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Repo Rate Cut: वित्तवर्ष 2024-25 में अर्थशास्त्रियों और शेयर बाजार के लिए नीतिगत ब्याज दरों में कटौती बड़ा मुद्दा है. बार-बार रेपो रेट में कटौती पर अलग-अलग अनुमान जारी किए जा रहे हैं. भू-राजनीतिक तनाव के चलते इंटरेस्ट रेट में कटौती की उम्मीदें थोड़ी कमजोर पड़ती जा रही हैं. ऐसे अनुमान जताए जा रहे हैं कि या तो इस साल कटौती नहीं होगी या तो फिर साल के अंत तक होगी. रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया और यूएस फेडरल रिजर्व बैंक दोनों की ही ओर से रेपो रेट पर क्या बड़ा फैसला लिया जा सकता है, इसपर CLSA, Morgan Stanley और BofA की ओर से नए अनुमान आए हैं.
CLSA का कहना है कि RBI के तरफ से रेट कट अगस्त के बजाय अक्टूबर में होने की उम्मीद है. वहीं, यूएस फेड की तरफ से रेट कट सितंबर में नहीं नवंबर में होने की उम्मीद है. रिपोर्ट में कहा गया है कि फेड कटौती से पहले core CPI (कोर उपभोक्ता महंगाई) को कम से कम 0.3% पर स्थिर देखना चाहती है. वहीं, RBI रेट में कटौती के लिए तैयार नहीं है क्योंकि RBI भारतीय रुपये के मामले में जोखिम नहीं लेना चाहता. US के स्लोडाउन होने से Real Repo Rates ग्रोथ में असर संभव है.
BofA (Bank of America) ने कहा है कि फेड के तरफ से रेट कट जून में नहीं अब दिसंबर में होने की उम्मीद है. BofA ने फेड कुल चार रेट कट करेगा यह अनुमान बरकरार रखा है. इसने ये भी कहा है कि 2026 में और 2 रेट कट होने की उम्मीद है.
मॉर्गन स्टैनली ने उम्मीद जताई है कि इस साल तीन रेट कट हो सकता है. जुलाई 2024 में पहली दरों में कटौती की उम्मीद जो पिछले साल जून में हुआ था. इस साल 3 रेट कट की उम्मीद है जो पिछले साल 4 हुआ था. सितंबर 2024 में फेड रेट कट पर पॉज़ की उम्मीद है. सितंबर 2024 के बाद जून 2025 तक प्रत्येक बैठक में दरों में कटौती की जाएगी. साथ ही 2025 में चार रेट कट की उम्मीद जताई गई है. इसके पहले मॉर्गन स्टैनली ने आरबीआई रेपो रेट कट पर अनुमान जताया था कि भारतीय केंद्रीय बैंक की ओर से इस वित्तवर्ष में शायद ही कोई कटौती आए.
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