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फिटनेस इंडस्ट्री ने स्पोट्स इक्यूपमेंट्स पर जीएसटी घटाने की मांग की (फाइल फोटो)
मोदी सरकार फिट इंडिया मूवमेंट के जरिये देश मे खासकर युवाओं को फिट बने रहने का संदेश दे रही है. इससे देश में फिटनेस इंडस्ट्री को भी बढ़ावा मिला है. पिछले कुछ समय में दिल्ली मुम्बई जैसे बड़े शहरों में जिम, योगा सेंटर या फिटनेस सेंटर की संख्या तेजी से बढ़ी है. लेकिन फिटनेस इंडस्ट्री का मानना है कि अगर सरकार फिटनेस इंडस्ट्री को टैक्स खासकर जीएसटी की दरों में थोड़ी रियायत दे तो इससे ना केवल फिटनेस मूवमेंट को और अधिक सफल बनाया जा सकता है, साथ ही मेक इन इंडिया मिशन को भी इससे काफी मदद मिलेगी.
स्पोट्स इक्यूपमेंट पर जीएसटी घटाने की मांग
दरअसल फिटनेस इंडस्ट्री - फिटनेस के लिए ज़रूरी तमाम मशीन या इक्विपमेंट जैसे ट्रेडमिल, जिम बाइसिकल, रनिंग मशीन, वगरह ज़्यादातर समान चीन से आता है. इसके चलते घरेलू मैन्युफैक्चर्स को काफी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ता है. फिटनेस इंडस्ट्री के मुताबिक इसके अलावा फिटनेस प्रोडक्ट्स या इक्विपमेंट पर लगने वाले 18% जीएसटी दर की वजह से चुनौती और बढ़ जाती है .
संजय बत्रा, एमडी बेन्सन स्पोर्ट्स (benson sports) के मुताबिक इंडस्ट्री फिटनेस इक्विपमेंट केटेगरी में कई प्रोडक्ट देश मे ही बनाए जा रहे हैं. इससे मेक इन इंडिया को भी बढ़ावा मिलाह है. सरकार जीएसटी की दरों में कटौती करती है तो एक तरफ जहां फिटनेस मूवमेंट को बढ़ावा मिलेगा वहीं बड़ी संख्या में युवाओं को रोजगार भी मिलेगा.
चीन ने मिल रही चुनौती
स्वदेश कुमार , प्रोजेक्ट हेड- स्पोर्ट्स इंडिया 8 सालों से दिल्ली में फिटनेस इंडस्ट्री प्लेयर्स को साथ लेकर मेगा शो करते आ रहे हैं. उन्होंने बताया कि पिछले कुछ सालों से इंडियन फिटनेस इंडस्ट्री में चीन का दबदबा बढ़ा है. ऐसे में सरकार को भारतीय उद्योगों को राहत पहुंचाने के लिए तत्काल कदम उठाने होंगे.