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Vodafone idea news: टेलीकॉम कंपनी वोडाफोन-आइडिया (VI) को लेकर सरकार से लेकर ग्राहक तक चिंतित हैं. कई मायनों में टेलीकॉम सेक्टर के लिए ये खबर अच्छी नहीं है कि वोडाफोन-आइडिया इस कंडीशन में है. ज्यादातर लोगों के मन में यही सवाल है कि आने वाले दिन VI के लिए कैसे होंगे. क्या कंपनी अपना कारोबार समेट लेगी या फिर सब्सक्राइबर की लड़ाई में वो फिर से अपने आप को खड़ा कर पाएगी. हालांकि, एक्सपर्ट्स और बड़ी रेटिंग रिपोर्ट एजेंसियां मानती हैं कि बड़े कर्ज के बोझ में डूबी वोडाफोन-आइडिया के लिए आने वाले दिन अच्छे नहीं हैं.
वोडाफोन-आइडिया को लेकर एक बुरी खबर यह है कि उसके हाथ से उसके सब्सक्राइबर फिसल सकते हैं. आने वाले 12 महीने यानि 1 साल में उसे लगभग 5-7 करोड़ यूजर्स का नुकसान हो सकता है. वहीं, इस मौके का फायदा भारती एयरटेल और रिलायंस जियो को मिल सकता है. VI के कस्टमर बेस को ये दोनों ही कंपनियां अपनी तरफ खींचना चाहती हैं. एयरटेल अगले 12 महीनों में अपने मौजूदा टैरिफ को बढ़ाकर लगभग 200 रुपए प्रति यूजर्स (ARPU) करने की तैयारी कर रही है. देश में 5G नेटवर्क में निवेश करने के लिए पैसा इकट्ठा करने की भी प्लानिंग है.
Fitch Ratings ने अनुमान लगाया है कि वोडाफोन-आइडिया अपने लाखों ग्राहकों से हाथ धो सकती है. अगले 12 महीने में कंपनी को 7 करोड़ यूजर्स बेस घटने का झटका लग सकता है, जो मौजूदा वक्त के हिसाब से कंपनी के लिए अच्छा नहीं होगा. क्रेडिट रेटिंग एजेंसी ने अपनी एक रिपोर्ट में ऐसा अनुमान जताया है. फिच रेटिंग्स का कहना है कि रेवेन्यू मार्केट शेयर को मजबूत बनाने के लिए रिलायंस जियो और एयरटेल के पास मौका है. राइट्स जारी करके कंपनियां अपना नेटवर्क और मजबूत कर सकती हैं. इससे उन्हें नए ग्राहक जोड़ने में मदद मिलेगी.
एयरटेल FY22 के अंत तक अपने ARPU को बढ़ाने के लिए प्रीपेड यूजर्स के लिए मौजूदा टैरिफ प्लान बढ़ाने का ऐलान कर चुकी है. रेवेन्यू मार्केट पर कब्जा करने के लिए ऐसा ही दूसरी कंपनियों को भी करना होगा. बढ़ते ARPU के लिए आने वाले महीनों में सभी टेलीकॉम कंपनियां टैरिफ बढ़ा सकती हैं.
फिच रेटिंग्स की रिपोर्ट के मुताबिक, Airtel के लिए इस वक्त टैरिफ प्लान में बढ़ोतरी करना जरूरी है. इसका ऐलान भी वो कर चुकी है. ऐसे में उसके लिए ये फैसला वापस लेना आसान नहीं होगा. अगले 12 महीनों में 200 रुपए और लंबी अवधि में 300 रुपए तक टैरिफ बढ़ाना होगा. अगले एक साल में प्रीपेड यूजर्स को 2G से 4G प्लान में शिफ्ट करना भी चुनौती से भरा है. सभी टेलीकॉम कंपनियों को ARPU में 170 से 180 के स्तर तक सुधार करना होगा.