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Credit Card Tips: क्रेडिट कार्ड यूज़ करते हैं तो हो सकता है कि आपकी भी वो 'सहा भी न जाए और रहा भी न जाए' वाली हालत हो. यानी इसपर ब्याज का बढ़ता पहाड़ देखकर आपको डर भी लगता हो, लेकिन जरूरत पड़ने पर आप क्रेडिट कार्ड का ही रुख करते हों. ऐसे में कभी-कभी भर-भरके ब्याज जमा करने की नौबत आ जाती होगी, लेकिन अगर आपको इसका समाधान चाहिए तो एक ट्रिक है, जिसकी मदद से आपको ज्यादा ब्याज भरने से राहत मिल सकती है.
क्रेडिट बैलेंस ट्रांसफर (Credit Balance Transfer) का तरीका अपनाकर आप अपने क्रेडिट कार्ड के ब्याज का बोझ कम कर सकते हैं. इस सुविधा के तहत आप अपने क्रेडिट कार्ड का कर्ज एक दूसरे क्रेडिट कार्ड पर ट्रांसफर करा लेते हैं, जिसपर आपको कम ब्याज देना होता है. आइए बताते हैं कि क्रेडिट कार्ड पर बैलेंस ट्रांसफर क्या होता है और आपको इसपर फायदा कैसे मिलता है.
क्रेडिट कार्ड बैलेंस ट्रांसफर से सीधा मतलब एक क्रेडिट कार्ड से बचा हुआ कर्ज दूसरे क्रेडिट कार्ड पर ट्रांसफर करने से है. इसमें आप अपने क्रेडिट कार्ड का आउटस्टैंडिंग कर्ज एक ऐसे क्रेडिट कार्ड में ट्रांसफर करते हैं, जहां आपको कम इंटरेस्ट रेट पर कर्ज मिलता है. इसका फायदा अब तब उठा सकते हैं, जब आप अपने क्रेडिट कार्ड पर बिल पेमेंट नहीं कर पा रहे हैं, यानी कि आपके क्रेडिट कार्ड पर इतना ज्यादा ब्याज देना पड़ रहा है कि इसका असर सीधा आपके बजट पर पड़ रहा है. आप कंपाउंड इंटरेस्ट पर पैसे बचाने के लिए इसका सहारा ले सकते हैं. ये ध्यान रखिए कि बैलेंस ट्रांसफर करने से आपका कर्ज कम नहीं होगा, हां लेकिन सही तरीके से इस्तेमाल करने पर आप कम ब्याज के साथ अपना पूरा कर्ज जल्दी भर सकते हैं.
आपको एक लिमिटेड टाइम तक जीरो इंटरेस्ट की सुविधा मिलती है. अगर आपको 0% APR यानी एनुअल परसेंटेज रेट मिलता है तो आप ब्याज पर पैसे बचा सकते हैं.
अपने कर्ज को कंसॉलिडेट कराने से आपके लिए कर्ज चुकाना आसान हो जाता है. यानी कि आप इस कार्ड में अपने कई कर्ज एक साथ क्लब करा सकते हैं, इससे आपको एक बार में ही एक ही जगह पैसे चुकाने होंगे.
एक ही कार्ड पर क्रेडिट कंसॉलिडेट करने पर आपका क्रेडिट यूटिलाइजेशन रेशियो कम रहेगा, जिससे आपका क्रेडिट स्कोर भी प्रभावित नहीं होगा.
आपको कुछ बैलेंस ट्रांसफर कार्ड्स पर कंज्यूमर प्रोटेक्शन और रिवॉर्ड पॉइंट्स जैसे एक्स्ट्रा बेनेफिट्स भी मिल सकते हैं.
बैलेंस ट्रांसफर कराने के लिए आपको बैलेंस ट्रांसफर फीस देनी होगी. इस सर्विस के तहत आपको अपने कुल बैलेंस का 3 से 5% फीस देनी होती है.
बैलेंस ट्रांसफर कराने पर आपको ध्यान देना चाहिए कि आप इसकी शर्तों और जरूरतों को पूरा भी करें. वर्ना होगा ये कि आपने बैलेंस तो ट्रांसफर करा लिया, लेकिन आपने अपनी खर्चे की आदतें नहीं बदलीं, जिससे कि आपका पहले का कर्ज तो रहा ही, इस नए कार्ड पर और भी खर्च बढ़ गया.
आपको ये भी पता होना चाहिए कि बैलेंस ट्रांसफर के लिए आपका क्रेडिट स्कोर भी अच्छा होना चाहिए. बैंक इसके लिए अच्छे क्रेडिट स्कोर को तरजीह देते हैं.
आखिर में, बैलेंस ट्रांसफर कराने पर आपको कोशिश करनी होगी कि आप इंट्रोडक्टरी APR ऑफर के खत्म होने से पहले अपना कर्ज चुका लें. यानी कि आपको जो कम ब्याज की अवधि मिल रही है, उसके अंदर-अंदर अपना कर्ज भर लें, क्योंकि ये अवधि खत्म होने के बाद आपको रेगुलर APR पर ब्याज भरना होगा, जिससे कि बैलेंस ट्रांसफर का कोई खास मतलब नहीं रह जाएगा.