आम आदमी के लिए जरूरी खबर! सरकार ने किया ये बड़ा ऐलान, गेहूं और आटे की कीमतों पर होगा असर

Wheat Auction: भारतीय खाद्य निगम (FCI) खुली बाजार बिक्री योजना (OMSS) के जरिए 20 लाख टन अतिरिक्त गेहूं जारी करेगी.
आम आदमी के लिए जरूरी खबर! सरकार ने किया ये बड़ा ऐलान, गेहूं और आटे की कीमतों पर होगा असर

Wheat Auction: गेहूं और आटा की कीमतों में कमी को लेकर सरकार का प्रयास जारी है. केंद्र सरकार ने गेहूं और आटे की कीमतों में कमी लाने के लिए खुले बाजार में 20 लाख टन गेहूं अतिरिक्त बेचने का फैसला किया है. केंद्र ने 25 जनवरी को गेहूं और गेहूं के आटे की कीमतों में तेजी पर काबू पाने के लिए अपने बफर स्टॉक से 30 लाख टन गेहूं खुले बाजार में बेचने की घोषणा की थी. एक सरकारी बयान के अनुसार, सरकार ने फैसला किया है कि भारतीय खाद्य निगम (FCI) खुला बाजार बिक्री योजना (OMSS) के तहत 20 लाख टन अतिरिक्त गेहूं खुले बाजार में लाएगा. यह स्टॉक ई-नीलामी के माध्यम से आटा मिलों/निजी व्यापारियों/थोक खरीदारों/गेहूं उत्पादों के निर्माताओं को बेचने के लिए होगा.

सोमवार को फूड एंड पब्लिक डिस्ट्रिब्यूशन विभाग की मिलर्स, गेहूं उत्पाद निर्माताओं के साथ बैठक हुई. सरकार कीमतें बढ़ीं तो स्टॉक लिमिट पर भी विचार कर सकती है.

50 लाख टन गेहूं की होगी नीलामी

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अब तक 50 लाख टन (30+20 लाख टन) गेहूं को ओएमएसएस के तहत बेचने का फैसला किया गया है. 20 लाख टन गेहूं की अतिरिक्त बिक्री के साथ रिजर्व प्राइस में कमी करने जैसे फैसले से उपभोक्ताओं के लिए गेहूं और गेहूं के उत्पादों के बाजार मूल्य में कमी लाने में मदद मिलेगी. पिछली दो ई-नीलामियों में करीब 12.98 लाख टन गेहूं बेचा गया था, जिसमें से 8.96 लाख टन पहले ही बोलीदाताओं द्वारा उठा लिया गया है.

गेहूं का रिजर्व प्राइस घटाया

उचित और औसत (एफएक्यू) गुणवत्ता वाले गेहूं की तय कीमत घटाकर 2,150 रुपये प्रति क्विंटल कर दी गई है, जबकि अंडर रिलैक्स्ड स्पेसिफिकेशंस या कुछ कम गुणवत्ता वाले (यूआरएस) गेहूं की तय कीमत 2,125 रुपये प्रति क्विंटल कर दी गई है. ये नई तय कीमतें, ई-नीलामी के जरिए तीसरी बिक्री वाले गेहूं के लिए लागू हैं.

एफसीआई केंद्रीय पूल स्टॉक से कुल 30 लाख टन गेहूं स्टॉक को ओएमएसएस के तहत विभिन्न मार्गों से बाजार में जारी कर रहा है. इस 30 लाख टन में से, एफसीआई 25 लाख टन आटा चक्की जैसे थोक उपभोक्ताओं को ई-नीलामी के माध्यम से बेचेगी, जबकि 2 लाख टन गेहूं राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को और 3 लाख टन संस्थानों और राज्य-सार्वजनिक उपक्रमों को रियायती दरों पर गेहूं को आटे में बदलने के लिए दिया जाएगा.

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