&format=webp&quality=medium)
Digital Loan अप्रूवल को फास्ट करने की तैयारी में बैंक. (प्रतीकात्मक तस्वीर)
Digital Loan in India: देश में जल्द ही लोन सिस्टम भी पूरी तरह से डिजिटल हो जाएगा. जिस तरह से UPI ने पेमेंट सिस्टम आसान किया है ठीक वैसे ही चंद क्लिक से अब पर्सनल लोन ही नहीं बल्कि होम लोन भी आसानी से मिलेगा, आपको बैंकों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे. बढ़ते Digitalization के दौर में अब भारतीय बैंक लोन सिस्टम भी पूरी तरह से डिजिटल करने की तैयारी में है. पर्सनल से लेकर होम लोन- सब तरह के लोन लेना चंद मिनटों में मुमकिन होंगे.
ग्राहक घर बैठे ऐप या वेबसाइट पर पैन कार्ड, आधार कार्ड, बैंक स्टेटमेंट और इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) जैसी पर्सनल जानकारी के साथ लोन अप्लाई करेगा. बैंक इन्हीं जानकारियों के आधार पर ग्राहक की क्रेडिट स्कोर, AI और सोशल मीडिया के जरिए सिक्योर्ड और अनसिक्योर्ड डेटा जुटाएगा. बैंक ग्राहक के क्रेडिट स्कोर और दूसरी जानकारियों से तय करेगा कि ग्राहक को लोन दिया जा सकता है या नहीं. सब सही रहा तो बिना बैंकों के चक्कर लगाए चंद क्लिक से होम लोन मिल जाएगा. इसमें कम से कम 7 मिनट लगेंगे और ज्यादा से ज्यादा 15 दिन. सब सही रहा तो बिना बैंकों के चक्कर लगाये चंद क्लिक से होम लोन भी 7 मिनट में ही मिल जाएगा.
ये भी पढ़ें: बिगड़े सिबिल स्कोर के कारण नहीं मिल पा रहा है लोन, तो ये तरीके आएंगे काम और हो जाएगा पैसों का इंतजाम
बैंकों से होम लोन लेना एक जटिल प्रक्रिया है, इसी वजह से कई लोग मिनटों में लोन आसानी से पाने के लिये NBFCs (non-banking financial companies) का रूख करते हैं. लेकिन वहां उन्हें ज्यादा इंटरेस्ट देना पड़ता है. ऐसे में बैंक भी अपने ग्राहक गंवाने की बजाय अब अपने हर तरह के लोन अप्रूवल के प्रोसेस को अपने ऐप या या वेबसाइट के जरिए आसान बना रहा है. डिजिटल और पेपरलेस अप्रूवल से बैंकों की लागत भी कम हो रही है.
होम लोन या किसी भी लोन को डिजिटल करने की प्रक्रिया NESL यानी कि National E-Governance Services Ltd के चलते आसान हुई है. NESL एक ऐसी संस्था या कहें सरकारी कंपनी है जिसके पास डिजिटल फॉर्म में दिए गए हर लोन का ब्यौरा होता है. लोन के डिजिटल अप्रूवल को आसान बनाने के लिये NESL आपके आधार के जरिये E-signature की सुविधा भी देता है. यही नहीं stockholding corporation के साथ मिलकर E-stamping की व्यवस्था भी करता है. इसमें दिक्कत सिर्फ उन राज्यों में आ सकती है जहां e-stamping की सुविधा शुरू नहीं हुई है. NESL के पास हर एक लोन का D-mat form में पूरा ब्यौरा होता है. आपके डाटा और NESL की इन्हीं सुविधाओं के इस्तेमाल से बैंको के लिए होम लोन या बाकी लोन सैंक्शन करना यानी मंजूर करना मुमकिन होता है.
ये भी पढ़ें: क्या आपने भी इन दो बैंकों से लिया है लोन, अगले महीने से बढ़ने वाली है EMI, चेक कर लें डीटेल्स
डिजिटल लोन अप्रूवल (Digital Loan Approval) से बैंकों के ग्राहकों की संख्या बढ़ी है और डिजिटल बैंकिंग की बदौलत कई बैंकों का बिजनेस 30-40 फीसदी तक बढ़ा है. लोन के पेपरलेस अप्रूवल से बैंकों का कॉस्ट ऑफ ऑपरेशन भी कम हुआ है, नतीजन मुनाफा बढ़ रहा है. जिस तरह से भारतीय बैंक पेमेंट सिस्टम की तरह लोन सिस्टम भी डिजिटल करने में जुटे हैं, उम्मीद है कि अगले साल तक सौ फीसदी लोन डिजिटल फॉर्म में दिए जाएंगे.
Zee Business Hindi Live TV यहां देखें