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नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल (NCLAT) ने जेट एयरवेज (Jet Airways) के नए मालिक जालान-कलरॉक समूह (Jalan-Kalrock consortium) को एविएशन कंपनी के कर्मचारियों के बकाया प्रॉविडेंट फंड का पैसा और ग्रेच्युटी को चुकाने का निर्देश दिया है. विमानन कंपनी जल्द ही अपना ऑपरेशन फिर से शुरू करने जा रही है. NCLAT ने एयरलाइन को ‘आज से एक महीने के भीतर कामगारों और कर्मचारियों को किए जाने वाले पेमेंट का आकलन करने’ का निर्देश दिया है. साथ ही भुगतान के लिए कदम उठाने को लेकर जालान-कलरॉक कंसोर्शियम को इसकी सूचना देने के लिए भी कहा है.
कामगारों के संघों, एयरक्राफ्ट रख-रखाव इंजीनियर्स, ऑफिसर्स एंड स्टाफ एसोसिएशन और अन्य की ओर से दायर याचिकाओं के एक दल को अनुमति देते हुए दो सदस्यीय NCLAT बेंच ने नए मालिक को रिजॉल्यूशन स्पेशलिस्ट की ओर से मंजूर किए गए पीएफ के बकाए का भुगतान करने के लिए कहा था. NCLAT ने कहा, ‘‘सफल समाधान आवेदक को कामगारों को संकल्प योजना में भविष्य निधि के लिए पहले से भुगतान की गई राशि की कटौती करने के बाद दिवालिया कार्रवाई शुरू होने की तिथि तक कर्मकारों को अवैतनिक भविष्य निधि का भुगतान करने का निर्देश दिया जाता है.’’ अपीलेट ट्रिब्यूनल ने कहा कि कर्मचारी भी दिवाला कार्रवाई शुरू होने की तारीख तक देय ग्रेच्युटी के हकदार होंगे.
NCLAT का आदेश राष्ट्रीय कंपनी कानून प्राधिकरण (NCLT) की मुंबई बेंच के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर आया है. इससे पहले NCLT ने जालान-कलरॉक समूह की बोली को मंजूरी दे दी थी.
जेट एयरवेज ने सितंबर में बताया था कि फ्लाइट्स को पट्टे पर लेने के लिए प्लेन मैन्यूफैक्चरर्स और पट्टेदारों के साथ बातचीत काफी आगे बढ़ चुकी है और आने वाले हफ्तों में ऑपरेशन फिर से शुरू होने की उम्मीद है. जालान-कलरॉक कॉन्सर्शियमको इस साल मई में विमानन नियामक नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) से फिर से फ्लाइट ऑपरेटर का सर्टिफिकेट मिला था.
एयरलाइन के अधिकारियों के अनुसार, जेट एयरवेज का ऑपरेशन इस साल के अंत से पहले शुरू हो जाएगा और शुरुआती बेड़े की योजना को अंतिम रूप देने के करीब है.