कैपिटल गेन टैक्स दो तरह का होता है, शॉर्ट टर्म और लॉन्ग टर्म. इन पर टैक्स की दर भी अलग-अलग होती है. लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स में स्टॉक मार्केट को सरकार ने पिछले साल ही शामिल किया था.
अलग-अलग सेगमेंट के हिसाब से लॉन्ग टर्म का कैलकुलेशन अलग-अलग होता है.