स्मार्ट मीटर नहीं देगा झटका! Industrial और Commercial ग्राहकों के लिए 1 अप्रैल से Time of Day Tariff

नोटिफिकेशन के मुताबिक, Time of Day Tariff राज्य विद्युत बोर्ड/आयोग की ओर से ही तय होंगे. इंडस्ट्रियल और कॉमर्शियल कस्‍टमर्स के लिए समान्य टैरिफ से 1.20 गुना और अन्य ग्राहकों के लिए 1.10 गुना से कम नहीं होगा.
स्मार्ट मीटर नहीं देगा झटका! Industrial और Commercial ग्राहकों के लिए 1 अप्रैल से Time of Day Tariff

स्‍मार्ट मीटर अब कस्‍टमर्स को झटका नहीं देगा. कस्‍टमर्स की सुविधाजनक अनुभव के लिए ऊर्जा मंत्रालय ने टैरिफ पैटर्न को लेकर अहम बदलाव किए हैं. इसके अंतर्गत सरकार इंडस्ट्रियल और कॉमर्शियल कस्‍टमर्स के लिए 1 अप्रैल 2024 से टाइम ऑफ डे टैरिफ (Time of Day Tariff) ला रही है. वहीं, अन्‍य कस्‍टमर्स जिनमें कृषि से संबंधित शामिल नहीं हैं, उनके लिए टैरिफ 1 अप्रैल, 2025 से प्रभावी होगा. ऊर्जा मंत्रालय की ओर से इसको लेकर नोटिफिकेशन जारी किया गया है.

नोटिफिकेशन के मुताबिक, Time of Day Tariff राज्य विद्युत बोर्ड/आयोग की ओर से ही तय होंगे. इंडस्ट्रियल और कॉमर्शियल कस्‍टमर्स के लिए समान्य टैरिफ से 1.20 गुना और अन्य ग्राहकों के लिए 1.10 गुना से कम नहीं होगा. अगर बिजली नॉर्मल सप्लाई से मिली है, तो Solar Hour के दौरान दरें सामान्य रूप तय दरों से 20% कम होंगी. पीक ऑवर्स राज्य की ओर से निर्धारित Solar Hour से ज्‍यादा नहीं हो सकता है. सोलर ऑवर मतलब 8 घंटे से है. दरों में बदलाव की जानकारी एक महीने पहले देनी होगी. सरचार्ज और अन्य डिटेल्स भी वेबसाइट, App पर उपलब्ध रहेंगे.

रोज मिलेगी कंजम्‍प्‍शन की जानकारी

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नए प्रावधान के मुताबिक, स्मार्ट मीटर है तो कंपनी रोज Consumption पैटर्न की जानकारी देगी. दिन में एक बार रीडिंग जरूरी होगा. कंपनी का कर्मचारी 3 महीने में एक बार डाटा रीडिंग के लिए आएगा. SMS, App, वेबसाइट पर अपडेट मिलेगा. स्मार्ट प्री पेड मीटर वाले ग्राहकों को भी वेबसाइट से जानकारी मिल सकेगी.

पेनल्‍टी का भी प्रावधान

नोटिफिकेशन के मुताबिक, स्मार्ट मीटर इंस्टॉल होने के बाद अतिरिक्त डिमांड, जो पहले रिकार्ड हुई है, के लिए कोई पेनल्टी नहीं लगाई जाएगी. बिल साइकिल के दौरान अगर डिमांड बढ़ जाती है तो ग्राहक को बिल में पूरी जानकारी, तारीख़ के साथ देनी होगी. साथ ही SMS, App से भी बताया जाएगा. एक वित्तीय वर्ष में अगर मैक्सिमम डिमांड 3 बार से ज्यादा Sanctioned लिमिट को पार करती है, तो वो Revised Sanctioned Demand हो जाएगी. डिमांड कम होने पर तय प्रक्रिया का पालन करना होगा. ये स्मार्ट मीटर इंस्टाल होने के साथ ही शुरू हो जाएगा.

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