई थाली के पीछे की मुख्य वजह है. जुलाई में टमाटरों के बढ़ते दामों की वजह से थाली तीन बार महंगी हुई है. 34 फीसदी महंगी हुई वेज थाली में 25 फीसदी दाम बढ़ने की वजह टमाटर है. टामटर के दाम जुलाई में 233 फीसदी तक बढ़े हैं. टमाटरों का दाम जुलाई में 33 रूपये किलो से 110 रूपये किलो हो गया है. इसके अलावा प्याज और आलू के दामों में भी बढ़ोत्तरी हुई है. प्याज 16 फीसदी और आलू 9 फीसदी महंगे हुए हैं.
मसालों में मिर्च और जीरे के दाम आसमान छू रहे है. मिर्च 69% और जीरा 16% महंगा हुआ है. क्योंकि नॉन वेज थाली मे ब्रॉयलर 50 फीसदी से ज्यादा थाली का हिस्सा है. इसी वजह से नॉन वेज थाली पर जुलाई के महीने में महंगाई का असर 13% पड़ा है. हालांकि, वेजिटेबल ऑयल के दाम दो फीसदी घटने से लोगों को थोड़ी राहत मिली है. केंद्र सरकार 14 जुलाई से ही रियायती दर पर टमाटर की बिक्री कर रही है.
टमाटर की कीमतों में महीने भर से जारी तेजी के बीच थोक व्यापारियों ने आने वाले दिनों में इस सब्जी के भाव 300 रुपये प्रति किलो तक पहुंच जाने की आशंका जताई है. आजादपुर कृषि उपज विपणन समिति (एपीएमसी) के सदस्य अनिल मल्होत्रा ने कहा कि बाजार में टमाटर की आपूर्ति और मांग दोनों कम है और विक्रेताओं को कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है.
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एशिया की सबसे बड़ी थोक फल और सब्जी मंडी आजादपुर मंडी में टमाटर की थोक कीमतें बुधवार को गुणवत्ता के आधार पर 170-220 रुपये प्रति किलोग्राम रही है.